अविवि की चित्रकला कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सीखी भारतीय चित्रण परंपरा की बारीकियां

अविवि की चित्रकला कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सीखी भारतीय चित्रण परंपरा की बारीकियां

(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग एवं राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित 20 दिवसीय ‘ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला’ के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने कला की पारंपरिक तकनीकों का गहन अभ्यास किया।कार्यशाला की संयोजक डॉ. सरिता द्विवेदी ने बताया कि प्रतिभागी अत्यंत उत्साह के साथ नई विधाएं सीख रहे हैं। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के अंतिम दिन छात्र-छात्राओं द्वारा निर्मित उत्कृष्ट कला कृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी विभाग में आयोजित की जाएगी। प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा किया कि कार्यशाला की सबसे बेहतरीन कलाकृतियों के लिए जूनियर तथा सीनियर, दोनों वर्गों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा।कार्यशाला के मुख्य सत्र की प्रशिक्षक डॉ. रीमा सिंह ललित कला विभाग ने विद्यार्थियों को भारतीय चित्रण परंपरा के विशिष्ट पहलुओं से परिचित कराया। डॉ. रीमा ने प्रयोगात्मक प्रशिक्षण (डेमोस्ट्रेशन) के माध्यम से ‘अबीना’ पद्धति (सूखे कागज पर जल से रेखांकन) और ‘खाका तैयार करने की विधि (जलीय रेखाओं के आधार पर हल्के लाल रंग से अंकन) सिखाई। साथ ही, तकनीकी सत्र में विद्यार्थियों को ड्राई पेस्टल’ रंगों के प्रभावी प्रयोग और उनकी बारीकियों से भी परिचित कराया गया।इस अवसर पर विभाग के प्रो. सुरेंद्र मिश्र, प्रो. प्रिया कुमारी एवं डॉ. अलका श्रीवास्तव, डॉ. रचना श्रीवास्तव ने कार्यशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा सृजित रेखाचित्रों की सराहना की। सत्र में मुख्य रूप से रोहित मौर्या, अनुष्का पाण्डेय, प्रशांत दूबे, झील तिवारी, आस्था, जय प्रकाश, सृष्टि, अमन वर्मा सहित 70 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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