ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा। सेक्टर-33 स्थित शिल्प हाट के निकट हेलीपैड ग्राउंड में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भारत विकास परिषद, नोएडा की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथा व्यास आचार्य मृदुल कांत शास्त्री महाराज ने अजामिल उपाख्यान और भगवान नरसिंह अवतार का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान पूरा पंडाल भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर नजर आया।
आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और सदाचार की दिशा देने वाला दिव्य मार्ग है। अजामिल प्रसंग के माध्यम से उन्होंने भगवान के नाम-स्मरण की महिमा बताई। वहीं नरसिंह अवतार की कथा के जरिए भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और भगवान की भक्तवत्सलता का संदेश दिया।
कथा के दौरान पितृ पक्ष के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भगवान का स्मरण, भागवत कथा का श्रवण और पितरों का श्रद्धापूर्वक स्मरण विशेष फलदायी माना जाता है। कथा के बीच श्रद्धालुओं ने ‘जय श्री राधे’, ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ और ‘जय गोपी चित्तचोर प्रभु’ के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्वामी बालक योगेश्वर दास महाराज बद्रीनाथ, आचार्य स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज, विधायक हाथोज धाम जयपुर तथा उप मुख्य अतिथि स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज और सुदर्शन चैनल के सीएमडी सुरेश चौहान सहित संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों ने व्यास पीठ का नमन कर आशीर्वाद प्रदान किया।
इस अवसर पर गोपाल कृष्ण अग्रवाल और मधुसूदन दादू ने कथा व्यास आचार्य मृदुल कांत शास्त्री का माल्यार्पण एवं शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। कथा के मुख्य यजमान डॉ. वी.के. गुप्ता एवं श्रीमती रीना गुप्ता रहे। भारत विकास परिषद, नोएडा के अध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कथा स्थल पर पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है। कथा के बाद प्रतिदिन भंडारे एवं प्रसाद की व्यवस्था भी की जा रही है।
कार्यक्रम में परिषद के सचिव अखिलेश भदौरिया, कोषाध्यक्ष अक्षय पारीक, महिला सहभागिता संयोजिका सुनीता मित्तल, पूर्व अध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ. टी.एन. गोविल, शाखा संरक्षक प्रताप मेहता, सीए महेश बाबू गुप्ता, विपिन मल्हन, केशव गंगल, एन.के. अग्रवाल, रामरतन शर्मा, राकेश कत्याल, पंकज जिंदल, मुकुल वाजपेयी सहित परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

