यमुना का जलस्तर चार घंटे में 14 सेंमी बढ़ा

यमुना का जलस्तर चार घंटे में 14 सेंमी बढ़ा
छोड़ा गया 2.70 लाख क्यूसेक पानी अगले कुछ दिनों में करेगा वृद्धि प्रयागराज। पिछले कुछ दिन राहत देने के बाद नदियों के जलस्तर ने दो दिनों से फिर से तेजी पकड़नी शुरू कर दी है। सबसे अधिक जल प्रवाह यमुना में बढ़ा है। चार घंटे के अंदर 14 सेंटीमीटर तक जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केन, बेतवा और टोंस भी उफान पर है। गनीमत यह है कि गंगा की रफ्तार कुछ धीमी है।
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचने लगी हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों और निचले मोहल्लों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर लोग एहतियातन सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। प्रशासन ने अलर्ट घोषित करते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
हमीरपुर, झांसी और महोबा स्थित बांधों से लगभग 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसकी वजह से आने वाले चार से पांच दिनों में यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। शनिवार को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक चार घंटे में 14 सेमी तक पानी बढ़ चुका है।
गंगा और यमुना की बाढ़ के पानी ने तराई के इलाके में लोगों की चिंता बढ़ा रखी थी। कई इलाकों में पानी आबादी तक पहुंच गया था। जलस्तर घटने से शहर सहित तटीय इलाकों के गांवों में भी लोगों ने राहत की सांस महसूस की थी। अब पानी फिर से बढ़ने लगा है।
सबसे ज्यादा चिंता यमुना का जलस्तर बढ़ा रहा है। स्थिति यह है कि शनिवार दोपहर चार घंटे के अंदर ही यमुना में करीब 14 सेंटीमीटर पानी एकाएक बढ़ गया। शुक्रवार की रात आठ बजे यमुना का जलस्तर 80.01 मीटर था। जबकि, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.48 तो छतनाग में 79.97 मीटर था। जबकि, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 80.56 और छतनाग में 79.42 मीटर दर्ज किया गया।
बाढ़ कंट्रोल रूम के आंकड़े बताते हैं कि यमुना प्रति घंटे चार सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहीं हैं तो छतनाग में गंगा के जलस्तर ने 2.50 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ रखी है। वहीं फाफामऊ में यह एक सेंटीमीटर से नीचे हैं। बीते 24 घंटे के अंदर बेतवा में करीब तीन मीटर जलस्तर चढ़ गया। जबकि, केन में भी 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई।
यही नहीं हमीरपुर में विरमा नदी पर बने मैदहा बांध, ललितपुर में बेतवा पर बने माता टीला बांध और महोबा में झांसी की सीमा पर स्थित लहचूरा बांध से दो चरणों में करीब 2.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। सबसे पहले लगभग 1.60 लाख क्यूसेक पानी सुबह तो लगभग 1.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसका सीधा प्रभाव यमुना पर पड़ेगा। अभी चार से पांच दिन यमुना में पानी घटने की उम्मीद कम दिख रही है।
बाक्स
खतरे का निशान -84.734 मीटर
29.08.2026 शाम 4:00 बजे
यमुना नदी
नैनी———–81.01 मीटर (+13 सेमी)
गंगा नदी
फाफामऊ — 80.87 मीटर (+12 सेमी)
छतनाग—-80.54 मीटर (+20 सेमी)

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