अंत्योदय का अर्थ ही अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा  

अंत्योदय का अर्थ ही अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा
जौनपुर।  दीनदयाल उपाध्याय की जयंती की पूर्व संध्या पर तेजी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में परिश्रम संस्था के सहयोग से   निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मल्हनी विधानसभा क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे करीब 500 जरूरतमंद मरीजों की आंखों की जांच की गई। परीक्षण के उपरांत डॉक्टरों की सलाह पर मरीजों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि मोतियाबिंद या गंभीर समस्या से ग्रस्त मरीजों के निःशुल्क ऑपरेशन के लिए नोट किया गया।  मुख्य अतिथि  पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उनके अंत्योदयश् के सिद्धांत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ष्समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, शोषित और वंचित व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही पंडित जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।ष् उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर उन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित होते हैं जो महंगे इलाज के कारण आंखों की जांच नहीं करा पाते।   पूर्व पुलिस अधीक्षक राममोहन सिंह, श्यामराज सिंह, डॉ. विकास सिंह, मुकेश सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ, गंगाराम, राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता बिंद, रानी उपाध्याय, राजेश सिंह, पीयूष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
फोटो 02जेएनपी।

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