वैश्विक स्तर पर ताप वृद्धि चिंता का विषय: प्रो. प्रमोद यादव
जौनपुर,22 अप्रैल। यूपी के जौनपुर में पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भैया संस्थान में “ग्लोबल वार्मिंग: वन प्लेनेट, वन चांस” विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग एवं ‘सस्टेनेबिलिटी कमेटी’ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि पृथ्वी दिवस हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है। उन्होंने बढ़ती वैश्विक तापवृद्धि, प्रदूषण एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से ऊर्जा संरक्षण, वृक्षारोपण तथा सतत जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
भू एवं ग्रहीय विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज अवस्थी ने कहा कि ग्रीनहाउस प्रभाव एवं ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व स्तर की गंभीर चुनौती बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण हिमनदों का तेजी से पिघलना, समुद्र स्तर में वृद्धि एवं मौसम चक्र में असामान्य बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस एवं व्यावहारिक कदम उठाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान ग्लोबल वार्मिंग विषय पर एक जागरूकता वीडियो डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित छात्रों एवं शोधार्थियों को गहराई से प्रभावित किया। सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, प्लास्टिक उपयोग में कमी, हरित परिसर निर्माण एवं सामूहिक जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
अंत में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने एवं पृथ्वी को सुरक्षित बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. श्याम कन्हैया सहित संस्थान के अन्य शिक्षकगण, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

