(बिलासपुर) नशे के सौदागरों पर बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई का त्वरित परिणाम, 3 आरोपियों को 15-15 साल की सजा

 

 

(बिलासपुर) नशे के सौदागरों पर बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई का त्वरित परिणाम, 3 आरोपियों को 15-15 साल की सजा

बिलासपुर, 20 अगस्त (आरएनएस)। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। थाना सिटी कोतवाली में दर्ज हृष्ठक्कस् एक्ट के प्रकरण में माननीय विशेष हृष्ठक्कस् न्यायालय, बिलासपुर ने तीन आरोपियों को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। खास बात यह है कि प्रकरण का विचारण लगभग 7 माह में पूरा हुआ।

मामला अपराध क्रमांक 488/2025, धारा 21, 22 हृष्ठक्कस् एक्ट से संबंधित है। पुलिस ने 8 और 9 सितंबर 2025 को कार्रवाई करते हुए कुल 114 नग प्रत्येक 2 रूरु, यानी कुल 228 रूरु नशीली दवा बरामद की थी। इसके साथ ही प्रकरण में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक ष्टत्र10/क्चहृ2344, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है, भी जब्त की गई थी।

मुखबिर की सूचना पर हुई थी कार्रवाई

8 सितंबर 2025 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्वाली नाला के पास दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के कब्जे से 62 नग क्चह्वश्चह्म्द्गठ्ठशह्म्श्चद्धद्बठ्ठद्ग ढ्ढठ्ठद्भद्गष्ह्लद्बशठ्ठ बरामद किए गए। इसके बाद 9 सितंबर को आरोपी दुर्गा वर्मा के कब्जे से 52 नग इंजेक्शन बरामद किए गए। इस तरह कुल 114 नग नशीले इंजेक्शन पुलिस के हाथ लगे।

तीन आरोपियों को मिली सजा

इस मामले में पुलिस ने प्रभावी और साक्ष्य-आधारित विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद विशेष हृष्ठक्कस् न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

सजा पाने वालों में निकेत वस्त्रकार (23), जयंत वस्त्रकार (22) और दुर्गा वर्मा (31) शामिल हैं। तीनों बिलासपुर जिले के घुटकू क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

नशे के कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशीले पदार्थों की बिक्री, परिवहन और आपूर्ति में संलिप्त लोगों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में गिरफ्तारी के साथ वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी जांच भी की जाएगी।

बिलासपुर पुलिस ने दो टूक संदेश दिया है—नशे का कारोबार छोड़ दें, क्योंकि पुलिस की कार्रवाई और न्याय व्यवस्था ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

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(कोरबा) दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे वनमंत्री कश्यप: कटघोरा वन मण्डल के वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र, हाथी नियंत्रण केंद्र का किया अवलोकन

० हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल एवं सुरक्षा किट प्रदान कर मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम पर किया संवाद

० स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर वनौषधि प्रसंस्करण एवं आजीविका गतिविधियों की ली जानकारी

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता मंत्री छत्तीसगढ़ शासन केदार कश्यप 2 दिवसीय जिले के प्रवास के दौरान पहले दिन उन्होंने कटघोरा वनमंडल के विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर वन संरक्षण, वन आधारित आजीविका, वन्यजीव सुरक्षा तथा मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वन विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।

वनमंत्री श्री कश्यप ने अपने प्रवास के प्रथम चरण में पाली विकासखंड के अंतर्गत ग्राम डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र का अवलोकन किया। यहां उन्होंने हरि बोल स्व-सहायता समूह से जुड़ी माताओं-बहनों से आत्मीय संवाद किया तथा उनके द्वारा किए जा रहे वनौषधि संग्रहण, प्रसंस्करण एवं उत्पाद निर्माण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने वन संसाधनों पर आधारित विभिन्न गतिविधियों एवं तैयार किए जा रहे उत्पादों के बारे में मंत्री श्री कश्यप को अवगत कराया।

वनमंत्री ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वन क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का स्थानीय स्तर पर बेहतर उपयोग कर ग्रामीणों के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण तथा वन संसाधनों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत, लगन और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है।

श्री कश्यप ने समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वनौषधियों एवं अन्य वन उत्पादों के प्रसंस्करण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है तथा महिला समूहों की आय में वृद्धि के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। इसके पश्चात वनमंत्री श्री कश्यप पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत वन विश्राम गृह बुका पहुंचे। यहां जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। वनमंत्री ने सभी के स्नेह, सम्मान एवं आत्मीय स्वागत के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।

ग्राम डोंगानाला के कार्यक्रम के अगले क्रम में वनमंत्री श्री कश्यप चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कार्यरत हाथी मित्र दल के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल एवं सुरक्षा किट प्रदान की, ताकि वन क्षेत्रों में निगरानी एवं त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

इस अवसर पर श्री कश्यप ने हाथी मित्र दल के सदस्यों से क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों, ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आवाजाही तथा मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाथी-मानव द्वंद्व की रोकथाम के लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। समय पर सूचना, सतर्कता और स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी से संभावित घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

वनमंत्री ने स्थानीय वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की। उन्होंने वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और हाथियों से संबंधित घटनाओं की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुभव और सहयोग से वन विभाग की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने हाथी मित्र दल एवं वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों को वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सतत निगरानी और समन्वय के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी -कर्मचारी, वन प्रबंधन समितियों के सदस्य, हाथी मित्र दल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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(कोरबा) तेज बारिश थमते ही जलस्तर में गिरावट: बांगो बांध के 2 जलद्वार बंद, अब 7 गेट से छोड़ा जा रहा पानी

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। मिनीमाता हसदेव बांगो बांध में पानी की आवक कम होने के कारण जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों से चर्चा एवं उनके निर्देशानुसार बांध के दो जलद्वार बंद किए गए हैं। अब कुल 7 जलद्वारों के माध्यम से अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. भारती ने बताया कि 19 अगस्त 2026 को शाम 4.30 बजे से 7.30 बजे के बीच बांध में पानी की आवक कम होने के कारण पिछले तीन घंटे में जलस्तर में करीब 3 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। बांध के जलभराव को नियंत्रित करने के लिए जलद्वारों की कुल ओपनिंग 6.00 मीटर से घटाकर 5.00 मीटर कर दी गई है।

वर्तमान में बांध से अतिरिक्त पानी की निकासी 7 जलद्वारों एवं पावर हाउस के माध्यम से की जा रही है। शाम 7.30 बजे की स्थिति में बांध का जलस्तर 358.24 मीटर (91.54 प्रतिशत) दर्ज किया गया। बांध में पानी का इनफ्लो 23,732 क्यूसेक तथा आउटफ्लो 35,807 क्यूसेक है जल संसाधन विभाग द्वारा बांध के जलस्तर, पानी की आवक एवं निकासी की सतत निगरानी की जा रही है तथा परिस्थितियों के अनुसार जलद्वारों के संचालन का निर्णय लिया जा रहा है। इसी तरह दर्री बांध के 4 गेट खोले गए हैं।

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(कोरबा) ईमानदारी से बड़ी कोई दौलत नहीं: सड़क दुर्घटना के शिकार बाइक सवार के सड़क किनारे मिले 50 हजार रुपए थाने जाकर लौटाकर मिथिलेश रात्रे ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की पेश की मिसाल

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। कहते हैं ईमानदारी से बड़ी कोई दौलत नहीं होती। इक्कसवीं सदी के बदलते परिवेश के बावजूद आज भी यदा कदा ईमानदारी के ऐसे दृश्य देखने ,सुनने को मिल जाते हैं जो समाज के लिए नजीर बन जाते हैं। सड़क दुर्घटना के बाद सड़क पर गिरे शख्श के 50 हजार रुपये सुरक्षित लौटकर सतनामी समाज के समाजसेवक डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है।

जानकारी के अनुसार करतला विकासखंड के बरपाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सालिहाभांठा निवासी डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे, पिता पंचराम रात्रे, तुमान रोड स्थित पीपल पेड़ के पास करीब शाम 7 बजे मौजूद थे। इसी दौरान वहां एक बाइक सवार का दुर्घटना का शिकार हो गए । हादसे के दौरान बाइक सवार के पास रखे रुपये सड़क पर गिर गए। दुर्घटना के बाद डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे को सड़क पर गिरे हुए करीब 50,000 मिले। इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद भी उन्होंने उन्हें अपने पास रखने के बजाय मामले की जानकारी उरगा थाना प्रभारी को दी। थाना प्रभारी के दिशा-निर्देश के अनुसार डॉ. रात्रे थाना पहुंचे और थाना स्टाफ की मौजूदगी में दुर्घटना में गिरे हुए 50 हजार रुपये संबंधित बाइक सवार को वापस कर दिए।

डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे के इस कार्य की पुलिसकर्मियों और उपस्थित लोगों ने सराहना की। इस दौरान उरगा थाना प्रभारी द्वारा उनकी ईमानदारी की सराहना करते हुए 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि-इनाम प्रदान किया गया। डॉ. रात्रे के इस कार्य से यह संदेश मिलता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी ईमानदारी और मानवता को प्राथमिकता देना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित किया कि किसी दूसरे व्यक्ति की परेशानी को समझकर उसकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस करना ही सच्ची समाजसेवा है। सतनामी समाज के समाजसेवक डॉ. मिथिलेश कुमार रात्रे की इस ईमानदार पहल की क्षेत्र में चर्चा हो रही है और लोग उनके कार्य की सराहना कर रहे हैं।

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(कोरबा) सर्वमंगला मंदिर परिसर में 121 पार्थिव शिवलिंगों का हुआ सामूहिक रुद्राभिषेक

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। हसदेव तट पर अवस्थित मां सर्वमंगला मंदिर, दुरपा परिसर में नम: आयोजन समिति के तत्वावधान में पावन श्रावण माह में दूसरे वर्ष भी 121 पार्थिव शिवलिंगों का नि: शुल्क सामूहिक महारुद्राभिषेक श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर के राजपुरोहित नमन पांडे ने बताया कि नम: आयोजन समिति द्वारा यह आयोजन लगातार दूसरे वर्ष किया गया है। समिति का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से भगवान शिव की आराधना और महारुद्राभिषेक का अवसर उपलब्ध कराना है। इसके तहत 121 पार्थिव शिवलिंगों की स्थापना कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विविध पूजन-अर्चन और महारुद्राभिषेक कराया गया। अभिषेक के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। भक्तों ने जल, दूध और विभिन्न पूजन सामग्रियों से भगवान शिव का अभिषेक किया। वैदिक मंत्रों के उच्चारण और भगवान शिव के जयकारों से पूरा परिसर शिवमय हो गया था।

आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई थीं। नमन पांडे ने कहा कि पार्थिव शिवलिंग पूजन और महारुद्राभिषेक की परंपरा में आस्था रखने वाले भक्तों के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। सामूहिक आयोजन के माध्यम से अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन की सफलता में समिति के सदस्यों और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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(कोरबा) कोयला मजदूर सभा ने एसईसीएल संगठन सदस्यता सत्यापन को लेकर कसी कमर, कुसमुंडा में बुलाई संभागीय बैठक

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) बिलासपुर द्वारा संगठन सदस्यता सत्यापन को लेकर जारी अधिसूचना के बाद कोयला मजदूर सभा हरकत में आ गई है। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा जारी निर्देश के तहत कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में 1 सितंबर से 25 सितंबर के मध्य सदस्यता सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण की जानी है। इस अधिसूचना के मद्देनजर कोयला मजदूर सभा ने कोरबा संभाग में अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं।

आगामी सदस्यता सत्यापन में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से 19 अगस्त को कुसमुंडा क्षेत्र के विकासनगर स्थित संगठन कार्यालय में एक महत्वपूर्ण संभागीय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कोयला मजदूर सभा के संभागीय प्रभारी श्री केदारनाथ अग्रवाल(केंद्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष ) के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में कोरबा संभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों-कोरबा क्षेत्र, गेवरा क्षेत्र, दीपका क्षेत्र, कुसमुंडा क्षेत्र सहित सीईडब्ल्यूएस गेवरा और सेंट्रल वर्कशॉप कोरबा के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान 1 से 25 सितंबर तक चलने वाले सदस्यता सत्यापन अभियान की बारीकियों पर विस्तृत चर्चा की गई। संभागीय प्रभारी केदारनाथ अग्रवाल ने सभी क्षेत्र प्रभारियों और पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए प्रत्येक खदान और कार्यस्थल पर श्रमिकों से सीधा संपर्क साधने और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी व प्रभावी ढंग से पूरा करने की रणनीति तय की। पदाधिकारियों ने एक सुर में संगठन की सदस्यता को अधिक से अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

बैठक की अध्यक्षता केदारनाथ अग्रवाल जी द्वारा किया गया एवं बैठक का संचालन क्षेत्रीय महामंत्री अशोक कुमार साहू द्वारा अध्यक्ष के आदेशानुसार विधिवत ढंग से शुरू किया गया जिसमे प्रत्येक केंद्रीय पदाधिकारियों सहित क्षेत्रीय, यूनिट के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सत्यापन अभियान में आंकड़ो को अपने पक्ष मे करने और कोयला श्रमिकों का सहयोग एवं समर्थन हासिल करने के लिए संगठन ने त्रि-स्तरीय ठोस रणनीति तैयार की है:-

‘डोर-टू-डोरÓ एवं ‘माइन-टू-माइनÓ आउटरीच: 1 से 25 सितंबर के बीच प्रत्येक खदान, वर्कशॉप और ऑफिस शिफ्ट में संगठन की विशेष ‘सत्यापन टीमÓ तैनात रहेगी। यह टीम प्रत्यक्ष रूप से श्रमिकों से मिलकर सत्यापन फॉर्म जमा कराने और प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन करेगी।

त्वरित निवारण: सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों को होने वाली तकनीकी या कागजी समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और कोरबा क्षेत्रों में मुहिम चलाई जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र आपसी सहयोग के आधार पर कार्य करने अपनी रणनिती बनाया गया।

उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड: संगठन पिछले वर्षों में श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा, आवास और चिकित्सा सुविधाओं के लिए किए गए संघर्षों का लेखा-जोखा पत्रक: (लीफलेट) के माध्यम से हर कर्मचारी तक पहुंचाएगा।

अनुभागवार जिम्मेदारियां: सेंट्रल वर्कशॉप और बड़े माइंस क्षेत्रों में शाखा अध्यक्षों व सचिवों को अनुभागवार लक्ष्य सौंपे गए हैं ताकि एक भी पात्र श्रमिक सत्यापन से वंचित न रहे।

बैठक में संभागीय प्रभारी केदारनाथ अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह सत्यापन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि खदानों में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का जनादेश है। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कोयला मजदूर सभा को संभाग में नंबर-1 संगठन बनाने का संकल्प लिया। इस संगठनात्मक बैठक में मुख्य रूप से केदारनाथ अग्रवाल, नौशाद खान, राकेश श्रीवास्तव, श्री गिरिजा साहू, सुरेंद्र मिश्रा, अजीत पाण्डेय, अशोक साहू, शिव कुमार सुगना बर्मन, श्री विरेंन्द्र राठौर मनोज सिंह, राजेश सिंह, दूजराम मिलन श्री गोपाल यादव, राजकुमार शर्मा, तोरण सिंह राठौर,पाल वर्गीस,आशुतोष वर्मा, मनबोध, उमेश, निरंजन सिंह, सोनू प्रताप सिंह, मनीष सिंह, देवेंद्र सिंह,अनंत त्रिपाठी, मोहम्मद ताजुद्दीन, शशांक खरे एवं अन्य पदाधिकारीगण बैठक मे उपस्थित रहे।

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(कोरबा) केदारनाथ अग्रवाल को ज्ञापन सौंपते ही प्रशासन बैकफुट पर, मानिकपुर जनसुनवाई स्थगित

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। मानिकपुर खदान में 21 अगस्त 2026 को प्रस्तावित विवादित जनसुनवाई को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए इसे स्थगित कर दिया है। कुसमुंडा के विकास नगर स्थित कोयला मजदूर सभा कार्यालय में बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले आए इस प्रशासनिक फैसले को ग्रामीणों और यूनियनों के एकजुट संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है।

विस्थापित ग्रामीणों और भू-विस्थापित संघ के पदाधिकारियों (अध्यक्ष सुरेश पटेल, उपाध्यक्ष रम्मे लाल, सचिव जितेंद्र राव, कोषाध्यक्ष उदय पटेल) ने 18 अगस्त को कोयला मजदूर सभा के केंद्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी श्री केदारनाथ अग्रवाल जी को अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों के आक्रोश और संगठन के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन ने जनसुनवाई की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है।

प्रशासनिक रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि पूर्व में दिए गए आश्वासनों और विस्थापितों की लंबित मांगों का निराकरण किए बिना नई जनसुनवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

ग्रामीणों की जीत पर प्रमुख बिंदु:-

जनसुनवाई स्थगित: 21 अगस्त को होने वाली मानिकपुर खदान जनसुनवाई को आगामी आदेश तक टाल दिया गया है। प्रशासन ने पुराने किये गये वादे जो अभी तक लंबित है उस पर अमल करने एवं कानूनन सभी वायदे पुरे करने समय को आगे बढ़ाते हुए जनसुनवाई को आगे बढ़ा दिया जिसे भू-विस्थापित अपनी जीत के रूप मे देख रहे है।

लंबित मांगों पर प्राथमिकता: प्रशासन को विस्थापितों के स्वास्थ्य, पेयजल, मुआवजा और न्यायसंगत पुनर्वास के पुराने वादों पर पहले अमल करना होगा।

संगठन व विस्थापितों की एकजुटता: 12 से अधिक प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की एकजुटता और केदारनाथ अग्रवाल के नेतृत्व में उठाए गए कदम का सीधा असर देखने को मिला।

इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई सम्बन्धी बैठक मे अध्यक्षता कर रहे श्री केदारनाथ अग्रवाल जी के साथ ही श्री नौशाद खान, श्री राकेश श्रीवास्तव, श्री गिरिजा साहू, श्री सुरेंद्र मिश्रा, श्री अजीत पाण्डेय, श्री अशोक साहू, श्री शिव कुमार श्री सुगना बर्मन, श्री विरेंन्द्र राठौर श्री मनोज सिंह, श्री राजेश सिंह, श्री दूजराम मिलन श्री गोपाल यादव,श्री राजकुमार शर्मा, श्री तोरण सिंह राठौण्, श्री पाल वर्गीस,श्री आशुतोष वर्मा,श्री निरंजन सिंह, श्री सोनू प्रताप सिंह, श्री मनीष सिंह, श्री देवेंद्र सिंह,श्री अनंत त्रिपाठी श्री मोहम्मद ताजुद्दीन, श्री शशांक खरे एवं अन्य पदाधिकारीगण बैठक मे उपस्थित रहेÓ

भू-विस्थापितों और कोयला मजदूर सभा ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्व की सभी मांगों का धरातल पर ठोस समाधान नहीं हो जाता, वे अपने अधिकारों और न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ते रहेंगे।

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(कोरबा) कोरबा में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी पर सांसद: ज्योत्सना महंत ने जताई चिंता, जीएम और डीआरएम को लिखा पत्र

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने कोरबा-रायपुर एवं रायपुर-कोरबा के बीच संचालित यात्री ट्रेनों में लगातार हो रही लेटलतीफी को गंभीरता से लेते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं मंडल रेल प्रबंधक, बिलासपुर को पत्र लिखकर समस्या के शीघ्र निराकरण की मांग की है।

सांसद ने अपने पत्र में विशेष रूप से चांपा-बिलासपुर रेलखंड के बीच ट्रेनों के अनावश्यक विलंब का उल्लेख करते हुए कहा है कि इससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरबा से रायपुर और रायपुर से कोरबा के बीच यात्रा करने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यवसायी, मरीज तथा अन्य यात्रियों के लिए समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण है।

सांसद ने कहा कि कई अवसरों पर ट्रेनें निर्धारित समय के आसपास अपने प्रारंभिक स्टेशन से रवाना होने के बावजूद चांपा और बिलासपुर के बीच अत्यधिक विलंबित हो जाती हैं। इसके कारण यात्रियों को अपने कार्यालय, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, व्यवसायिक एवं अन्य जरूरी कार्यों में पहुंचने में कठिनाई होती है।.उन्होंने रेलवे प्रशासन से हसदेव एक्सप्रेस, शिवनाथ एक्सप्रेस, कोरबा-रायपुर-रायपुर-कोरबा मेमू सहित अन्य यात्री ट्रेनों के समयपालन की विशेष समीक्षा करने की मांग की है।

सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि-

Óचांपा-बिलासपुर रेलखंड में ट्रेनों के विलंब के वास्तविक कारणों की जांच की जाए।

Óयात्री ट्रेनों को अनावश्यक रूप से रोकने पर रोक लगाई जाए।

Ó कोरबा-रायपुर एवं रायपुर-कोरबा ट्रेनों का निर्धारित समयपालन सुनिश्चित किया जाए।

Ó इस रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन की विशेष मॉनिटरिंग की जाए।

ट्रेनों की लगातार हो रही देरी का कारणवार विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। निर्माण, रखरखाव अथवा परिचालन संबंधी कार्यों के कारण यदि ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं तो यात्रियों को इसकी पूर्व सूचना दी जाए।

सांसद ने कहा कि कोरबा क्षेत्र के लिए रेल सेवा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि लाखों लोगों की दैनिक जरूरत और जीवनरेखा है। इसलिए यात्री ट्रेनों के समयपालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने रेलवे प्रशासन से इस पूरे मामले को प्राथमिकता से लेते हुए चांपा-बिलासपुर रेलखंड में हो रही लेटलतीफी की समस्या का स्थायी समाधान करने तथा यात्रियों को राहत प्रदान करने की अपेक्षा की है।

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(कोरबा) 24 से निगम चलाएगा राजस्व वसूली का विशेष अभियान

० आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने आदेश जारी कर जोन कमिश्नरों, उप जोन प्रभारियों व निगम के अन्य अमले को सौपे दायित्व

० वार्डो में निर्धारित तिथियों में लगेंगे वसूली कैम्प, साथ ही करारोपण से छूटे हुये या अतिरिक्त निर्माण व उपयोगिता परिवर्तन वाले भवनों में होगा नियमानुसार करारोपण

कोरबा 20 अगस्त (आरएनएस)। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा राजस्व वसूली हेतु वार्डो में शिविर लगाये जायेंगे, यह शिविर 24 अगस्त से 22 सितम्बर तक निर्धारित कार्यक्रम के तहत वार्डो में आयोजित होंगे, वार्डो में निर्धारित स्थलों पर करदाताओं व बकायादारों से बकाया करों की राशि जमा कराई जायेगी, यह कैम्प प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित होंगे। आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने आदेश जारी कर जोन कमिश्नरों, उप जोन प्रभारियों, राजस्व निरीक्षकों, उप निरीक्षकों तथा अन्य अधिकारी कर्मचारियों को इस हेतु आवश्यक दायित्व सौप कर कैम्पों का सफल आयोजन करने, बकाया कर एवं शुल्क राशि जमा कराने तथा जोन क्षेत्रांतर्गत नवनिर्मित अथवा करारोपण से छूटे हुये भवनों, अतिरिक्त निर्माण, भवनों की उपयोगिता में परिवर्तन आदि का स्थल निरीक्षण, सर्वेक्षण कर नियमानुसार करारोपण की कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये हैं।

आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय के द्वारा जारी आदेश के तहत राजस्व वसूली हेतु वार्डो में आयोजित किये जाने शिविरों के आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 अगस्त को वार्ड क्र. 01 रामसागरपारा दलिया गोदाम, वार्ड क्र. 03 साकेतनगर तुलसीनगर सामुदायिक भवन, वार्ड क्र. 26 आंगन

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