प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदल दी जिंदगी, संतकबीरनगर के जितेंद्र कुमार को मिला पक्का घर तो लौटा सम्मान और सुकून
लखनऊ, (आरएनएस )6। रोटी, कपड़ा और मकान हर व्यक्ति की मूलभूत जरूरतों में शामिल हैं। इन तीनों में एक सुरक्षित और पक्का मकान परिवार को न केवल सुरक्षा देता है, बल्कि सम्मान और बेहतर जीवन की नींव भी तैयार करता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अपना पक्का घर बनाना लंबे समय तक सपना बना रहता है। ऐसे ही जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना ने उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव किया है।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से ऐसे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपना घर बनाने में सक्षम नहीं थे। केंद्र और प्रदेश सरकार की इस पहल से आवासविहीन परिवारों को सुरक्षित आशियाना मिलने के साथ उनके जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और सम्मान भी आया है।इस योजना से लाभान्वित संतकबीरनगर जिले के नगर पंचायत हरिहरपुर के मोहल्ला जवाहर नगर, वार्ड संख्या छह निवासी जितेंद्र कुमार यादव पुत्र विश्राम यादव की कहानी इसका उदाहरण है। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले जितेंद्र कुमार के लिए कभी पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। उनका परिवार लंबे समय तक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था।जितेंद्र कुमार बताते हैं कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण घर का खर्च चलाना ही मुश्किल था। जिस मकान में उनका परिवार रहता था, उसकी हालत बेहद खराब थी। दीवारों में दरारें थीं और छत कभी भी गिरने का खतरा बना रहता था। बारिश के मौसम में छत टपकती थी, गर्मी में घर तपने लगता था और सर्दियों में ठंड से बचना मुश्किल होता था। बच्चों के साथ ऐसे मकान में रहना परिवार के लिए बेहद कठिन था।उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी चिंता हमेशा यही रहती थी कि यदि जर्जर मकान गिर गया तो परिवार कहां रहेगा। सीमित आमदनी के कारण पक्का मकान बनवाने की कल्पना भी उनके लिए संभव नहीं थी। मजदूरी से मिलने वाली आय परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में ही खर्च हो जाती थी।इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बारे में जानकारी मिली। योजना उनके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई। जितेंद्र कुमार ने योजना का लाभ लेने के लिए तत्काल आवेदन किया। संबंधित अधिकारियों ने उनके परिवार का सर्वे किया और पात्रता के आधार पर उन्हें स्वीकृति पत्र प्रदान किया।स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें अपना पक्का मकान बनाने के लिए तीन किस्तों में आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। सरकार से मिली सहायता राशि का उपयोग करते हुए जितेंद्र कुमार ने अपने परिवार की जरूरतों के अनुरूप पक्का मकान तैयार कराया। मजबूत ईंट और सीमेंट की दीवारों के साथ पक्की आरसीसी छत, टाइल्स वाला फर्श और हवादार कमरों ने उनके परिवार के जीवन को पूरी तरह बदल दिया।अब जितेंद्र कुमार के परिवार को न बारिश में छत टपकने की चिंता है और न आंधी-तूफान में मकान के गिरने का डर। उनका कहना है कि पहले लगता था कि जिंदगी इसी तरह कठिन परिस्थितियों में गुजर जाएगी, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन दिया है। अब परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और बच्चों की पढ़ाई के लिए भी अलग कमरा उपलब्ध है।जितेंद्र कुमार कहते हैं कि पक्का मकान मिलने के बाद उनके परिवार का आत्मविश्वास बढ़ा है। समाज में सम्मान भी बढ़ा है और परिवार अब बेहतर भविष्य के सपने देख पा रहा है। वह प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार को योजना का लाभ देने के लिए धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि सरकार ने गरीब परिवारों की परेशानी को समझकर उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का सहारा दिया है।प्रधानमंत्री आवास योजना ने यह साबित किया है कि पक्का मकान केवल चार दीवारों और छत का नाम नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान, स्थायित्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। संतकबीरनगर के जितेंद्र कुमार यादव का परिवार इस बात की जीवंत मिसाल है कि जब जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचता है तो उनके जीवन में वास्तविक बदलाव आता है। आवास की सुविधा मिलने से न केवल परिवार सुरक्षित हुआ है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की उम्मीदों को भी मजबूती मिली है।
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