मेडिकल कॉलेज में डिजिटल पर्ची व्यवस्था शुरू, मरीजों का डाटा होगा ऑनलाइन–
! प्राचार्य डॉ. हरेंद्र कुमार की पहल पर शुरू हुआ डिजिटलाइजेशन, मिलेगी सहूलियत।
सुलतानपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सुलतानपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में डिजिटल पर्ची व्यवस्था की शुरुआत हो गई है। प्राचार्य प्रो. डॉ. हरेंद्र कुमार की पहल पर शुरू हुई इस व्यवस्था से मरीजों का पंजीकरण ऑनलाइन होगा और मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम होगी। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी, जिला अस्पताल की इमरजेंसी और अमहट स्थित ट्रामा सेंटर में डिजिटल पर्ची व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।डिजिटलाइजेशन के तहत मरीजों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इससे मरीजों के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने, आंकड़ों का संकलन करने और जरूरत पड़ने पर जानकारी उपलब्ध कराने में आसानी होगी। साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आंकड़े डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्यों में भी सहूलियत मिलेगी।इस व्यवस्था का लाभ केवल मरीजों के पंजीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। अस्पताल के डिजिटल आंकड़ों और ऑनलाइन रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन से शासन को आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने, योजनाओं के क्रियान्वयन और शासन से मिलने वाली धनराशि एवं अन्य सुविधाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। डिजिटल रिकॉर्ड से अस्पताल की कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पुराने कंप्यूटरों को दुरुस्त करने और पंजीकरण काउंटरों को व्यवस्थित करने की कवायद भी शुरू की गई है। मरीजों को पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा, ताकि उनकी पहचान और संबंधित विवरण दर्ज करने में सुविधा हो सके।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन की इस पहल को स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल पर्ची व्यवस्था लागू होने से मरीजों के रिकॉर्ड के रखरखाव में सुधार के साथ अस्पताल के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है
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