गीडा थानेदार के खिलाफ लेखपाल संघ ने खोला मोर्चा

 

थानेदार पर लेखपालों/राजस्व निरीक्षकों से अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप

पूर्व में राजघाट थाने पर तैनाती के दौरान भी ठवनेदार विनय कुमार सरोज पर लगे थे कई आरोप

गोरखपुर । पुलिस की छवि को सुधारने की मुहिम लगातार जारी है और डीजीपी से लगायत जिले और ज़ोन में तैनात आला अधिकारी पुलिस की तस्वीर जनता के बीच बेहतर पेश करने की कवायद में नए नए फरमान जारी कर रहे हैं।
वहीं कुछ पुलिस कर्मी ऐसे भी हैं जो अपने अधिकारियों की मेहनत और मंशा पर पानी फेरने में जुटे हैं।
मामला गीडा के थानेदार से जुड़ा है जिन पर सहजनवां क्षेत्र के लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों से अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा है।
बताते चलें कि इससे पहले विनय कुमार सरोज जब राजघाट के थाना प्रभारी रहे तब उन पर तमाम आरोप लगे जिसमें पूजा पाठ कराने वाले पंडित को मारने और उससे मकान खाली कराने समेत महिला के मकान में जबरन किराएदार को भेजने और रामलीला कमेटी के अध्यक्ष से दुर्व्यवहार करने समेत अन्य तमाम आरोप शामिल हैं लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से सम्बंध के आधार पर शिकायतों के बावजूद उन्हें राजघाट थाने से हटा कर जिले का सबसे अच्छा समझे जाने वाले गीडा थाने पर तैनाती मिली।
बहरहाल साहब का सिर्फ थाना बदला है व्यवहार नही जिसको लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले संघ की सहजनवां इकाई के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ यादव ने थानेदार की लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से उप जिलाधिकारी सहजनवां से किया है। पत्र में थानेदार विनय कुमार सरोज पर सरकारी कार्य के लिए पुलिस बल उपलब्ध न कराए जाने से लेकर लेखपालों और राजस्व निरीक्षको से अभद्रता और अपमानजनक व्यवहार किये जाने की बात कही है।
वहीं थानाध्यक्ष के विरुद्ध कारवाही न होने की दशा में संघ द्वारा थाना दिवस का बहिष्कार करने की बात कही है।

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