अभी अयोध्या डिपो बस स्टैंड को लखनऊ जैसे हाईटेक पीपीपी मॉडल बनने में लगेगा समय
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।अभी शहर के सिविल लाइन स्थित अयोध्या डिपो बस स्टैंड को लखनऊ जैसे हाईटेक पीपीपी मॉडल बस स्टैंड का रूप लेने में समय लगेगा।हां इतना जरूर है कि इस बस स्टैंड को लखनऊ जैसे हाईटेक पीपीपी मॉडल बनाने की कवायद पिछले वर्ष महीनो से शुरू हो गई है। क्योंकि शासन से इस बस स्टैंड को हाईटेक पीपीपी मॉडल बस स्टैंड में बनाने की सूची में रखा गया है।जिससे कि इधर से गुजरने वाले बस यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। इसके लिए शासन से जैसे ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी,उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।सबकुछ ठीक ठाक रहा तो सिविल लाइन अयोध्या डिपो बस स्टेशन चमाचम दिखेगी।यह रोडवेज स्टेशन लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन की तरह पीपीपी मडल पर चमाचम दिखेगा।जहाँ पर एक ही छत के नीचे बस यात्रियों को सभी रूटों पर जाने के लिए एक से बढ़कर एक लग्जरी बसे उपलब्ध रहेगी।वहीं रोडवेज स्टेशन के परिसर में हाइटेक माल, काम्प्लेक्स, दुकानें उपलब्ध रहेगी।इस मामले पर सहायक प्रबंधक रोडवेज आदित्य प्रकाश ने बताया कि अयोध्या बस स्टेशन को हाइटेक पीपीपी माडल बनाने के लिए पिछले वर्ष सितंबर माह में ही चयन कर लिया गया था।जिसकी प्रक्रिया लगभग लगभग पूरी हो चुकी है शीघ्र ही इसके निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शासन से जारी होगी।बताया कि आलमबाग रोडवेज बस स्टैंड की तरह ही अयोध्या बस स्टेशन पर भी सभी सुविधाएं बस यात्रियों को मिलेगी।यहां से भिन्न-भिन्न रूटों पर महानगरों को जोड़ने के लिए एक से बढ़कर एक लग्जरी बसों का संचालन किया जाएगा।जिससे कि अयोध्या जिले में आने वाले यात्रियों को आने जाने में किसी तरह की कोई कठिनाइयां ना उत्पन्न हो।बताया कि इसके साथ ही साथ यहां पर हाइटेक कार्यशाला के रूप में भी निर्माण होगा। उन्होंने बताया कि शासन की प्रथम प्राथमिकता अयोध्या में राम मंदिर होने के चलते अब श्रद्धालुओं की आवाजाही लाखों की संख्या में हो रही है।जिसमें सिर्फ देश के ही विभिन्न प्रांतो से ही नहीं बल्कि देश-विदेश के भी पर्यटक वास श्रद्धालु राम मंदिर दर्शन करने आ रहे हैं।इस सभी को देखते हुए जैसे अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, महार्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या का निर्माण किया गया है।ठीक उसी तरह से अयोध्या बस स्टैंड को भी पीपीपी मडल में हाइटेक करने के लिए शासन द्वारा चयनित किया गया है।

