हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद
ऽ अदालत ने 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
ऽ ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम
बाराबंकी। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित जघन्य अपराधों में प्रभावी पैरवी के चलते बाराबंकी पुलिस को एक और सफलता मिली है। थाना जैदपुर से जुड़े हत्या के मामले में जिला सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-02 ने तीन अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषसिद्ध अभियुक्तों में प्रदीप कुमार लोनिया उर्फ चंद्रमौली, निवासी मकमूलगंज मजरे बलहट, थाना जैदपुर, विनोद शर्मा उर्फ पंडित, निवासी बलहट, थाना जैदपुर और रेनू उर्फ राधारानी, निवासी छुलहियापुरवा मजरे इचौलिया, थाना जैदपुर शामिल हैं। न्यायालय ने तीनों को धारा 302, 201 और 120बी भादवि के तहत दोषी ठहराया। पुलिस के अनुसार, बीते 3 अप्रैल 2019 को चन्द्रेश कुमार वर्मा ने थाना जैदपुर में तहरीर देकर अपने भाई की हत्या कर शव गायब किए जाने की सूचना दी थी। मामले में तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक अमरेश सिंह बघेल ने साक्ष्य संकलन और वैज्ञानिक तरीके से विवेचना पूरी कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत मॉनीटरिंग सेल, पैरोकार और अभियोजन पक्ष द्वारा मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। महत्वपूर्ण गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कराने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से रखा गया, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। मामले की पैरवी में कोर्ट संख्या-02 के शैलेन्द्र श्रीवास्तव, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक अमर बहादुर सिंह, महिला हेड कांस्टेबल प्रतिमा द्विवेदी, महिला कांस्टेबल अंशू द्विवेदी, हेड कांस्टेबल विजय बहादुर, कांस्टेबल बृजेश कुमार, नीरज कनौजिया, थाना जैदपुर के पैरोकार कुंवर बक्शी तथा कोर्ट मोहर्रिर निधि की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

