भिलाई नगर चुनाव विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

भिलाई नगर चुनाव विवाद में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

 

=देवेंद्र यादव की SLP खारिज, प्रेम प्रकाश पांडेय की निर्वाचन याचिका पर हाईकोर्ट में ट्रायल जारी रहेगा=

 

रायपुर। ( RNS)भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़े निर्वाचन विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से संबंधित निर्वाचन याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई और ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है।

 

मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने की। देवेंद्र यादव की ओर से हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए SLP (Civil) No. 28778/2026 दायर की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

 

=प्रेम प्रकाश पांडेय ने दायर की है निर्वाचन याचिका=

 

यह पूरा मामला 65-भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र के वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम से जुड़ा है। भाजपा नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय ने निर्वाचन याचिका क्रमांक 9/2024 के माध्यम से देवेंद्र यादव के निर्वाचन को चुनौती दी है।

 

निर्वाचन याचिका में आरोप लगाया गया है कि नामांकन के दौरान दाखिल किए गए शपथ-पत्र में कानून के तहत आवश्यक जानकारी का समुचित रूप से खुलासा नहीं किया गया। इसके अलावा याचिका में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत भ्रष्ट आचरण से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं।

 

इन आरोपों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। निर्वाचन याचिका में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों को अपने-अपने दावों और आपत्तियों के समर्थन में साक्ष्य एवं तर्क प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

 

=मुद्दों को प्रारंभिक स्तर पर तय कराने की थी मांग=

 

निर्वाचन याचिका की सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव की ओर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इसमें निर्वाचन मामले के मुद्दा क्रमांक 2 और 4 को प्रारंभिक मुद्दों के रूप में तय करने की मांग की गई थी।

 

ये मुद्दे मुख्य रूप से नामांकन के शपथ-पत्र में आवश्यक जानकारी के प्रकटीकरण और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 83 से संबंधित थे।

 

देवेंद्र यादव की ओर से इन मुद्दों पर प्रारंभिक स्तर पर ही निर्णय लेने की मांग की गई थी। हालांकि, 30 जून 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनका आवेदन खारिज कर दिया।

 

हाईकोर्ट ने माना कि संबंधित मुद्दे केवल कानून के प्रश्न नहीं हैं, बल्कि इनमें तथ्य और कानून दोनों से जुड़े प्रश्न शामिल हैं। ऐसे मामलों का उचित परीक्षण साक्ष्य दर्ज होने के बाद नियमित ट्रायल के दौरान किया जाना चाहिए।

 

=हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे यादव=

 

हाईकोर्ट के इसी आदेश को देवेंद्र यादव ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके लिए उन्होंने SLP (Civil) No. 28778/2026 दाखिल की।

 

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और SLP खारिज कर दी। इसका सीधा असर यह है कि निर्वाचन याचिका अब हाईकोर्ट में नियमित ट्रायल और साक्ष्य की प्रक्रिया के साथ आगे बढ़ेगी।

 

यानी जिन मुद्दों को प्रारंभिक स्तर पर तय कराने की मांग की गई थी, उनका परीक्षण अब मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान किया जाएगा।

 

=इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे देवेंद्र यादव=

 

भिलाई नगर निर्वाचन विवाद में यह देवेंद्र यादव की सुप्रीम कोर्ट में दूसरी महत्वपूर्ण SLP है, जिसमें उन्हें राहत नहीं मिली है।

 

इससे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 5 जुलाई 2024 के आदेश को चुनौती देते हुए SLP (Civil) No. 6306/2025 दाखिल की थी। यह मामला भी देवेंद्र यादव बनाम प्रेम प्रकाश पांडेय के नाम से सुप्रीम कोर्ट में दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में इस मामले की पुष्टि होती है।

 

इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती CPC के आदेश VII नियम 11 से संबंधित कार्यवाही को लेकर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में इस मामले पर सुनवाई की थी और बाद में याचिका खारिज कर दी थी।

 

=अब हाईकोर्ट में होगा निर्वाचन याचिका का ट्रायल=

 

सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद भिलाई नगर विधानसभा चुनाव से जुड़ा मूल निर्वाचन विवाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में आगे बढ़ेगा।

 

अब मामले में दोनों पक्षों की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे और निर्वाचन याचिका में उठाए गए कानूनी एवं तथ्यात्मक मुद्दों की जांच ट्रायल के दौरान होगी।

 

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा SLP खारिज किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि निर्वाचन याचिका में लगाए गए आरोप सही साबित हो गए हैं या देवेंद्र यादव का निर्वाचन रद्द हो गया है। निर्वाचन याचिका के मूल विवाद पर अंतिम निर्णय अभी हाईकोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

 

भिलाई नगर विधानसभा सीट के वर्ष 2023 के चुनाव परिणाम से जुड़े इस मामले पर अब सबकी नजर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई और ट्रायल की प्रक्रिया पर रहेगी।

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