यातायात पुलिस की लापरवाही के चलते रामनगरी अयोध्या में बढ़ता ‘वीआईपी कल्चर’,आमजन परेशान
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।जिले में इन दिनों वीआईपी कल्चर का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।स्थिति यह है कि अब केवल जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी ही नहीं,बल्कि सवारी ढोने वाली निजी गाड़ियां—जैसे स्कॉर्पियो, बोलेरो, इनोवा और एर्टिगा—भी सड़कों पर हूटर बजाते हुए फर्राटा भरती दिख रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ऐसे लोग, जो प्रशासनिक या वीआईपी श्रेणी में नहीं आते, वे भी अपने वाहनों पर हूटर और काली फिल्म लगाकर सड़कों पर धौंस दिखा रहे हैं।इनमें कुछ नौकरशाहों के सहयोगी, पर्सनल असिस्टेंट, क्लर्क और चपरासी स्तर तक के लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें कथित तौर पर वीआईपी पास भी मिल जा रहा है।सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि इन गाड़ियों के कारण आम राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।वही हूटर बजाते हुए तेज रफ्तार में निकलने वाली ये गाड़ियां ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं और कई बार दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा देती हैं।स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि काली फिल्म चढ़ी गाड़ियों में हूटर बजाकर सड़क पर दबाव बनाया जाता है,जिससे आमजन को रास्ता छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे कानून व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी साफ तौर पर दिखाई देती है।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नियमों के विरुद्ध हूटर, फ्लैश लाइट और काली फिल्म का उपयोग करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और सड़कों पर अनुशासन कायम हो। इस संबंध में एसपी यातायात अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि बीच-बीच में यातायात पुलिस द्वारा इनके खिलाफ कार्यवाही की जाती है।

