अयोध्या(संवाददाता) सुरेंद्र कुमार।दुनियाभर में हर साल 01 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य एड्स के बारे में हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। सबसे पहले विश्व एड्स दिवस को वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरुआत WHO ने अगस्त 1987 में की थी। दाना पानी सेवा संस्थान ने अयोध्या राम नगरी के नयाघाट में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जानकारी दी। दाना पानी सेवा संस्थान के अध्यक्ष कुलभूषण साहू ने बताया विश्व एड्स दिवस 2021 की “असमानताओं को समाप्त करें, एड्स का अंत करें” है।क्या है एड्स रोग-
एड्स (AIDS) का पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम है। यह एक संक्रामक यौन रोग है। जिस वायरस से यह पैदा होता है, उसे ह्यूमन इम्यून डेफिशिएंसी वायरस अर्थात संक्षिप्त रूप में एच.आई.वी. कहते हैं। दरअसल, शरीर की जीवाणुओं से लड़ने की अपनी एक स्वाभाविक शक्ति को इम्यूनिटी सिस्टम कहा जाता है। लेकिन एड्स के वायरस इन व्हाइट ब्लड सेल्स को क्रियाहीन करके व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति को कम कर देते हैं, जिससे वायरस से लड़ने की शरीर की शक्ति खत्म हो जाती है और रोग शरीर में अपना अधिकार जमा लेता है। कैसे फैलता है एड्स-
एचआईवी का एक मुख्य कारण संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, ब्लड चढ़ाने के दौरान शरीर में एचआईवी संक्रमित रक्त के चढ़ जाने से, एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति पर इस्तेमाल की गई इंजेक्शन की सुई का इस्तेमाल करने से या फिर एचआईवी पाजिटिव गर्भवती महिला गर्भावस्था के समय, प्रसव के दौरान या इसके बाद अपना दूध पिलाने से नवजात शिशु को संक्रमणग्रस्त कर सकती है।एड्स से बचाव-
एड्स एक जानलेवा बीमारी है। इस रोग का अभी तक कोई समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है। इस रोग से दूर रहने के लिए बचाव ही एकमात्र बेहतरीन उपाय है।
-असुरक्षित सेक्स संबंध, समलैंगिक सेक्स संबंध और वेश्याओं से सेक्स करने से बचें। पार्टनर के साथ ही संबंध बनाएं।
-संभोग के बाद मूत्र त्याग करके अपने गुप्तांगों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
-होठों पर घाव, खून का रिसाव हो तो चुम्बन से बचें। इस बीमारी के वायरस लार के माध्यम से आपके खून में पहुंचकर आपको इस रोग से पीड़ित कर सकते हैं।-सैलूनों में शेविंग करवाते समय नई ब्लेड का उपयोग करने को कहें। ब्लड को शरीर में लेने के पहले उसकी एच.आई.वी. मुक्त होने की जांच अवश्य करवा लें। एड्स से संक्रमित महिलाएं गर्भधारण न करें, क्योंकि यह रोग उनके शिशुओं में भी संक्रमित हो जाता है।
-इंजेक्शन लगवाते समय डिस्पोजेबल सिरिंज और निडिल का ही प्रयोग करें और दाना पानी सेवा संस्थान ने जो लोग एड्स की वजह से अपनी जिंदगी को चुके है उन्हें मोमबत्ती जाला कर श्रद्धांजलि दी। दाना पानी सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री कुलभूषण साहू व उपाध्यक्ष जुल्फेकारआलम, मीडिया प्रभारी वीरेन्द सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर मनतशा फ़िरदौस, सीमा गौड़, शशि शर्मा, जुली, मनोज इत्यादि लोगों ने सहयोग किया था।

