शिक्षकों के हक, सम्मान व पुरानी पेंशन की लड़ाई को सपा ने दी मजबूती: पारसनाथ यादव
-तारुन में शिक्षकों की बैठक, सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में मांगा जनसमर्थन
अयोध्या। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में तारुन-हैदरगंज मार्ग स्थित कृपाराम यादव के आवास पर शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव के संयोजन में हुई बैठक में शिक्षकों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा शिक्षकों, शिक्षा व्यवस्था और शिक्षण संस्थानों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 300 स्थायी मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों को अनुदानित करने का निर्णय लिया गया, जबकि दूसरे चरण में 1100 जूनियर हाईस्कूलों को एक साथ अनुदान सूची में शामिल करने का कार्य किया गया। इसके अलावा हजारों विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का विनियमितीकरण कर उन्हें स्थायित्व और अधिकार देने की पहल की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक समाज के सामने कई चुनौतियां हैं। पुरानी पेंशन की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याओं का समाधान, शिक्षण संस्थानों की स्थिति में सुधार और शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षकों की आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत है। चुनाव प्रभारी प्रदेश सचिव छोटेलाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकारों ने शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने बैठक में उपस्थित शिक्षकों से डॉ. संजयन त्रिपाठी के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। बैठक में शिक्षक सभा के प्रदेश पदाधिकारी एवं साकेत महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत प्रजापति, डॉ. विष्णु कुमार, अधिवक्ता संघ के जिलाध्यक्ष रामकरन यादव, सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार यादव, विनय सिंह, सुरजीत यादव, ऋषिराज वर्मा, कृष्णदेव चौबे, डॉ. मंशाराम वर्मा, उदयभान वर्मा, रामहजूर वर्मा और विजय यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

