हिन्दी सिर्फ संवाद व साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति की भाषा- पोस्टमास्टर जनरल
डाक विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़े का आयोजन, पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने क्षेत्रीय कार्यालय, में किया शुभारंभ
प्रयागराज। हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों की प्रबल संवाहक है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है, ऐसे में इसके विकास के लिए जरुरी है कि हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता दें। उक्त उद्गार उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित हिंदी पखवाड़ा के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अपनी सहजता, मधुरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर हिंदी भाषा ने वैश्विक स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है। एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।
सहायक निदेशक (राजभाषा) श्री अल्पेश शाह ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 14 से 28 सितंबर तक उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में डाककर्मियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें निबंध लेखन, काव्य-पाठ, हिंदी व्याकरण, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद, तात्कालिक भाषण हिंदी कार्यशाला तथा अंताक्षरी का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर सहायक निदेशक रितुल गांधी, सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश आर. शाह, सहायक निदेशक वारिस वहोरा, रितुल एन. गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी सुश्री पूजा राठोर, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, डाक निरीक्षक भाविन प्रजापति, आदि उपस्थित
रहे।

