मलयालम फिल्म हाफ से जुड़े फरहान अख्तर, टोरंटो महोत्सव में धमाका करने की तैयारी

मलयालम फिल्म हाफ से जुड़े फरहान अख्तर, टोरंटो महोत्सव में धमाका करने की तैयारी

अभिनेता-निर्माता फरहान अख्तर ने अपने फैंस को नया तोहफा देने की तैयारी कर ली है। इस बार वो मलयालम वैम्पायर थ्रिलर फिल्म हाफ से जुड़े हैं, जिसका ऐलान उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर किया। उन्होंने बताया कि वह और रितेश सिधवानी, अपनी प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट और एए फिल्म्स के सहयोग से फिल्म हाफ को पूरे उत्तर भारत में हिंदी भाषा में प्रस्तुत और रिलीज करेंगे। सितंबर, 2026 में इसका प्रीमियर टोरंटो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के मिडनाइट मैडनेस में होगा।

हाफ एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रिलीज होने वाली पहली मलयालम फिल्म होगी। इसका निर्देशन समजद ने किया है, जिन्हें मलायलम फिल्म गोलम (2024) के लिए जाना जाता है।

कहानी वैम्पायर (पिशाच) लोककथाओं पर आधारित हिंसक शिकार, बदले और खून-खराबा के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म में रंजीत सजीव, ऐश्वर्या राज, अब्बास और अमला पॉल को मुख्य किरदार निभाते देखा जाएगा।

टोरंटो महोत्सव में प्रदर्शित होने के बाद ये फिल्म भारत में हिंदी, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज होगी।

००

 

इरुमुडी के ट्रेलर ने उठाए रोमांचक रहस्य और ड्रामा से पर्दा, जानिए क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म इरुमुडी का ट्रेलर आ गया है, जिसमें रवि तेजा एक पारिवारिक इंसान की भूमिका में दिख रहे हैं। ट्रेलर दिखाता है कि उनके गांव में हो रही कुछ अजीब मौतों की वजह से उनकी पूरी दुनिया हिल जाती है।

यह फिल्म 21 अगस्त को रिलीज होगी। इसमें निजी संघर्षों के साथ एक बड़े रहस्य का भी मेल है, जो भरपूर ड्रामा और सस्पेंस का वादा करता है।

रवि का किरदार कई पर्तों वाला है। वह अपनी पत्नी और बेटी के प्रति समर्पित है, लेकिन शराब की लत से भी जूझ रहा है, जिसकी वजह से उसके रिश्तों में तनाव आ जाता है।

ट्रेलर में उसे आध्यात्मिक विकास के लिए 41 दिन की अय्यप्पा दीक्षा लेते हुए भी दिखाया गया है। इस फिल्म के निर्देशक शिवा निर्वना हैं।

फिल्म में प्रिया भवनी शंकर, साई कुमार और बेबी नक्षत्र जैसे कलाकार भी हैं। फिल्म का संगीत जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है।

ट्रेलर देखने के बाद दर्शकों में काफी उत्साह है और यह फिल्म पश्चाताप और सामुदायिक रहस्यों पर आधारित एक दमदार कहानी लेकर आने वाली है।

००

 

अशोक सेल्वन और प्रीति मुकुंदन की जोड़ी लेकर आ रही है अनबिल अवन, सितंबर में होगी रिलीज?

अशोक सेलवन की 23वीं फ़िल्म का ऑफ़िशियल नाम अंबिल अवान रखा गया है और मेकर्स ने इस आने वाले प्रोजेक्ट का पहला लुक भी जारी कर दिया है। पोर थोज़िल और कारा फेम विग्नेश राजा द्वारा लिखी गई और आर. कार्तिकेयन द्वारा निर्देशित यह फ़िल्म एक एक्शन-पैक्ड रोमांटिक एंटरटेनर बनने जा रही है।

फ़िल्म में प्रीति मुकुंदन फीमेल लीड रोल में हैं, जबकि सपोर्टिंग कास्ट के बारे में और जानकारी आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है। हालांकि मेकर्स ने अभी तक पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, लेकिन कहा जा रहा है कि अंबिल अवान में एक्शन और रोमांस मुख्य तत्व होंगे।

दिलचस्प बात यह है कि अशोक सेलवन लेखन प्रक्रिया में भी शामिल हैं। उन्होंने विग्नेश राजा और डायरेक्टर आर. कार्तिकेयन के साथ मिलकर पटकथा (स्क्रीनप्ले) लिखी है, जो इस प्रोजेक्ट में एक्टर का एक अतिरिक्त क्रिएटिव योगदान है।

गोविंद वसंत फ़िल्म का संगीत तैयार कर रहे हैं, जिससे इसकी टेक्निकल टीम और भी दिलचस्प हो गई है। इस प्रोजेक्ट को के. करुणा मूर्ति, अशोक सेलवन और अभिनय सेल्वम का सहयोग प्राप्त है।

पहला लुक सामने आने के साथ ही, अंबिल अवान अब सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की तैयारी के अंतिम चरण में पहुँच गई है। यह फ़िल्म सितंबर में रिलीज़ होने वाली है और उम्मीद है कि यह उस महीने की तमिल सिनेमा की दिलचस्प फ़िल्मों में से एक होगी।

अशोक सेलवन के अभिनय और लेखन की ज़िम्मेदारियाँ संभालने, विग्नेश राजा के शामिल होने और कार्तिकेयन के निर्देशन के कारण, अंबिल अवान ने अपनी रिलीज़ से पहले ही लोगों में उत्सुकता पैदा कर दी है।

००

 

ईठा की नई रिलीज डेट लॉक, अक्षय कुमार की फिल्म को देगी कड़ी टक्कर

लक्ष्मण उतेकर की पीरियड डांस ड्रामा फिल्म ईठा की रिलीज की नई तारीख तय हो गई है. मशहूर लावनी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म पहले इसी महीने 28 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी. लेकिन अब इस डेट को पोस्टपोन कर दिया गया है. अब यह फिल्म एक नई तारीख पर रिलीज होगी, जिसका एलान मेकर्स ने कर दिया है.

मेकर्स ने ईठा की नई रिलीज डेट का अनाउंसमेंट किया. जो फिल्म 28 अगस्त को रिलीज होने वाली थी, वह अब इसी साल दिसंबर में रिलीज होगी. मेकर्स ने एक पोस्टर जारी करते हुए कैप्शन में लिखा है, तूफान के लिए तैयार रहना, क्योंकि ईठा आ रही है, 4 दिसंबर को.

ईठा को पहले 28 अगस्त को रिलीज करने का प्लान था, जिससे रक्षाबंधन वीकेंड पर यश की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म के साथ इसकी सीधी टक्कर होती. अब यह टकराव पूरी तरह टल गया है. टॉक्सिक की रिलीज 26 अगस्त को दुनिया भर में कन्फर्म हो गई है, जबकि ईठा को लगभग साढ़े तीन महीने आगे खिसका दिया गया है.

मेकर्स ने जून में ईठा का टीजर जारी किया था, जिसमें फिल्म की रिलीज डेट 28 अगस्त बताई गई थी. हालांकि, उसके ठीक बाद एक बड़ी घटना हुई जिसने फिल्म की दिशा ही बदल दी. 20 जून को, के. वेंकट नारायण के केवीएन प्रोडक्शंस और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने गीतू मोहनदास की पैन-इंडिया एक्शन थ्रिलर टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स की नई रिलीज डेट 26 अगस्त घोषित की.

नई तारीख के साथ, ईठा अब 4 दिसंबर को बॉक्स ऑफिस पर उस कॉमेडी फिल्म के साथ क्लैश होगी, जिसे अनीस बज्मी डायरेक्ट कर रहे हैं और जिसमें अक्षय कुमार और विद्या बालन मुख्य भूमिकाओं में हैं. वहीं, दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शाहरुख खान की किंग भी रिलीज होने वाली है. यह फिल्म 24 दिसंबर को रिलीज होगी. ऐसे में ईठा के पास बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करने के लिए 3 हफ्ते होगे.

इस साल अगस्त स्लॉट में तारीख में बदलाव का यह पहला बड़ा मामला नहीं है. राजकुमार राव की फिल्म प्रहार पहले अपनी तय रिलीज तारीख 7 अगस्त से हट गई थी, और उस फिल्म की नई रिलीज तारीख का अभी भी इंतजार है.

ईठा महाराष्ट्र की मशहूर तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित है. अपने पिता के करियर के मुश्किल दौर में परिवार की मंडली की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें तमाशा सम्राज्ञी का खिताब मिला. कई दशकों के दौरान उन्हें कई बड़े सम्मान मिले, जिनमें 1957 और 1990 में मिला राष्ट्रपति पुरस्कार भी शामिल है.

इतनी लोकप्रियता और तारीफ मिलने के बावजूद, विठाबाई को जिंदगी के बाद के दौर में काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा. 4 दिसंबर की नई तारीख़ तय होने के साथ ही, ईठा को लेकर दर्शकों में काफ़ी उत्सुकता बढ़ गई है.

००

 

फिल्म सरदार 2 से आशिका रंगनाथ का फर्स्ट लुक जारी

टैलेंटेड और खूबसूरत एक्ट्रेस आशिका रंगनाथ आज अपना जन्मदिन मना रही हैं और उन्हें हर तरफ से बधाईयां मिल रही हैं। हाल ही में, उनकी आने वाली फिल्म सरदार 2 के मेकर्स ने फिल्म से आशिका का फर्स्ट लुक जारी किया है।

वह बेहद खूबसूरत, आकर्षक और ग्लैमरस लग रही हैं और उनकी आँखों में एक खास चमक है। उन्हें किताबों से भरी अपनी डेस्क पर बैठे और गहरी नज़र से देखते हुए दिखाया गया है। इस फिल्म में सूर्या मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन पी.एस. मित्रन कर रहे हैं और यह हिट फिल्म सरदार का सीक्वल है।

फिल्म के प्रमोशन और टीज़र को हर तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म में मालविका मोहनन दूसरी मुख्य अभिनेत्री हैं और इसका संगीत सैम सी.एस. ने तैयार किया है। योगी बाबू भी फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

प्रिंस पिक्चर्स के बैनर तले एस. लक्ष्मण कुमार और ईशान सक्सेना इस फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह फिल्म अन्नपूर्णा स्टूडियोज़ के बैनर तले तेलुगु में रिलीज़ की जा रही है।

००

 

अल्लू अर्जुन की फिल्म राका में गर्भवती महिला के किरदार में होंगी दीपिका,जाह्नवी और रश्मिका के किरदारों का भी खुलासा

अल्लू अर्जुन की आगामी फिल्म राका का उनके फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एटली के निर्देशन में बन रही ये एक एक्शन थ्रिलर है, जिससे अभिनेता का पहला लुक आने के बाद फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह का माहौल है। फिल्म में दीपिका पादुकोण भी शामिल हैं, जो पहली बार अल्लू के साथ स्क्रीन साझा करती दिखेंगी। रश्मिका मंदाना और जाह्नवी कपूर भी इसका हिस्सा हैं। हालिया रिपोर्ट में इन सभी की भूमिकाओं को लेकर अपडेट आया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, राका में दीपिका को एक गर्भवती महिला के किरदार में देखा जाएगा, जिसका जीवन-मरण का संघर्ष फिल्म के भावनात्मक पहलुओं में से एक है।

बताया जा रहा है कि उनका किरदार फिल्म के पौराणिक वैदिक युग में फिल्माए जा रहे विशाल संसार में शामिल होगा।

दिलचस्प बात ये है कि दीपिका असल जिंदगी में भी गर्भवती हैं और गर्भावस्था के तीसरे चरण में अपने दृश्यों की शूटिंग को जारी रख रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, जाह्नवी इसमें एक आदिवासी रानी, एक निडर और शक्तिशाली नेता का किरदार निभाएंगी, जो फिल्म की कहानी में अहम भूमिका निभाएगी।

रश्मिका को एक मार्गदर्शक और रक्षक की भूमिका में देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि उनका किरदार, दीपिका को राका की खतरनाक दुनिया में आगे बढ़ने में मदद करता है और उसके अस्तित्व की लड़ाई में अहम भूमिका निभाता है।

लगभग 1,000 करोड़ रुपये के बजट वाली ये फिल्म 2027 में रिलीज होगी।

००

 

रसोई में खुली शेल्फ बनवाना इन दिनों कर रहा है ट्रेंड, जानिए इसके कुछ फायदे

आजकल रसोई में खुली शेफ बनवाने का चलन काफी बढ़ गया है। इस ट्रेंड में रसोई की अलमारियों को बंद रखने के बजाय खुला रखा जाता है, जिससे सामान आसानी से दिखता है और उन्हें ढूंढने में समय नहीं लगता। खुली शेल्फ न केवल देखने में आकर्षक लगती है, बल्कि यह काम करने में भी सहूलियत प्रदान करती है। आइए जानते हैं कि ये इतनी लोकप्रिय क्यों हो रही हैं।

सामान की उपलब्धता में आसानी

खुली शेल्फ बनाने से आपको सभी सामान आसानी से दिख जाता है। इससे आपको बार-बार अलमारी खोलकर देखने की जरूरत नहीं पड़ती और समय बचता है।

खासकर जब आप जल्दी में होते हैं या किसी चीज की जरूरत होती है तो खुली शेफ बहुत काम आती हैं। इसके अलावा बच्चों को भी अपनी चीजें ढूंढने में आसानी होती है, जिससे उनका समय भी बर्बाद नहीं होता और वो सामान फैलते भी नहीं हैं।

सजावट का बेहतरीन तरीका

खुली शेल्फ वाला लुक आपकी रसोई को सजाने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है। इसमें आप अपने पसंदीदा बर्तनों, किताबों या पौधों को दिखा सकते हैं, जिससे रसोई का माहौल और भी खुशनुमा हो जाता है।

आप अलग-अलग आकार और डिजाइन के शेल्फ का उपयोग करके अपनी रसोई को एक अनोखा रूप दे सकते हैं। इसके अलावा आप विभिन्न रंगों का भी चयन कर सकते हैं, जो आपकी रसोई के बाकी हिस्सों के साथ मेल खाता हो।

साफ-सफाई करना हो जाता है आसान

खुली शेल्फ वाली रसोई की सफाई करना बहुत आसान होता है। बंद अलमारियों की तरह इसमें धूल-मिट्टी जमा नहीं होती, जिससे आपको बार-बार सफाई करने की जरूरत नहीं पड़ती।

बस हफ्ते में एक बार हल्का-सा झाड़ू लगाकर या कपड़े से पोछकर ही काम पूरा हो जाता है। इससे आपकी रसोई हमेशा साफ-सुथरी बनी रहती है और इसमें काम करना भी सहज होता है।

खुली शेल्फ रसोई को एक नया और आकर्षक रूप देता है।

व्यक्तिगत स्पर्श जोड़ें

खुली शेल्फ आपको अपनी रसोई में व्यक्तिगत स्पर्श जोड़ने का मौका देती हैं। आप अपनी पसंदीदा किताबें, तस्वीरें या कोई अन्य सामान यहां रख सकते हैं, जिससे आपकी रसोई आपकी पहचान दर्शाएगी।

इससे आपकी रसोई और भी खास बन जाती है और उसमें काम करना एक सुखद अनुभव होता है। इसके अलावा आप अपने बर्तनों और अन्य सामान को इस तरह से व्यवस्थित कर सकते हैं, जिससे वे आसानी से मिल सकें और देखने में भी अच्छे लगें।

००

 

शाम होते ही क्यों महसूस होने लगती है एक कप चाय की तलब?

शाम होते ही अगर आप एक कप चाय की तलब महसूस करने लगते हैं तो यकीनन आप अकेले नहीं हैं। यह एक आम आदत है, लेकिन क्या आपने कभी इसके पीछे का कारण सोचा है? इस लेख में हम इस आदत के पीछे के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक कारणों को समझने की कोशिश करेंगे। साथ ही जानेंगे कि यह आदत आपकी दिनचर्या को कैसे प्रभावित कर सकती है और इसे कैसे स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।

दिन का अंत करने का संकेत

शाम का समय अक्सर दिन की गतिविधियों का अंत करने का संकेत देता है। यह एक ऐसा समय होता है, जब हम अपने दिनभर के कामों को समेटते हैं और आराम करने की तैयारी करते हैं।

एक कप चाय पीने से मन और शरीर, दोनों को आराम मिलता है। यह एक तरह से मानसिक संकेत भी होता है कि अब वक्त है खुद के लिए थोड़ा समय निकालने का और दिनभर की भागदौड़ के बाद थोड़ी शांति पाने का।

सामाजिक जुड़ाव का मौका

शाम की चाय अक्सर परिवार या दोस्तों के साथ बैठकर पी जाती है, जिससे आपस में जुड़ाव बढ़ता है। यह समय बिताने का एक अच्छा तरीका है, खासकर उन लोगों के लिए, जो दिनभर काम करते हैं और शाम को अपने परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताते हैं।

इस प्रकार चाय पीने का यह समय न केवल शारीरिक, बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इससे आपसी संबंध मजबूत होते हैं और तनाव कम होता है।

आराम और शांति का अनुभव

शाम की चाय पीने से शरीर और मन, दोनों को आराम मिलता है। गर्म तरल पदार्थ पीने से शरीर को ठंडक महसूस होती है और मन शांत होता है।

यह आदत खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होती है, जो दिनभर की भागदौड़ में थके-हारे होते हैं। चाय की गर्माहट और इसकी ताजगी भरी खुशबू मन को सुकून देती है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है।

इससे आप रातभर की नींद के लिए तैयार हो जाते हैं।

सेहत के फायदे

चाय में मौजूद फायदेमंद तत्व सेहत के लिए अच्छे होते हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने और ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं।

इसलिए, शाम की चाय पीना न केवल आरामदायक होता है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ताजगी प्रदान करते हैं और दिनभर की थकान मिटाते हैं।

इसके अलावा यह मानसिक शांति भी प्रदान करती है, जिससे आप रातभर की अच्छी नींद ले सकते हैं।

मानसिक संतुलन बनाए रखना

शाम की चाय पीने से मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। यह आदत तनाव कम करने और मानसिक शांति पाने में सहायक है।

नियमित रूप से चाय पीने से व्यक्ति अधिक सकारात्मक महसूस करता है और उसकी सोच स्पष्ट होती जाती है। इस प्रकार शाम की चाय न केवल एक साधारण पेय है, बल्कि जीवनशैली और मानसिक सेहत पर गहरा प्रभाव डालती है।

इसे अपनाकर हम अपने जीवन को अधिक संतुलित और स्वस्थ बना सकते हैं।

 

००

 

(17कैप्शन01)आज का वर्ग पहेली।

 

(17कैप्शन02)आज का सोडूकू। ं

 

(17कैप्शन03)फिल्म सरदार 2 से आशिका रंगनाथ का फर्स्ट लुक जारी।

 

(17कैप्शन04)अल्लू अर्जुन की फिल्म राका में गर्भवती महिला के किरदार में होंगी दीपिका,जाह्नवी और रश्मिका के किरदारों का भी खुलासा।

 

(17कैप्शन05)रसोई में खुली शेल्फ बनवाना इन दिनों कर रहा है ट्रेंड, जानिए इसके कुछ फायदे।

 

(17महासमुंदकैप्शन07) वैद्य फू ड में राजस्व, खाद्य औषधि एवं पुलिस की संयुक्त टीम की दबिश, 200 किलो पनीर जब्त।

 

(17जशपुरनगरकैप्शन08) मुख्यमंत्री ने

रेशम से रोशन जशपुर का किया शुभारंभ, रेशम से रोशन हो रहा जशपुर, टसर उत्पादन में प्रदेश में प्रथम स्थान।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *