संत स्वामी रामशरणाचर्य ज्योतिषाचार्य को सरयू तट पर दी गई अंतिम विदाई
अयोध्या।संतो, महंतों तथा बडी़ संख्या में शिष्यों की उपस्थिति में गोपाल मंडपम में निवास करने वाले 105 वर्षीय संत स्वामी रामशरणाचर्य ज्योतिषाचार्य जी महाराज को सरयू नदी के तट पर अंतिम विदाई दी गई।यह पिछले कई सालों से किडनी की बीमारी से मेदांता अस्पताल के इलाज करा रहे थे। उन्होंने एक स्थानीय अस्पताल में कल जन्माष्टमी के दिन अंतिम सांस लिया।उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में अयोध्या के संत महंत तथा उनके शिष्य शामिल हुए। यात्रा ऋणमोचन घाट स्थित गोपाल मंडपम से अशर्फी भवन, हनुमान गढ़ी चौराहा,ऋंगारहाट होते हुए छोटी छावनी होकर फटिकशिला स्थित श्मशान घाट पहुंची। जहां उन्हें अंतिम विदाई देने वालों का तांता लगा रहा। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गहरी संवेदना व्यक्त किया है। सरयू तट पर महंत आचार्य कुरेशाचार्य, महंत रामानुजाचार्य, श्री स्वामी श्याम नारायणाचार्य,श्री धराचार्य, स्वामी मधवाचार्य, स्वामी रामानुजाचार्य दसरथ जी महराज के अलावा प्रमुख व्यवसायी आई पी सिंह, लड्डू लाल यादव, विधानसभा के वित्त नियंत्रक रहें शिवेंद्र सिंह,अभय सिंह एवं शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में अनुयाई मौजूद रहे।

