ठगी का पैसा वापस मिला तो पीड़ित ने ली राहत की सांस, पुलिस अधिकारी को दिया धन्यवाद
मड़िहान/मीरजापुर।डिजिटल दौर में जहां मोबाइल फोन और इंटरनेट ने जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों के बिछाए जाल में फंसकर लोगों के मेहनत की कमाई पलभर में गायब उड़ रही है। शिकायत मिलने पर साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस की सक्रियता पीड़ित के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र भूषण मौर्य के नेतृत्व में साइबर सेल टीम ने तत्परता दिखाते हुए ठगी की रकम पीड़ित को वापस दिलाने में सफलता हासिल की। खोई हुई रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित के चेहरे पर राहत और खुशी दिखाई दी। साइबर ठगी का शिकार देवरी कला गांव निवासी पीड़ित प्रद्युम्न यादव के खाते से पैसा निकलने अथवा ऑनलाइन ठगी का पता चलते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। शिकायत सामने आते ही मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल टीम कुलदीप पटेल तथा राजेश कुमार यादव ने तकनीकी स्तर पर कार्रवाई शुरू की। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने उपलब्ध जानकारियों और लेनदेन से जुड़े तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई। पुलिस की समयबद्ध कार्रवाई का नतीजा रहा कि साइबर ठगी में गई रकम को वापस कराने में सफलता मिली। रकम वापस मिलने की जानकारी ने पीड़ित और उसके परिवार की चिंता काफी हद तक दूर कर दी। यह सफलता सिर्फ रुपये वापस मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराध के शिकार लोगों के लिए यह संदेश भी है कि ठगी होने के बाद घबराकर चुप बैठने के बजाय तत्काल 1930पर शिकायत करना बेहद जरूरी है। समय रहते पुलिस और साइबर अपराध से संबंधित माध्यमों तक जानकारी पहुंचने से संदिग्ध लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है। पुलिस इंस्पेक्टर रविन्द्र भूषण मौर्य ने बताया कि सफलता के साथ यह घटना आम लोगों के लिए चेतावनी भी है। अनजान व्यक्ति को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

