आखिरकार लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद दूसरे दिन ही चला अवैध कोचिंग व लाइब्रेरी पर प्रशासन का शिकंजा

आखिरकार लखनऊ कोचिंग हादसे के बाद दूसरे दिन ही चला अवैध कोचिंग व लाइब्रेरी पर प्रशासन का शिकंजा

मंगलवार को विकास प्राधिकरण ने मानक पर खड़े न उतरने वाले कुछ कोचिंग को किया था सील

अयोध्या।सोमवार को लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग में अग्निकांड के बाद सुबह के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में डीएम,एसएसपी से लेकर अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने एक साथ कोचिंग तथा लाइब्रेरी पर छापा मारा।मंगलवार को ऐसा प्रतीत हुआ जैसे कि संबंधित प्रशासन अवैध रूप से संचालित कोचिंग तथा लाइब्रेरी पर कार्यवाही करेगी।लेकिन दूसरे ही दिन बुधवार को फिर मामला ठंडा बस्ते में चला गया।मंगलवार को लखनऊ कोचिंग अग्निकांड हादसे से अयोध्या शहर में वह भी विकास प्राधिकरण ने आधा दर्जन से अधिक मानक पर खड़े न उतरने के चलते कोचिंग लाइब्रेरी को सील कर दिया था।वहीं बुधवार को ना तो शिक्षा विभाग के अधिकारी शहर में संचालित अवैध रूप से कोचिंग तथा लाइब्रेरी का निरीक्षण करने के लिए बाहर नहीं निकले।जबकि इस समय केवल शहरों में ही देखा जाए तो दर्जनों कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी अग्निशमन विकास प्राधिकरण के मानक पर खड़े नहीं उतर रहे है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस प्रतिष्ठानों के सामने ना तो पर्याप्त सुरक्षा है अधिकतर जगहों पर अन्य सामान यंत्र का अभाव है या फिर कई अग्निशमन यंत्र गोदाम में रखे भी पाए गए उसके अलावा कई कई कोचिंग शहर में ऐसी जगह भी है जहां पर आने-जाने का रास्ता भी एक ही तरफ है और पार्किंग का अभाव है। इस संबंध में स्थानीय लोगों के मन में लखनऊ की घटना को लेकर खाओ दिखाई दे रहा है और एनओसी देने वाले विभागों से एक ही प्रश्न पूछ रहे हैं कि संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों में संचालित हो रही है।इस पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है।स्थानीय लोगों व अभिभावकों ने संबंधित विभागों से मांग किया है कि यहां पर संचालित कोचिंग लाइब्रेरी के साथ-साथ माल बड़े-बड़े शॉपिंग माल,अन्य बड़े प्रतिष्ठानों की भी जांच होनी चाहिए।सवाल यह है कि आखिर कब तक नियमों को दरकिनार कर ऐसे संस्थान संचालित होते रहेंगे और कब प्रशासन प्रभावी अंकुश लगाएगा।

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