ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और तनाव के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए श्रमिकों के वेतनमान में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। हाई पावर कमेटी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत जीवन-यापन की बढ़ती लागत (कॉस्ट ऑफ़ लिविंग ) को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन में वृद्धि की गई है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू मानी जाएंगी।
21% तक वेतन वृद्धि: नोएडा-गाजियाबाद को सबसे अधिक लाभ
हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष दीपक कुमार ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों में श्रमिकों के वेतन में सबसे अधिक, लगभग 21 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। संशोधित वेतनमान इस प्रकार हैं:
कुशल श्रमिक: ₹13,940 → ₹16,025 प्रति माह
अर्ध-कुशल श्रमिक: ₹12,445 → ₹15,059 प्रति माह
अकुशल श्रमिक: ₹11,313 → ₹13,690 प्रति माह
अन्य जनपदों में भी वेतन वृद्धि की गई है, हालांकि वहां वृद्धि की दर अपेक्षाकृत कम रखी गई है।
जीवन यापन की लागत के आधार पर निर्णय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वेतन वृद्धि केवल औपचारिक संशोधन नहीं, बल्कि श्रमिकों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। इसमें बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास और अन्य आवश्यक खर्चों को शामिल किया गया है। साथ ही, प्रत्येक मंडल में रेजिडेंशियल स्कूल स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
जांच में यह सामने आया कि सोशल मीडिया पर ₹20,000 न्यूनतम वेतन लागू होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार थीं। इसी गलत सूचना के चलते श्रमिकों में असंतोष फैला, जिसने बाद में प्रदर्शन का रूप ले लिया। प्रशासन ने ऐसे भ्रामक संदेश फैलाने वालों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
केंद्र सरकार भी देशभर में समान न्यूनतम वेतन लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इस प्रक्रिया में श्रमिकों, नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श जारी है, ताकि एक संतुलित और सर्वमान्य नीति तैयार की जा सके|
उद्योग जगत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, जैसे अमेरिका-ईरान तनाव, के कारण पहले ही कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और निर्यात में कमी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इसके बावजूद वे इस वेतन वृद्धि को लेकर सरकार के निर्णय से सहमत हैं।
श्रमिकों की समस्याओं के समाधान और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। श्रमिक निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर अपनी शिकायत या सूचना दर्ज करा सकते हैं:
0120-2978231
0120-2978232
0120-2978862
0120-2978702

