नईदिल्ली)पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की चेतावनी- पाकिस्तान नहीं, लंबे समय में चीन हमारी सबसे बड़ी चुनौती

 

 

(नईदिल्ली)पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की चेतावनी- पाकिस्तान नहीं, लंबे समय में चीन हमारी सबसे बड़ी चुनौती

नईदिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नया और दूरदर्शी आंकलन किया है। अपनी नई किताब के विमोचन पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से खतरा आतंकवाद की वजह से बना रहता है, लेकिन लंबे समय में चीन भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी होगा। उन्होंने कहा कि चीन राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार और सैन्य क्षेत्र में मुकाबला करेगा। नरवणे ने यह भी कहा कि अगर आप शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहिए।

जनरल नरवणे अपनी नई किताब द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड: अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान और चीन दोनों अलग तरह की चुनौतियां हैं। भारत ने दोनों देशों के साथ जंग लड़ी है और दोनों के साथ सीमा विवाद अभी तक सुलझा नहीं है, इसलिए दोनों देश हमेशा खतरे के तौर पर रडार पर बने रहेंगे। चीन के मामले में चुनौती ज्यादा व्यापक है।

नरवणे ने कहा, हमने पाकिस्तान के साथ कई बड़े युद्ध लड़े हैं और आतंकवाद को उनके निरंतर समर्थन के कारण, हमारा ध्यान हमारी पश्चिमी सीमाओं पर केंद्रित है। लेकिन मुझे लगता है कि हम इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि लंबे समय में और आने वाले वर्षों में चीन हमारा मुख्य प्रतिद्वंद्वी होगा।

उन्होंने आगे कहा, और मैंने जानबूझकर प्रतिस्पर्धी शब्द का प्रयोग किया है, न कि दुश्मन शब्द का।

नरवणे ने इस बात पर बल दिया कि भारत को ताकत का इस्तेमाल करने के बजाय बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से चीन के साथ मतभेद सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा, बल प्रयोग का सहारा लेना हमेशा आखिरी प्राथमिकता होनी चाहिए। दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों पर मतभेद हैं, उन्हें बातचीत और कूटनीतिक तंत्र के जरिए संभालना ज्यादा बेहतर है।

हालांकि, उन्होंने किसी भी संभावित दुस्साहस से बचने के लिए सैन्य रूप से तैयार रहने को भी कहा।

नरवणे ने भारत के व्यापक पड़ोस को भी सुरक्षा के नजरिए से महत्वपूर्ण बताया और नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, देश अपने पड़ोसी नहीं चुन सकता, इसलिए उपलब्ध परिस्थितियों के साथ बेहतर तरीके से काम करना पड़ता है। पड़ोसी देशों में अस्थिरता से शरणार्थियों का दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा तस्करी, मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की आवाजाही जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

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(नईदिल्ली)दिल्ली में पैलेट गन से घायल युवक के साथ थाने पहुंचे राहुल गांधी, धरने पर बैठे

नईदिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों पर प्रदर्शन के दौरान चली लाठी और पैलेट गन के मामले में केंद्र सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष साहिल लोचव के साथ संसद मार्ग स्थित पुलिस थाने पहुंच गए और मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। बता दें कि साहिल लोचव दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन में घायल हुए थे।

कांग्रेस ने बताया कि 14 अगस्त को साहिल लोचव अपने वकीलों के साथ दिल्ली पुलिस के पास गए और लिखित शिकायत दी थी।

पुलिस ने जांच अधिकारी का नंबर देने से मना कर दिया। 17 अगस्त को ईमेल और फ़ोन के ज़रिए फिर से कोशिश की गई। फिर भी कोई नंबर नहीं दिया गया। कोई रसीद भी नहीं दी गई।

राहुल भी यही मांग करने पहुंचे थे। उन्होंने इसे एक संज्ञेय अपराध बताकर केस दर्ज करने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि साहिल की ओर से शिकायत दर्ज कराने का बाद भी मामले में जांच नहीं की जा रही है। राहुल ने जांच कहां तक बढ़ी और क्या दिक्कत आ रही है, यह पूछने के लिए थाने पहुंचे थे।

पुलिस की ओर से कोई जानकारी न दिए जाने पर राहुल पीड़ित के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाया है।

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(जयपुर)जयपुर के गांव में स्कूल देखने पहुंचे सीजेपी के कार्यकर्ताओं से मारपीट, भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप

जयपुर,21 अगस्त (आरएनएस)। राजस्थान में जयपुर के एक गांव में सरकारी स्कूल की हालत देखने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लोगों को विरोध का सामना करना पड़ा। उनको लोगों ने घेरकर मारपीट की और दौड़ाकर पीटा। घटना बगरू के रामपुरा-कंवरपुरा गांव की है। यहां सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका स्कूल ठीक करो अभियान के तहत सरकारी स्कूल को देखने पहुंचे थे। रांका का आरोप है कि भाजपा के लोगों ने उनके साथियों को दौड़ाया और पत्थर बरसाए। उनके साथ मारपीट की गई।

रांका ने घटना का वीडियो साझा कर एक्स पर लिखा, आज घृणा की सारी हदें पार हो गई हैं। रामपुरा, कंवरपुरा में पिछले काफी सालों से स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा है। लेकिन जब हम वहां निरीक्षण करने पहुंचे तो सरेआम मारपीट, पत्थरबाजी की गई। कारों के शीशे फोड़े गए, टीम पर पत्थर बरसाये गए। कपड़े फाड़े गए। ट्यूब में पत्थर डालकर टीम को मारा गया। मेरे कपड़े फाड़े गए।

रांका ने आगे लिखा कि यह सब राजस्थान के शिक्षा और पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के कहने पर हुआ है।

रांका ने लिखा, मदन दिलावर को बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, यह मंज़ूर है। लेकिन स्कूल ठीक हो जाये, यह मंजूर नहीं। मदन दिलावर जी- आपने आज गुंडे भेजकर पूरे देश में राजस्थान को शर्मसार कर दिया। लेकिन हम इस गुंडागर्दी से डरने वाले लोग नहीं है। स्कूल तो ठीक कराने ही होंगे।

घटना के बाद का एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें कुछ लोग राजकीय प्राथमिक विद्यालय के परिसर में खड़े होकर नारेबाजी करते दिख रहे हैं।

इसमें एक व्यक्ति बोलता दिख रहा है, वो (आशुतोष रांका) फिर गांव में आया तो जूते खाकर जाएगा। इस दौरान लोग कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद और जय श्रीराम के नारे लगाते दिख रहे हैं। रांका मामले की शिकायत पुलिस में करेंगे।

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(विशाखापट्टनम)विशाखापट्टनम में होमवर्क न करने पर शिक्षक ने 6 वर्षीय छात्र को थप्पड़ मारा, बच्चे की मौत

विशाखापट्टनम,21 अगस्त (आरएनएस)। आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम के एक स्कूल में 6 वर्षीय छात्र की रहस्यमयी मौत ने सबको चौंका दिया है। स्कूल में शिक्षिका ने होमवर्क न करने पर बच्चे को थप्पड़ मारा था, तभी बच्चे की तुरंत मौत हो गई। घटना गुरुवार को वन टाउन पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित लिटिल गार्डन प्राइवेट स्कूल में सुबह 11 बजे घटी है। मृतक बच्चा तमन्ना प्रणय तेज यूकेजी का छात्र था। उसके पिता तमन्ना कृष्ण प्रसाद पेशे से रसोइया और मां गृहिणी हैं।

प्रणय गुरुवार को स्कूल गया था। यहां महिला शिक्षक बच्चों का होमवर्क चेक कर रही थीं। प्रणय ने शिक्षिका को खाली स्लेट दिखाई, जिसके बाद वह बच्चे को डांटने लगीं।

कक्षा में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि शिक्षिका ने बच्चे को अपनी ओर खींचा, उसकी कमीज के बटन खोले और उसे थप्पड़ मारा।

बच्चा कुछ सेकेंड स्थिर रहा, बाद में शिक्षिका की गोद में गिर गया। शिक्षिका ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा।

प्रणय के बेहोश होने पर स्कूल कर्मचारी उसे पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस बीच, प्रणय के माता-पिता को दोपहर 1 बजे घटना की जानकारी दी गई।

प्रणय की मां ने बताया कि उनका बेटा गुरुवार को होमवर्क पूरा न करने की वजह से स्कूल नहीं जा रहा था, लेकिन उनके मजबूर करने पर उसने हिम्मत दिखाई और स्कूल गया।

परिवार 2 दिन पहे ही तिरुपति की तीर्थयात्रा से लौटा था।

घटना के बाद अस्पताल के बाहर लोगों का जमावड़ लग गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया गया।

पुलिस ने माता-पिता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया है। हालांकि, अभी शिक्षिका को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

कैबिनेट मंत्री लोकेश नारा ने घटना को लेकर एक्स पर लिखा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और वह दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करेगी।

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(नईदिल्ली)दिल्ली-एनसीआर में पिछले साल के मुकाबले 6 गुना बढ़े स्वाइन फ्लू के मरीज, सांस की शिकायत

0-बदलते मौसम के बीच सांस संबंधी शिकायतों में इजाफा, संवेदनशील लोगों को सतर्क रहने की सलाह

नई दिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। बदलते मौसम के बीच राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में एच1एन1 संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी सामने आई है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में 12 अगस्त तक एच1एन1 के 1,449 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि में सामने आए 229 मामलों की तुलना में करीब छह गुना अधिक है। अकेले 11 अगस्त को 63 नए मामले सामने आए।

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संक्रमण का असर आम लोगों के साथ-साथ चिकित्सकों पर भी दिखाई दे रहा है। कई चिकित्सकों और एक सरकारी अस्पताल के प्रमुख के भी एच1एन1 से संक्रमित होने की जानकारी सामने आई है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम और सांस से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली के सरकारी अस्पतालों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि दिल्ली सरकार के अस्पताल स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राम मनोहर लोहिया अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए विशेष एवं अलग वार्ड बनाए गए हैं।

चिकित्सकों के अनुसार, कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी और रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, फिलहाल स्थिति गंभीर स्तर तक नहीं पहुंची है। चिकित्सकों ने लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर उपचार लेने की सलाह दी है।

चिकित्सकों ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

सर्दी-जुकाम, बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी गई है। संक्रमण की आशंका होने पर समय पर जांच और उपचार से जटिलताओं से बचा जा सकता है।

दिल्ली में एच1एन1 का संक्रमण पहले भी गंभीर रूप ले चुका है। वर्ष 2019 में राजधानी में एच1एन1 के 3,637 मामले दर्ज किए गए थे और संक्रमण के कारण 31 लोगों की मौत हुई थी। ऐसे में मौजूदा बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों की तैयारियों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

एच1एन1 इन्फ्लुएंजा विषाणु से होने वाला श्वसन संक्रमण है। इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती स्वरूप से जुड़े विषाणु सूअरों में पाए जाते थे। अप्रैल 2009 में इस संक्रमण की पहचान सबसे पहले मेक्सिको में हुई थी और इसके बाद यह दुनिया के कई देशों में फैल गया। भारत में उस समय संक्रमण के कारण 1,500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

एच1एन1 संक्रमण में सामान्य तौर पर खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द, ठंड लगना और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी, सांस लेने में परेशानी और सीने में दर्द भी हो सकता है।

चिकित्सकों का कहना है कि सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिरने जैसी शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। बदलते मौसम में भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, स्वच्छता का ध्यान रखना और बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखना संक्रमण के प्रसार को कम करने में मददगार हो सकता है।

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(नईदिल्ली)चीनी 2 महीने में 40 प्रतिशत महंगी हुई, अब सरकार ने आयात टैक्स मुक्त किया

नईदिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। देश में चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दे दी है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, यह आयात 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। साथ ही देश में चीनी की कमी रोकने के लिए निर्यात पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह रोक 30 सितंबर, 2026 तक लागू रहेगी।

अधिसूचना के मुताबिक, टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली के तहत 31 अक्टूबर, 2026 तक 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी गई है।

सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं द्वारा रखे गए चीनी भंडार पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि जो थोक उपभोक्ता प्रति माह 10 टन से ज्यादा चीनी का उपयोग करते हैं, उन्हें 15 दिनों से अधिक की खपत के लिए चीनी का भंडार रखने की अनुमति नहीं होगी।

सरकार ने कुछ और नियम बदले हैं। टीआरक्यू के तहत आयात की गई कच्ची चीनी से तैयार रिफाइंड चीनी को 31 अक्टूबर तक घरेलू बाजार में बेचना जरूरी होगा।

आयात के समय प्राप्त छूट वाले जीएसटी का भी भुगतान करना होगा।

जो थोक खरीदार महीने में 10 टन से ज्यादा चीनी इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 15 दिन से ज्यादा स्टाक रखने की इजाजत नहीं होगी। पहले ये अनुमति 30 दिन के लिए थी।

खुदरा बाजार में चीनी फिलहाल 65 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 46.34 रुपये प्रति किलो थी। देशभर में चीनी के दाम पिछले 2 महीनों में करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

उद्योग संगठन के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को देश में चीनी की औसत एक्स-मिल कीमत 5,400-5,500 रुपये प्रति क्विंटल थी। एक साल पहले यह करीब 3,900 रुपये प्रति क्विंटल थी।

चीनी की किल्लत और दाम बढ़ने की बड़ी वजह मौसम की मार रही है। कम बारिश और सूखे के कारण गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। इसका असर आने वाले सीजन में चीनी के उत्पादन पर पड़ सकता है।

मौजूदा सीजन में कुल चीनी उपलब्धता करीब 320 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि घरेलू खपत करीब 285 लाख टन है।

इसके अलावा ईरान युद्ध, एथेनॉल में चीनी का इस्तेमाल और आगामी त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग भी वजह है।

सरकार के कदम के बाद आज शेयर बाजार में चीनी कंपनियों के शेयरों में 5 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।

खबर लिखे जाने तक डालमिया भारत शुगर का शेयर 5.47 प्रतिशत गिरकर 480.30 पर कारोबार कर रहा है। वहीं, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज के शेयर में 4.32 प्रतिशत, बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर में 4.15 प्रतिशत और त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज के शेयर में 3.82 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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(हैदराबाद)हैदराबाद में तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन ने ली 26 वर्षीय महिला की जान, राज्यसभा सांसद के बेटे पर मामला दर्ज

हैदराबाद,21 अगस्त (आरएनएस)। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे लिंगमनेनी संजुश को आरोपी बनाया गया है। संजुश पर आरोप है कि उन्होंने अपनी एस्टन मार्टिन कार से 26 वर्षीय भारती मुखी को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को नोटिस जारी किया है।

भारती मुखी हैदराबाद के माधापुर इलाके में स्थित इनऑर्बिट मॉल के एक परिधान स्टोर में बिक्री कार्यकारी के पद पर कार्यरत थीं। 16 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे वह भोजन करने के लिए पास के एक होटल गई थीं। भोजन के बाद वापस मॉल लौटते समय वह सड़क पार कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एस्टन मार्टिन कार ने उन्हें टक्कर मार दी।

हादसे के बाद भारती को उसी कार से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद स्टोर प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

लिंगमनेनी रमेश आंध्र प्रदेश के राज्यसभा सांसद हैं और जनसेना पार्टी से जुड़े हुए हैं। 53 वर्षीय रमेश पेशे से व्यवसायी हैं और उनका कारोबार रियल एस्टेट, निर्माण तथा बुनियादी ढांचा क्षेत्रों से जुड़ा है। वह वर्ष 2015 से जनसेना पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के साथ जुड़े हुए हैं। इसी वर्ष वह राज्यसभा पहुंचे हैं।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, रमेश की घोषित कुल संपत्ति करीब 213.4 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी देनदारियां लगभग 85.6 करोड़ रुपये बताई गई हैं। उनके खिलाफ कुल नौ आपराधिक मामले लंबित हैं, हालांकि किसी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। उनका नाम आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और अमरावती की भूमि से जुड़े विवादों में भी सामने आ चुका है।

सांसद के बेटे लिंगमनेनी संजुश ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में काम करने वाली दो कंपनियों के निदेशक हैं। इनमें ब्लैक रिज एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और कैपिटल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। वह महज 21 वर्ष की उम्र में इन कंपनियों के निदेशक बने थे।

संजुश ने अमेरिका के डलास स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई की है।

पुलिस के अनुसार, हादसे के समय संजुश नशे में नहीं थे और उनके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा लापरवाही या उपेक्षा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने से संबंधित है। इसके तहत अधिकतम पांच वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

पुलिस के मुताबिक यह जमानती अपराध है, इसलिए फिलहाल संजुश को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस के अनुसार, जिस एस्टन मार्टिन कार से हादसा हुआ, उसका मालिक प्राइम हाउसिंग एलएलपी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों तथा परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।

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(नईदिल्ली)भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण का ड्रोन से होगा सर्वेक्षण, तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य

नई दिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। भारत और नेपाल ने अपनी 1,880 किलोमीटर लंबी खुली सीमा से जुड़े अतिक्रमण और सीमा पार कब्जे के मामलों के दस्तावेजीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों देश सीमा पर स्थित 10 गज चौड़ी निर्जन भूमि की पट्टी, जिसे दासगजा या नो-मैन्स लैंड कहा जाता है, से लगे अतिक्रमणों का मानचित्रण करने के लिए ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने पर सहमत हुए हैं। इस प्रक्रिया के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार जमीन पर किए गए कब्जों का भी दस्तावेज तैयार किया जाएगा।

यह फैसला पिछले सप्ताह लखनऊ में हुई सर्वेक्षण अधिकारी समिति की 13वीं बैठक में लिया गया। समिति में नेपाल के सर्वेक्षण विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में अतिक्रमण और सीमा पार कब्जे की स्थिति का तकनीकी तरीके से आकलन करने पर सहमति जताई।

इसके तहत उन क्षेत्रों की ड्रोन से तस्वीरें और अन्य आंकड़े जुटाए जाएंगे, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास अतिक्रमण या सीमा पार कब्जे की शिकायतें हैं। दोनों देशों के अधिकारी मिलकर ऐसे स्थानों की पहचान करेंगे और उनके आधार पर तकनीकी मूल्यांकन तैयार करेंगे।

नेपाल के सर्वेक्षण विभाग के उपनिदेशक सुशील डांगोल के अनुसार, सीमा पार कब्जे के मानचित्रण को तीन वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया की शुरुआत मानसून समाप्त होने के बाद की जा सकती है।

सर्वेक्षण के बाद भारत और नेपाल संयुक्त रूप से सत्यापित तकनीकी अभिलेख तैयार करेंगे। इन अभिलेखों का इस्तेमाल भविष्य में अतिक्रमण हटाने, भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने या मुआवजे से जुड़े मामलों पर बातचीत के लिए किया जा सकेगा।

भारत और नेपाल के बीच सीमा से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं। हाल में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में कहा था कि भारत ने नेपाली भूमि पर अतिक्रमण किया है और नेपाल ने भी भारतीय भूमि पर अतिक्रमण किया है। उनके इस बयान को लेकर दोनों देशों में राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।

बालेन शाह ने यह टिप्पणी लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी क्षेत्रों से जुड़े सवालों के संदर्भ में की थी। इन क्षेत्रों को लेकर भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं।

भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के छह जिलों में 108 निगरानी टावर बनाए जाने की भी योजना है। इस संबंध में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और अररिया के जिलाधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं।

इन निगरानी टावरों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान पर 10 मीटर गुणा 10 मीटर भूमि की आवश्यकता होगी। सीमा की निगरानी मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इन टावरों का निर्माण किया जाएगा।

भारत-नेपाल सीमा के साथ स्थित निर्जन भूमि की पट्टी में हाल के समय में अतिक्रमण और स्थायी निर्माण की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ी है। कुछ स्थानों पर भारत विरोधी गतिविधियों की भी जानकारी सामने आई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच ड्रोन के माध्यम से संयुक्त मानचित्रण और तकनीकी अभिलेख तैयार करने की पहल को सीमा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संयुक्त सर्वेक्षण से सीमा के संवेदनशील क्षेत्रों में वास्तविक स्थिति का स्पष्ट और प्रमाणिक रिकॉर्ड तैयार होने की उम्मीद है, जिससे भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवाद से जुड़े मामलों के समाधान में दोनों देशों को मदद मिल सकती है।

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(नईदिल्ली)देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में उमस से राहत के आसार

नई दिल्ली,21 अगस्त (आरएनएस)। देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। इसके चलते जहां कुछ राज्यों में उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को दिल्ली, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम में यह बदलाव उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र तथा उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण हुआ है। इसके अलावा मानसून की द्रोणिका भी इसी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। यह द्रोणिका फिरोजपुर और मेरठ से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने संवेदनशील और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अन्य समस्याओं का खतरा बना हुआ है।

जिला प्रशासन ने भी कहा है कि यदि परिस्थितियां असुरक्षित होती हैं तो लोगों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।

केरल में मानसून का प्रभाव बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में भी खराब मौसम और ऊंची लहरों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। बाढ़ और समुद्र में ऊंची लहरों के खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में सप्ताहभर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

कोंकण और गोवा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। तटीय कर्नाटक में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आंधी आने की आशंका है।

मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की ख

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