जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सघन पल्स पोलियो अभियान हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक सम्पन्न
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सघन पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन हेतु जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ 28 जून 2026 (रविवार) को किया जाएगा। अभियान के प्रथम दिन जनपद के समस्त पोलियो बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई जाएगी। इसके उपरांत 29 जून से 03 जुलाई 2026 तक पोलियो टीमों द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। साथ ही बी-टीम गतिविधि 05 जुलाई 2026 को संचालित की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि अभियान के लिए जनपद में कुल 1,866 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। घर-घर भ्रमण हेतु 1,242 टीमें, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन एवं प्रमुख चौराहों पर 105 ट्रांजिट टीमें तथा ईंट-भट्टों पर 52 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी। अभियान के दौरान जनपद के 6,06,187 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने तथा 7,65,825 घरों का भ्रमण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने अभियान को पूर्ण सफलता के साथ संचालित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत राज विभाग, आईसीडीएस, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग सहित ग्राम प्रधान, सभी संबंधित विभागों को अभियान में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके संबंध में चिकित्सा अधिकारियों की उपस्थिति में ब्लॉकवार ट्रेनिंग आयोजित होगी जिसमें सभी बिंदुओं पर जानकारी एवं सुव्यवस्थित प्रशिक्षण दिए जाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान जनस्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद का कोई भी शून्य से पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहने पाए तथा अभियान की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उप जिलाधिकारी तथा चिकित्सा अधीक्षक अपंजीकृत अस्पतालों की जांच कर कार्यवाही करें।
टीवी मुक्त भारत अभियान के संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम प्रधान के सहयोग से टीबी के लक्षण वाले बच्चों की पहचान कर सीएचसी पर इलाज हेतु ले जाए। विद्यालयों में भी इसके संबंध में जागरूकता उत्पन्न की जाए, एनसीसी कैंप में भी जानकारी दिया जाए। हेल्थ वर्कर के माध्यम से लोगों को जागरूक करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बदलापुर तथा बक्सा के एमओआईसी बैठक में अनुपस्थित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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