मां कल्याणी ने हस्त कमंडल तप मुद्रा में ब्रह्मचारिणी रूप में दिए दर्शन
भक्तों ने चढांए मां को लाल चुनरियां जटा नारियल, भक्तों ने किया शतचंडी महायज्ञ की परिक्रमा और बच्चों का हुआ मुंडन संस्कार
प्रयागराज। शारदीय नवरात्रि महोत्सव के द्वितीय दिवस पर शक्तिपीठ माँ कल्याणी देवी जी के मंदिर में माँ के ब्रह्मचारिणी स्वरूप के दर्शन हेतु भक्तों की भारी भीड़ रही।
प्रातः 5:15 बजे माँ का पूजन कर महामंत्री पं. श्याम जी पाठक ने माँ की मंगलाचरण की पूजन विधि विधान पूर्वक करते हुए मंगला आरती उतारी। मध्यान्ह 1 बजे तक हजारों श्रद्धालुओं ने माँ का दर्शन-पूजन किया। तत्पश्चात माँ का महाभिषेक, पूजन कर माँ कल्याणी जी का दिव्य ब्रह्मचारिणी स्वरूप का श्रृंगार किया गया। माँ तप की मुद्रा में खड़ी अपने हाथों में कमण्डल एवं जप माला धारण किये थीं।
पंडित सुशील पाठक ने बताया कि माँ के गर्भगृह को फूलों एवं जरी से सजाया गया। माँ की महाआरती सांय 7 बजे एवं शयन आरती रात्रि 12:30 बजे अध्यक्ष पं. सुशील पाठक ने उतारी।
मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी ने बताया कि मंगलवार तृतीया को माँ कल्याणी जी का श्रृंगार भगवती चन्द्रघंटा के स्वरूप में किया जायेगा। माँ सिंह के ऊपर विराजमान रहेंगी। उनके 10 भुजा में अनेक अस्त्र, शस्त्र रहेंगे। सोने, चांदी के आभूषणों, पुष्पों तथा मेवा के द्वारा श्रृंगार किया जायेगा।

