जिलाधिकारी के निर्देश पर पीड़ित को बेहतर उपचार, भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी के निर्देश पर पीड़ित को बेहतर उपचार, भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

 

जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. ने बताया है कि जनपद में एक अत्यंत दुखद घटना जिला प्रशासन के संज्ञान में आई है। इस घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है तथा जिला प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री दिनेश मौर्य, पुत्र श्री त्रिभुवन मौर्य, उम्र लगभग 35 वर्ष, निवासी परियावां, जनपद जौनपुर ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। आज सुबह लगभग 9 बजे उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। उनका इलाज तत्काल प्रारंभ करा दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जाए। प्रथम दृष्टया 40 प्रतिशत बर्न इंजरी है, परंतु व्यक्ति खतरे से बाहर है। पीड़ित परिवार से हमारे राजस्व अधिकारी लगातार संपर्क में हैं। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल को समस्या के जानकारी के लिए मौके पर भेजा गया है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 14 तारीख को ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में गांव में एक पंचायत हुई थी, जिसमें गांव के लोग जिस कच्चे रास्ते का उपयोग कर रहे हैं, उस पर 300 मीटर की सड़क बनाने पर आपसी सहमति से निर्णय लिया गया था। जिस व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास किया है, आज सुबह तक उनकी सहमति से ही ग्राम प्रधान द्वारा सड़क का कार्य आगे बढ़ाया गया था। परसों दोनों पक्षों में कुछ कहासुनी हुई, जिसके बाद दिनेश मौर्या द्वारा अपनी सहमति से इनकार कर दिया गया।

 

राजस्व अभिलेखों और नक्शे के अनुसार वहां पर कोई सरकारी रास्ता दर्ज नहीं है। वह भूमि काश्तकार/भूमिधर की है। आपसी सहमति के आधार पर ही प्रधान द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया था। बाद में निर्माण शुरू होने पर संभवतः उनकी भूमिधरी प्रभावित होने के कारण उन्होंने कार्य रोकने का प्रयास किया, जिसे प्रधान द्वारा नहीं माना गया।

 

प्रथम दृष्टया इसी कारण से यह घटना हुई प्रतीत होती है। ग्राम प्रधान ने अपने स्तर पर समझौता कराने का प्रयास किया था। ग्राम पंचायत अधिकारी को इसकी जानकारी रही होगी, जिसकी अग्रिम जांच के निर्देश दिए गए है। यह पंचायत राजस्व अधिकारी की उपस्थिति में नहीं हुई थी।

 

जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी भी भूमिधरी जमीन पर जबरदस्ती रास्ता बनाने का प्रयास पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़ित के परिवारजनों के आरोप की भी गहन जांच कराई जा रही है।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन अत्यंत संवेदनशील है। सभी जनपदवासियों से अपील है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए इस प्रकार का कदम न उठाएं। यदि किसी भी व्यक्ति की कोई भूमि संबंधी समस्या या अन्य कोई शिकायत है तो वह-जन सुविधा केंद्र पर, आईजीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर, हेल्पलाइन नंबर एवं जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर संपर्क कर सकता है। प्रशासन द्वारा आपकी समस्या का त्वरित निस्तारण करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

 

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