अयोध्या।(डाक्टर अजय तिवारी जिला संवाददाता) राम नगरी अयोध्या राजघराने के राजकुमार यतींद्र मिश्रा ने स्वर कोकिला व भारतरत्न सम्मान से सम्मानित लता मंगेशकर को याद कर शोक व्यक्त किया।इस मौके पर उन्होने कहा कि यह मेरा सौभाग्य कि मुझे उनका आशीर्वाद मिला है।वही साहित्यकार यतींद्र मिश्रा ने लता मंगेशकर पर किताब भी लिखी है।जो लता सुर गाथा नाम से किताब लिखी थी।यह बात यतींद्र मिश्रा ने कही।इस मौके पर उन्होने कहा कि आजाद भारत की सबसे बड़ी सांस्कृतिक पहचान लता मंगेशकर थी।वही आजादी के साथ लता मंगेशकर का कैरियर शुरू हुआ था।लता मंगेशकर ने जब कैरियर शुरू किया था उस समय शरीफ घर की लड़कियों के लिए यह इज्जत का पेशा नहीं था। लता मंगेशकर ने यह सुनिश्चित किया कि मध्यम वर्गीय लड़कियां भी अपना मुकाम बना सकती हैं।वे अपनी शर्तों पर जी सकती हैं।आजाद भारत के स्वप्न स्त्री की आकांक्षा को लता मंगेशकर ने चार चाँद दिया था। हजारों यतींद्र मिश्र और सैकड़ों लता शुर गाथा मिल कर के भी लता मंगेशकर की जगह नहीं ले सकती है।उनकी आवाज ही उनकी पहचान।वही उनकी अमरता भी है।

