कार्यालय नगर पालिका परिषद जौनपुर में संचारी रोग नियंत्रण/दस्तक अभियान जुलाई 2026 के सफलतापूर्वक संचालन हेतु मा0 सभासदगण एवं नगर पालिका के समस्त सुपरवाइजर, सफाई नायक, सफाई कर्मियों के संवेदीकरण बैठक का आयोजन अधिशासी अधिकारी धर्मराज राय की अध्यक्षता में किया गया।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी, सहायक मलेरिया अधिकारी संजीव कुमार मिश्र एवं अशोक कुमार द्वारा ने संचारी अभियान के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने संचारी रोगों से बचाव हेतु जन जागरूकता करने के उपाय जैसे खुले में शौच न करना, खाने के पहले एवं शौच के बाद अच्छी तरह से हाथ धोना, दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन न करना, घर के अंदर तथा बाहर साफ सफाई रखना, कूलर, गमले, बेकार पड़े जलपात्रों, टायर इत्यादि में अगर पानी एकत्रित है तो उसे सप्ताह में एक बार अवश्य खाली कर सुखाकर पुनः प्रयोग करना जिससे मच्छरों का प्रजनन न होने पाए इत्यादि के विषय में बताया गया।
संचारी रोगों विशेष रूप से डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार के कारण, लक्षण एवं बचाव के विषय में जानकारी दिया गया। एंटी लार्वा छिड़काव, फागिंग, साफ सफाई इत्यादि के विषय में तकनीकी जानकारी भी दिया गया।
नगर पालिका परिषद जौनपुर से एस0एफ0आई0 जितेंद्र सिंह ने सुपरवाइजरों, सफाई नायकों एवं सफाई कर्मचारियों को एण्टीलार्वा छिड़काव, साफ सफाई के विषय में विस्तार से बताया।
————-
जौनपुर 24 जून, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-04
अटल आवासीय विद्यालय योजना ने बदली श्रमिक की बेटी की जिंदगी
जनपद जौनपुर के शाहगंज क्षेत्र के ग्राम ताखा निवासी श्री श्याम सुंदर एक दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद वे अपनी चार पुत्रियों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना देखते थे। दैनिक मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण करना ही उनके लिए बड़ी चुनौती था, ऐसे में बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था कर पाना आसान नहीं था।
वर्ष 2014 में उन्होंने श्रम विभाग में अपना पंजीकरण कराया था। जब उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी पुत्री जाह्नवी का आवेदन कराया। जाह्नवी ने प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की और वर्ष 2024-25 में अटल आवासीय विद्यालय में कक्षा-9 में प्रवेश प्राप्त किया। विद्यालय में निःशुल्क आवास, भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने से जाह्नवी को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। उसकी मेहनत और विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम यह रहा कि उसने वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार और जनपद का नाम रोशन किया।
श्री श्याम सुंदर बताते हैं कि यदि अटल आवासीय विद्यालय योजना का लाभ उनकी पुत्री को न मिला होता, तो आर्थिक कठिनाइयों के कारण इतनी अच्छी शिक्षा संभव नहीं हो पाती।
विकास खंड सिरकोनी के ग्राम रमसापुर कबूलपुर निवासी श्रीमती विद्योत्तमा देवी ने बताया कि उनकी बडी बेटी अर्चना और उनके दामाद की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने के कारण उन्होने अपने नाती सावन कुमार का पालन-पोषण अपने जिम्मे लिया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें उसकी अच्छी शिक्षा की चिंता सताती रहती थी।
अटल आवासीय विद्यालय योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने सावन का आवेदन कराया। प्रवेश परीक्षा में सफल होने के बाद सावन का चयन अटल आवासीय विद्यालय, वाराणसी में हुआ और वर्तमान में वह कक्षा-9 में अध्ययनरत है। श्रीमती विद्योत्तमा देवी का कहना है कि इस योजना ने उनके नाती के उज्ज्वल भविष्य की राह आसान कर दी है तथा अब वह आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
विकासखंड सिकरारा के ग्राम पचोखर निवासी बुद्धिराम यादव टाइल्स मिस्त्री का कार्य करते हैं। अपने पुत्र को बेहतर शिक्षा दिलाने की इच्छा रखते हुए उन्होंने वर्ष 2024-25 में अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत आवेदन किया।
उनके पुत्र का चयन कक्षा-9 में प्रवेश हेतु हुआ। अटल आवासीय विद्यालय में अध्ययन करते हुए उसने वर्ष 2025-26 की हाईस्कूल परीक्षा में 87.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। श्री बुद्धिराम यादव का कहना है कि विद्यालय की आधुनिक सुविधाओं एवं उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था ने उनके पुत्र वंशज को सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें विश्वास है कि उनका पुत्र भविष्य में और अधिक सफलता प्राप्त करेगा।
वे उत्तर प्रदेश शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।
आज उनकी सफलता न केवल उसके परिवार के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी श्रमिक परिवारों के लिए भी एक उदाहरण है, जो आर्थिक अभाव के बावजूद अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देना चाहते हैं। अटल आवासीय विद्यालय योजना ऐसे ही हजारों बच्चों के जीवन में शिक्षा और सफलता की नई रोशनी ला रही है।
————–
जौनपुर 24 जून, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-05
बिना परमिट और फिटनेस के स्कूल वाहन, चले तो होगी कड़ी कार्रवाई, स्कूल की मान्यता तक हो सकती है समाप्त
नियमों की अनदेखी कर बच्चों का परिवहन करने वाले स्कूलों पर होगी कठोर कार्रवाई, सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अजीत सिंह ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद के सभी स्कूल संचालकों को निर्देशित किया है कि यदि कोई विद्यालय बिना वैध परमिट, फिटनेस या अन्य आवश्यक दस्तावेजों के स्कूल वाहनों का संचालन करते हुए बच्चों का परिवहन करता पाया गया, तो संबंधित विद्यालय के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की संस्तुति भी की जाएगी।
स्कूल वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों और परिवहन विभाग के नियमों के अनुरूप होना अनिवार्य है। प्रत्येक वाहन के पास वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए। इसके साथ ही वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं निर्धारित योग्यता होना भी जरूरी है। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर स्कूल वाहनों की जॉच की जाएगी। जॉच के दौरान यदि कोई वाहन नियमों का उल्ल्घन करते हुए पाया गया, तो वाहन के विरूद्ध चालान एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित विद्यालय के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सभी विद्यालय प्रबन्धकों से अपील की जाती है कि वे अपने स्कूल वाहनों के सभी अभिलेख अद्यतन रखें तथा केवल पूर्ण रूप से वैध और सुरक्षित वाहनों का ही संचालन करें, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सके।
———–

