(नई दिल्ली)खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता रद्द; आईओए को एड हॉक कमेटी गठित करने का निर्देश

(नई दिल्ली)खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता रद्द; आईओए को एड हॉक कमेटी गठित करने का निर्देश

नई दिल्ली ,13 अगस्त ,। केंद्रीय खेल मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को खेल का कामकाज सुचारू रूप से चलाने और प्रशासनिक कमियों की गहन जांच के लिए तुरंत एक एड-हॉक (तदर्थ) कमेटी का गठन करने का कड़ा आदेश दिया है। सरकार की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे खेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

चुनाव में देरी और नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी

खेल मंत्रालय द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के पीछे कई बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, टीटीएफआई समय पर अपने चुनाव कराने में पूरी तरह से विफल रहा था, जो खेल नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी साल की शुरुआत में सरकार ने महासंघ के कामकाज और प्रशासनिक खामियों को लेकर एक सख्त कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, टीटीएफआई की तरफ से इस नोटिस का कोई संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद मंत्रालय को मान्यता रद्द करने जैसा कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। आदेश में कहा गया है कि आईओए अब अंतरराष्ट्रीय संस्था से सलाह लेकर महासंघ की सभी कमियों को दूर करेगा।

मेघना अहलावत के हाथों में थी कमान, महीनों से चल रही थी उथल-पुथल

टेबल टेनिस महासंघ में पिछले काफी समय से भारी खींचतान और उथल-पुथल का दौर चल रहा था। वर्तमान में टीटीएफआई की कमान मेघना अहलावत के हाथों में थी, जो इसकी पहली महिला अध्यक्ष हैं। मेघना हरियाणा के कद्दावर नेता और विधायक दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं, और उन्होंने दिसंबर 2022 में महासंघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान ही इसी साल जनवरी में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए महासचिव और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कमलेश मेहता को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, मेहता ने इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उनके निलंबन को रद्द कर दिया गया था, जिससे महासंघ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

मनिका बत्रा विवाद ने किया आग में घी का काम

महासंघ के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई की पटकथा देश की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी (पैडलर) मनिका बत्रा से जुड़े विवाद के बाद ही लिखी जाने लगी थी। दरअसल, टीटीएफआई ने एशियाई खेलों की टीम से मनिका बत्रा को अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसके बाद यह संस्था गहरे विवादों में घिर गई थी। मनिका ने महासंघ के इस मनमाने फैसले की सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना की और सीधे खेल मंत्रालय से मामले में दखल देने की मांग की थी। मंत्रालय ने इस भारी विवाद समेत टीटीएफआई को प्रभावित करने वाले सभी मुद्दों का कड़ा संज्ञान लिया और अंतत: जवाब से असंतुष्ट होकर महासंघ पर ताला जड़ दिया है।

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(टोरंटो)कैनेडियन ओपन : इगा स्वियाटेक और एलेना रायबाकिना के बीच होगा महिला एकल फाइनल

टोरंटो ,13 अगस्त ,। कैनेडियन ओपन में महिला एकल का फाइनल मुकाबला इगा स्वियाटेक और एलेना रायबाकिना के बीच होगा। स्वियाटेक ने एलिना स्वितोलिना को और रायबाकिना ने कोको गॉफ को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। इगा स्वियाटेक ने एलिना स्वितोलिना को पहले सेमीफाइनल में 6-3, 1-6, 6-3 से हराया। स्वियाटेक ने स्वितोलिना के खिलाफ तीन मुकाबलों में अपनी पहली जीत हासिल की और अपने करियर के 14वें डब्ल्यूटीए 1000 फाइनल में भी जगह बनाई। बारिश के कारण अपने तय समय से एक घंटे बाद कोर्ट पर उतरीं, स्वियाटेक ने कंट्रोल हासिल करने से पहले शुरुआती गेम में कुछ ब्रेक पॉइंट बचाए। उन्होंने मैच शुरू करने के लिए पहले चार गेम जीते और स्वितोलिना के पहले तीन सर्विस गेम में ब्रेक किया।

यूक्रेनी खिलाड़ी स्वितोलिना तब तक कोई होल्ड नहीं कर पाई जब तक वह 5-2 से पीछे नहीं हो गईं और केवल एक ब्रेक ही रिकवर कर पाईं। लेकिन, दूसरे सेट में उन्होंने अपना आक्रामक खेल दिखाया जिसका उन्हें फायदा मिला। स्वितोलिना ने पोल की खिलाड़ी के साथ रैली करने से मना कर दिया, और हर बॉल पर बड़े कट लगाए। उसे 5-0 की बढ़त बनाने के लिए दो ब्रेक मिले। यूक्रेन की खिलाड़ी पौलेंड की स्वियाटेक की सर्व पर तीन सेट पॉइंट के साथ लगभग एक बैगल जीत ही गई थी, लेकिन उसे एक ब्रेडस्टिक से ही संतोष करना पड़ा।

स्वितोलिना तीसरे सेट की शुरुआत में ही आगे रही और स्वियाटेक के शुरुआती सर्विस गेम में दबाव डाला। उसने शुरुआती गेम में ब्रेक करने के कुछ मौके गंवा दिए, लेकिन पांचवें गेम में उसे गोल में बदलकर 3-2 से आगे हो गई।

जब ऐसा लगा कि मैच यूक्रेन की खिलाड़ी के हाथ में है, उसी समय वह सुस्त हो गईं। स्वियाटेक ने इस सुस्ती का फायदा उठाया, और तुरंत ब्रेक करके लगातार चार गेम का सिलसिला शुरू किया, जिसमें लव पर एक ब्रेक भी शामिल था, जिससे वह 5-3 से आगे हो गई, और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

दूसरे सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की दूसरी सीडेड एलेना रायबाकिना ने चौथी सीडेड अमेरिकन कोको गॉफ को 5-7, 6-2, 6-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।

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(डार्विन)डार्विन टेस्ट : ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 198 रन पर सिमटी, बांग्लादेश के लिए हसन महमूद ने लिए 6 विकेट

डार्विन ,13 अगस्त ,। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में गुरुवार से शुरू हुए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी मात्र 198 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सिर्फ 53 ओवर तक बांग्लादेशी गेंदबाजों का सामना कर सके। बांग्लादेश के लिए दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 6 विकेट लिए। टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला लेने वाली ऑस्ट्रेलिया के लिए पारी की शुरुआत करने आए ट्रेविस हेड और जेक वेदराल्ड जल्दी-जल्दी आउट हो गए। वेदराल्ड 23 और ट्रेविस हेड 22 रन बनाकर आउट हो गए। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए मार्नस लाबुशेन मात्र 1 रन बनाकर आउट हो गए। कैमरन ग्रीन 13, एलेक्स कैरी 19, ब्यू वेबस्टर 12 रन बनाकर आउट हुए। निचले क्रम के बल्लेबाजों से भी उपयोगी अंशदान नहीं आया। लगातार गिरते विकेटों के बीच पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ ने अर्धशतक लगाया और टीम को 198 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए स्मिथ ने 109 गेंदों पर 7 चौकों और 1 छक्के की मदद से 71 रन की पारी खेली। स्मिथ नौवें विकेट के रूप में आउट हुए। उनके आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी सिमट गई।

बांग्लादेश के तेज गेंदबाजों ने कंडीशन का पूरा फायदा उठाया और घातक गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को उनके घर में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। हसन महमूद सबसे सफल गेंदबाज रहे। महमूद ने 17 ओवर में 3 मेडन फेंकते हुए 55 रन देकर 6 विकेट लिए। टेस्ट में यह तीसरा मौका है, जब हसन ने एक पारी में 5 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। तस्कीन अहमद ने 2 और एबादत होसैन ने 2 विकेट लिए।

बांग्लादेश के गेंदबाजों का प्रदर्शन रहा है। अगर टीम के बल्लेबाज भी क्रीज पर टिकने का दम दिखाते हैं और ऑस्ट्रेलिया पर बढ़त लेने में कामयाब रहते हैं, तो दूसरी पारी में मैच रोमांचक हो सकता है।

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(मॉन्ट्रियल)कैनेडियन ओपन : ब्रैंडन नाकाशिमा ने राफेल जोडार को हराकर फाइनल में जगह बनाई

मॉन्ट्रियल ,13 अगस्त ,। ब्रैंडन नाकाशिमा ने अपने पहले एटीपी मास्टर्स 1000 फाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में नाकाशिमा ने बेहतरीन फॉर्म में चल रहे स्पेन के राफेल जोडार को हराकर फाइनल में जगह बनाई। नाकाशिमा ने 7-6 (3), 6-4 से जीत दर्ज की। हार के साथ ही राफेल जोडार का राफेल नडाल के बाद कैनेडियन ओपन फाइनल में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का सपना टूट गया। मुकाबले की बात करें, तो टाई-ब्रेक पर एक कड़ा शुरुआती सेट जीतने के बाद, नाकाशिमा ने दूसरे सेट में 5-4 पर सर्विस करते हुए चार ब्रेक पॉइंट बचाए। नाकाशिमा ने जोदार के शुरुआती दो सर्विस गेम में बिना कोई ब्रेकथ्रू किए छह ब्रेक पॉइंट हासिल किए। उन्होंने आसानी से सर्व बनाए रखा, इससे पहले कि जोदार को 4-4 पर ओपनर में नाकाशिमा की सर्व पर अपना एकमात्र मौका मिला। हालांकि, नाकाशिमा 0-30 से बच गए। टाईब्रेक में, जोदार के फोरहैंड से नेट में उनके विरोधी को 2-4 के लिए पहला मिनी-ब्रेक मिला। दूसरे सेट की शुरुआत में, नाकाशिमा ने एक चतुर हाफ-वॉली विनर बनाया और जोदार की दूसरी सर्व पर अटैक किया। जोडार ने फिर से सर्व गंवा दी और 0-2 पर बने रहे। नाकाशिमा ने फिर दो ब्रेक पॉइंट बचाए। जोडार ने बाद में फिर से पकड़ बनाए रखी, 2-4 पर एक और ब्रेक पॉइंट और 3-5 पर दो मैच पॉइंट बचाए, जिसमें से एक शानदार ड्रॉप शॉट से मिला।

नाकाशिमा दो बार बुरी तरह चूकने के बाद 0-30 पर आ गए। जोडार ने उसे तब जाने दिया जब उसके बैकहैंड पासिंग शॉट ने नाकाशिमा को वॉली का मौका दिया। एक ब्रेक पॉइंट आया लेकिन नाकाशिमा ने सर्व को बाहर मार दिया।

जोडार ने एक और मैच पॉइंट बचाया जब उसका बैकहैंड बेसलाइन को छू गया और 26-शॉट की रैली खत्म हुई और वह एक बार फिर बैकहैंड पासिंग शॉट के साथ लाइन पर टिका रहा। नाकाशिमा ने 28 विनर्स और 28 अनफोर्स्ड एरर्स के साथ मैच खत्म किया।

25 साल के खिलाड़ी, जो अपने पहले मास्टर्स 1000 सेमीफाइनल में खेल रहे थे, एटीपी लाइव रैंकिंग में 22वें नंबर पर हैं। शुक्रवार को एटीपी की ताजा रैंकिंग अपडेट में वह अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल कर सकते हैं।

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(मुंबई)अब बैंक नहीं वसूल पाएंगे मनमाना ब्याज, आरबीआई ने लोन की दरें तय करने के लिए प्रस्तावित किए नए नियम

मुंबई ,13 अगस्त ,। अगर आप बैंक से लोन लेने की सोच रहे हैं या पहले से कोई कर्ज ले रखा है, तो आपके लिए एक बेहद अहम खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक ने लोन पर ब्याज दरें तय करने के लिए एक नए और पूरी तरह से पारदर्शी सिस्टम का प्रस्ताव दिया है। इस नए ढांचे का मुख्य उद्देश्य बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के कर्ज देने के तरीकों में एकरूपता लाना है। इस नियम के लागू होने के बाद ग्राहकों को यह बिल्कुल साफ तौर पर पता होगा कि उनके लोन की दरें किन आधारों पर तय की जा रही हैं, जिससे बैंकों की मनमानी पर लगाम लगेगी।

बोर्ड से पास करवानी होगी स्पष्ट पॉलिसी

आरबीआई के प्रस्तावित ड्राफ्ट के अनुसार, सभी बैंकों और रेगुलेटेड वित्तीय संस्थाओं को ब्याज दरें तय करने के लिए अपने बोर्ड से एक विस्तृत पॉलिसी मंजूर करवानी होगी। इस नीति में यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि लोन पर ब्याज दरें कैसे तय की जा रही हैं, इनमें किन बेंचमार्क का इस्तेमाल हो रहा है और दरें तय करने का अधिकार किसके पास है। कोई भी लेंडर लागू बेंचमार्क से कम कीमत पर लोन नहीं दे सकेगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बैंकों को साल में कम से कम एक बार इस पॉलिसी की समीक्षा भी करनी होगी।

बाहरी बेंचमार्क से जुड़ेंगे फ्लोटिंग रेट लोन

इस प्रस्ताव के तहत कमर्शियल बैंकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे रिटेल और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (रूस्रूश्वह्य) को दिए जाने वाले सभी फ्लोटिंग-रेट लोन को किसी बाहरी बेंचमार्क से जरूर जोड़ें। बाहरी बेंचमार्क किसी एक बैंक के नियंत्रण में नहीं होते, इसलिए जब भी आरबीआई अपनी पॉलिसी रेट (जैसे रेपो रेट) में बदलाव करेगा, तो उसका सीधा और तेज असर कर्ज लेने वालों तक पहुंचेगा। इसके अलावा, फ्लोटिंग रेट वाले लोन में ब्याज दरों को आम तौर पर तीन महीने से ज्यादा के अंतराल पर रीसेट नहीं किया जा सकेगा और ब्याज की गणना रोजाना कम होने वाले बैलेंस के आधार पर की जाएगी।

एनबीएफसी को दी गई है छूट

नए नियमों में कमर्शियल बैंकों पर तो सख्ती की गई है, लेकिन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (हृक्चस्नष्टह्य), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और को-ऑपरेटिव बैंकों को इस मामले में राहत दी गई है। इन संस्थाओं के लिए बाहरी बेंचमार्क अपनाना अनिवार्य नहीं होगा। इन्हें यह तय करने की पूरी आजादी होगी कि वे बाहरी बेंचमार्क से जुड़े फ्लोटिंग-रेट लोन दें या अपनी पुरानी व्यवस्था के तहत ही काम करें।

छोटे कर्जदारों और किसानों को खास राहत

इस नए फ्रेमवर्क में छोटे कर्जदारों का विशेष ध्यान रखा गया है। 50,000 रुपये तक के पर्सनल या माइक्रोफाइनेंस लोन पर अब संस्थाएं मनमाना ब्याज नहीं वसूल सकेंगी। इसके लिए आरबीआई ने वार्षिक प्रतिशत दर (्रक्कक्र) की एक स्पष्ट सीमा तय करने का निर्देश दिया है, जिसमें ब्याज और अन्य सभी शुल्क शामिल होंगे। वहीं, छोटे और सीमांत किसानों के शॉर्ट-टर्म कृषि लोन के मामले में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कुल ब्याज और फीस किसी भी स्थिति में मूल रकम से ज्यादा न हो। रिजर्व बैंक ने 11 सितंबर 2026 तक इस ड्राफ्ट पर राय मांगी है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो यह नया सिस्टम 1 अप्रैल 2027 से लागू हो जाएगा।

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(नई दिल्ली)भारतीय पैकेजिंग संस्थान में प्रोफेसर सहित 20 पदों पर नियुक्ति का मौका, इस तिथि तक करें आवेदन

नई दिल्ली ,13 अगस्त ,। नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी), दिल्ली ने विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर अस्थायी और अनुबंध के आधार पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।

आईआईपी की ओर से जारी 20 रिक्तियों में प्रोफेसर (प्रौद्योगिकी) (इमेरिटस) का 1, प्रोफेसर (प्रबंधन) का 1, एसोसिएट प्रोफेसर (प्रबंधन) का 1, असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रबंधन) के 3, एसोसिएट प्रोफेसर (स्मार्ट और इंटेलिजेंट पैकेजिंग) का 1, असिस्टेंट प्रोफेसर (एआई/एमएल) का 1, असिस्टेंट प्रोफेसर (सतत पैकेजिंग और एलसीए) का 1, असिस्टेंट प्रोफेसर (पैकेजिंग डिजाइन) का 1, लेक्चरर (संचार कौशल) का 1, शैक्षणिक परामर्शदाता/संपर्क अधिकारी/प्लेसमेंट अधिकारी का 1, युवा पेशेवर (प्रशासन) के 2, युवा पेशेवर (इंस्ट्रूमेंटेशन) का 1, युवा पेशेवर (पुस्तकालय) का 1, लेबोरेटरी अटेंडेंट के 2 और पैकेजिंग डिजाइनर के 2 पद शामिल हैं।

इन सभी पोस्ट के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 22 अगस्त तय की गई है। ऐसे में एप्लीकेशन फॉर्म भरने के योग्य और इच्छुक उम्मीदवार तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से प्रोफेसर (प्रौद्योगिकी) (इमेरिटस) के लिए आईआईटी/एनआईटी या राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अन्य संस्थानों से सेवानिवृत्त शिक्षाविद और पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, पॉलीमर टेक्नोलॉजी/मटीरियल साइंस या संबंधित क्षेत्रों जैसे किसी प्रासंगिक विषय में पीएचडी; प्रोफेसर (प्रबंधन) के लिए मैनेजमेंट/बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन/संबंधित विषय में पीएचडी और कम से कम 10 वर्षों का टीचिंग/रिसर्च/इंडस्ट्री का अनुभव; एसोसिएट प्रोफेसर (प्रबंधन) के लिए मैनेजमेंट/संबंधित विषय में पीएचडी और कम से कम 8 वर्ष का टीचिंग/रिसर्च अनुभव; असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रबंधन) के लिए एमबीए/एमएमएस/एमकॉम/संबंधित मास्टर डिग्री के साथ नेट/पीएचडी होनी चाहिए।

एसोसिएट प्रोफेसर (स्मार्ट और इंटेलिजेंट पैकेजिंग) के लिए संबंधित/प्रासंगिक विषयों में पीएचडी डिग्री के साथ अच्छा एकेडमिक रिकॉर्ड, फर्स्ट क्लास के साथ मास्टर डिग्री, रिसर्च संस्थान/इंडस्ट्री में असिस्टेंट प्रोफेसर के बराबर एकेडमिक/रिसर्च पद पर पढ़ाने और/या रिसर्च का कम से कम आठ वर्ष का अनुभव (इसमें पीएचडी रिसर्च का समय शामिल नहीं है)। इसके साथ ही पब्लिश हुए काम के सबूत और किताबें और/या रिसर्च/पॉलिसी पेपर के तौर पर कम से कम 5 पब्लिकेशन और नेट/गेट पास होना चाहिए। असिस्टेंट प्रोफेसर (एआई/एमएल) के लिए एमई/एमटेक/एमएस की डिग्री होनी चाहिए।

असिस्टें प्रोफेसर (सतत पैकेजिंग और एलसीए) के लिए सस्टेनेबल पैकेजिंग, सर्कुलर इकोनॉमी, लाइफ साइकिल असेसमेंट (एलसीए), एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी, पैकेजिंग मटीरियल, वेस्ट मैनेजमेंट या संबंधित इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में पीएचडी; असिस्टें प्रोफेसर (पैकेजिंग डिजाइन) के लिए पैकेजिंग डिजाइन, स्ट्रक्चरल पैकेजिंग,इंडस्ट्रियल डिजाइन, कंज्यूमर पैकेजिंग, सस्टेनेबल पैकेजिंग डिजाइन या संबंधित इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में पीएचडी; लेक्चरर (संचार कौशल) के लिए इंग्लिश/कम्युनिकेशन स्टडीज/लिंग्विस्टिक्स/बिजनेस कम्युनिकेशन/जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन/संबंधित विषयों में कम से कम 55 प्रतिशत मार्क्स के साथ मास्टर डिग्री; शैक्षणिक परामर्शदाता/संपर्क अधिकारी/प्लेसमेंट अधिकारी के लिए मार्केटिंग में स्पेशलाइजेशन के साथ एमबीए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में होनी चाहिए।

युवा पेशेवर (प्रशासन) के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन के साथ फाइलिंग, ड्राफ्टिंग, टाइपिंग, डॉक्यूमेंटेशन, एमएस ऑफिस, डिक्टेशन, कॉलिंग और ईमेलिंग और ऑडिट डॉक्यूमेंट्स, प्रेजेंटेशन व रिपोर्ट्स तैयार करने और एडिट करने का अनुभव और कुशलता होना चाहिए। युवा पेशेवर (इंस्ट्रूमेंटेशन) के लिए केमिस्ट्री/इंस्ट्रूमेंटेशन में बीएससी/एमएससी और जीसी-एमएस, एफटी-आईआर, सीएचएनएस एनालाइज़र का अनुभव; युवा पेशेवर (पुस्तकालय) के लिए लाइब्रेरी साइंस/इन्फॉर्मेशन साइंस/डॉक्यूमेंटेशन साइंस में मास्टर डिग्री या कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ कोई समकक्ष प्रोफेशनल डिग्री; लेबोरेटरी अटेंडेंट के लिए साइंस के साथ कम से कम 12वीं पास और पैकेजिंग डिजाइनर के लिए एनआईडी/आईआईटी/नामी संस्थानों से प्रोडक्ट/इंडस्ट्रियल डिजाइन में एमडेस और पैकेजिंग डेवलपमेंट का अनुभव होना चाहिए।

आवेदकों की अधिकतम आयु पोस्ट के अनुसार 27 से 50 वर्ष के बीच तय की गई है। योग्य अभ्यर्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू, आदि चरणों के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी पोस्ट के अनुसार 20,000 से 1,50,000 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आईआईपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित पोस्ट के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद नोटिफिकेशन में दिए गए एप्लीकेशन फॉर्म को डाउनलोड कर उसके प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद सभी को एक लिफाफे में डालकर उसे ‘अतिरिक्त निदेशक और क्षेत्रीय अधिकारी, आईआईपी-दिल्ली, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग (आईआईपी), दिल्ली, प्लॉट नंबर 21, पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया, दिल्ली-110092Ó पते पर तय समय सीमा के अंदर डाक के माध्यम से पहुंचा दें।

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(मुंबई)वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 180 अंक लुढ़का

मुंबई ,13 अगस्त ,। वैश्विक तनावों के बीच गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार ने मिश्रित रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। निवेशक एक ओर मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और लगातार बने हुए निवेश प्रवाह का आकलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। इसी वजह से शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए।

इस बीच, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,966.35 से 145.56 अंक यानी 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,111.91 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,435.95 से 4.35 अंक गिरकर 24431.60 पर सपाट खुला। हालांकि कुछ समय बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों में और गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 180 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,775 के आसपास ट्रेड करता नजर आया, जबकि निफ्टी 50 95.75 (0.39 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 24,340.20 पर कारोबार करता नजर आया।

व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 0.15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में सबसे अधिक मजबूती देखने को मिली और यह 0.61 प्रतिशत चढ़ा। इसके बाद निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.39 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे ऑटो शेयरों में खरीदारी का रुख दिखाई दिया।

हालांकि बाजार के कुछ बड़े और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील सेक्टर दबाव में रहे। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.81 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी आईटी 0.69 प्रतिशत कमजोर हुआ। इसके अलावा पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस तथा प्राइवेट बैंकिंग इंडेक्स में भी 0.61 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।

निफ्टी50 इंडेक्स में ग्रासिम इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में भारतीय शेयर बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है। इसके पीछे एक तरफ मजबूत घरेलू आर्थिक बुनियादी संकेतक और घरेलू निवेशकों का लगातार निवेश है, जबकि दूसरी तरफ वैश्विक जोखिम निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, जीएसटी संग्रह, माल ढुलाई (फ्रेट मूवमेंट), ऑटोमोबाइल बिक्री और बैंक ऋण वृद्धि जैसे उच्च-आवृत्ति आर्थिक संकेतक अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शा रहे हैं। इन संकेतकों से आने वाली तिमाहियों में कॉरपोरेट आय को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी बाजार के लिए एक प्रमुख चिंता बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कीमतों की भविष्य की दिशा को लेकर अनिश्चितता निवेशकों की सावधानी बढ़ा रही है, क्योंकि इसका असर महंगाई, आयात बिल और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है।

तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि बुधवार के कारोबार में निफ्टी ने 20-दिवसीय मूविंग एवरेज से मजबूती दिखाई और चार्ट पर हैमर कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया, जिससे निकट अवधि का तकनीकी दृष्टिकोण बेहतर हुआ है।

उनके अनुसार, हालिया प्राइस एक्शन को देखते हुए निफ्टी में पहले चरण में 24,540 से 24,666 अंकों तक बढ़त की संभावना बन सकती है। इसके बाद बाजार 24,850 से 25,100 अंकों की ओर भी बढ़ सकता है। हालांकि 24,490 अंक के आसपास कुछ मुनाफावसूली और समेकन (कंसोलिडेशन) देखने को मिल सकता है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार से राहत भरे संकेत भी मिले। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 87.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.64 प्रतिशत फिसलकर 81.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल कीमतों में यह नरमी महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताओं को कुछ हद तक कम कर सकती है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल भारतीय बाजार की दिशा घरेलू आर्थिक मजबूती, कॉरपोरेट आय, विदेशी और घरेलू निवेश प्रवाह तथा कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक संकेतक बाजार को समर्थन दे रहे हैं, जबकि वैश्विक कारक निवेशकों को सतर्क बने रहने के लिए मजबूर कर रहे हैं।

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(नई दिल्ली)2026 में 50 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ने की राह पर भारत, घरेलू सप्लाई चेन को मजबूती देने वाली नीतियों से बढ़ी रफ्तार

नई दिल्ली ,13 अगस्त ,। भारत वर्ष 2026 में सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि का नया रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है। वुड मैकेंजी की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में 34 गीगावाट डायरेक्ट करंट (जीडब्ल्यूडीसी) सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 38 प्रतिशत अधिक है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए पूरे वर्ष में भारत 50 गीगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ सकता है, जो देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक विस्तार होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस वर्ष अपने सौर ऊर्जा स्थापना इतिहास में किसी भी अन्य वर्ष की तुलना में सबसे अधिक क्षमता स्थापित करने जा रहा है। हालांकि, इस तेज वृद्धि को बढ़ावा देने वाली नीतियां घरेलू सप्लाई चेन पर दबाव भी पैदा कर रही हैं, जिसके चलते निकट अवधि में सौर परियोजनाओं की लागत बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डेवलपर्स ने मॉ

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