पूर्व सपा ब्लॉक प्रमुख मुजफ्फर पर गोतस्करी में एक और एफआईआर दर्ज
दो दिन पहले जेल से था छूटा, गोवंश तस्करी में पकड़े गए युवक ने कबूला नाम
प्रयागराज। गोवंश तस्करी के मामले में कौड़िहार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर के ऊपर एक और एफआईआर दर्ज कराई गई है। नवाबगंज में बृहस्पतिवार भोर में पिकअप से गोवंश की तस्करी में पकड़े गए फिरोज अहमद ने पूछताछ में मुजफ्फर, उसके भतीजे जैद का नाम लिया। यह भी बताया कि दोनों मौके से भाग निकले। मुजफ्फर दो दिन पहले ही जेल से बाहर आया था। अब उसके खिलाफ गोवंश तस्करी के आरोप में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुधवार सुबह मंसूराबाद चौकी क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग गोवंश पकड़कर पिकअप में लाद रहे हैं। इन्हें श्रृंग्वेरपुर सर्विस लेन से हाईवे पर ले जाकर वाराणसी के रास्ते बिहार ले जाने की तैयारी थी। पुलिस ने सर्विस रोड पर घेराबंदी की।
पुलिस का आरोप है कि पिकअप चालक ने पुलिसकर्मियों को देखकर वाहन की रफ्तार बढ़ा दी और उन्हें कुचलने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इसके बाद चालक समेत तीन लोग पिकअप छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने एक आरोपी फिरोज अहमद को पकड़ लिया, जबकि मोहम्मद जैद और मोहम्मद मुजफ्फर भागने में सफल रहे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए फिरोज ने पूछताछ में बताया कि जैद और मुजफ्फर घूमंतू गोवंश पकड़वाकर पिकअप में लदवाते हैं। इसके बाद इन्हें कानपुर-वाराणसी हाईवे के रास्ते बिहार ले जाया जाता है। वहां पशु बाजार में बिक्री के बाद मिलने वाली रकम आपस में बांटी जाती है और उसे मजदूरी के रूप में पैसे दिए जाते हैं।

