ब्यूरो चीफ / राजेश कुमार गुप्ता
हापुड़। गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र में गौकशी के प्रयास के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गश्त और चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर कार्रवाई की गई, जिसके दौरान आरोपियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन आरोपी घायल हुए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक जीवित प्रतिबंधित पशु, तीन अवैध असलहे, जिंदा व खोखा कारतूस, घटना में प्रयुक्त होंडा सिटी कार, एक मोटरसाइकिल और पशु काटने के उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू निवासी अठसेनी, गढ़मुक्तेश्वर, आहद निवासी जाकिर कॉलोनी मसूरी, गाजियाबाद, मोहम्मद परवेज निवासी लखीपुरा, मेरठ, नईम निवासी हापुड़ नगर, जमील निवासी देहली गेट, मेरठ और बिलाल निवासी जाकिर कॉलोनी, मसूरी के रूप में हुई है। इनमें नईम, जमील और बिलाल मुठभेड़ के दौरान घायल हुए हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच की मांग
भारतीय गौरक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष मोहित चौधरी ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए मामले की व्यापक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि पुलिस पूछताछ और जांच के माध्यम से यह भी पता लगाए कि प्रतिबंधित पशु कहां से लाए जाते थे, उन्हें कहां ले जाने की योजना थी और इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
मोहित चौधरी ने कहा कि पुलिस को हथियार, वाहन और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने हापुड़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस की जिम्मेदारी मामले की तह तक पहुंचकर संभावित नेटवर्क और उसके सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट करने की है। भारतीय गौरक्षा परिषद ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की मांग दोहराई।

