आचार्य नरेंद्रदेव महिला छात्रावास में डांडिया का हुआ आयोजन

आचार्य नरेंद्रदेव महिला छात्रावास में डांडिया का हुआ आयोजन

-छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में डांडिया और नृत्य की दी प्रस्तुति

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्रदेव महिला छात्रावास में छात्राओं द्वारा हर्षाेल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में भव्य डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय की प्रथम महिला श्रीमती मीना सिंह एवं कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना व स्तुति के साथ हुआ। इसके उपरांत छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक भक्ति गीतों और डांडिया की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे परिसर को शक्ति उत्सव के रंग में रंग दिया। कुलपति डॉ. सिंह ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि छात्रावास स्वावलंबन, अनुशासन और जीवन मूल्यों को गढ़ने की एक महत्वपूर्ण पाठशाला है। उन्होंने छात्राओं को लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने और हर क्षेत्र में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संदेश दिया। सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों में ऊर्जा, परस्पर सौहार्द और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। शिक्षा के साथ-साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव ही एक सशक्त और संवेदनशील समाज की नींव रखता है। विश्वविद्यालय की प्रथम महिला श्रीमती मीना सिंह ने भी छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगामी पर्वों की शुभकामनाएं दीं। कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि मातृ शक्ति आराधना का यह भारतीय पर्व और उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता के प्रतीक हैं। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. शैलेंद्र कुमार तथा हॉस्टल वार्डन डॉ. महिमा चौरसिया व डॉ. प्रतिभा, के कुशल संयोजन एवं शोध छात्रा अदिति बर्नवाल, अवंतिका, निष्ठा, अग्रिमा, निकिता, हॉस्टल स्टाफ साधना एवं निर्मला द्वारा पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। कार्यक्रम के अंत में संयोजकों ने अतिथियों और छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

 

अवध विवि में तीन दिवसीय ‘आइडिया टू इम्पैक्ट’ बूटकैंप शुरू

-विद्यार्थियों को मिला नवाचार, स्टार्टअप विकास और बिजनेस पिचिंग का व्यावहारिक मार्गदर्शन

अयोध्या।डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के भीतर उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त करने के उद्देश्य से तीन दिवसीय श्आईडिया तो इंपैक्ट स्टूडेंट एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप पिचिंग बूट कैंप “ का औपचारिक शुभारंभ हुआ। 15 से 17 अक्टूबर तक आयोजित इस बूटकैंप का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं के नवोन्मेषी विचारों को व्यावहारिक व्यावसायिक मॉडल्स में ढालने और उन्हें प्रभावी पिचिंग के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यशाला के मुख्य वक्ता, प्रबंधन शिक्षा एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम विशेषज्ञ डॉ. विवेक कुमार ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्टार्टअप रणनीति और व्यावहारिक व्यापार मॉडल के आवश्यक पहलुओं से अवगत कराया। उच्च शिक्षा, इनक्यूबेशन और संस्थागत नेतृत्व में 14 से अधिक वर्षों के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमशीलता के अवसरों को पहचानने और उन पर अमल करने के गुर सिखाए। डॉ. लोहिया इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय केवल नौकरी तलाशने का नहीं रोजगार सृजनकर्ता बनने का है। उन्होंने युवाओं में उद्यमशील सोच को आज की महती आवश्यकता बताते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाते हैं और उन्हें राष्ट्र की अर्थव्यवस्था व समाज में सक्रिय योगदान देने हेतु तैयार करते हैं। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. राकेश कुमार ने मुख्य वक्ता डॉ. विवेक कुमार का स्वागत करते हुए उनके अनुभवों से सदन को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है; नवाचार, वित्तीय सूझबूझ और व्यावहारिक कौशल से ही विचारों को वास्तविक धरातल पर उतारा जा सकता है। तीन दिवसीय बूटकैंप के दौरान प्रतिभागी बिजनेस मॉडल कैनवास, आइडिया वैलिडेशन और पिचिंग की बारीकियां सीखेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह प्रयास परिसर में आत्मनिर्भरता और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम पहल है।

 

महिला किसानों के अदृश्य श्रम को आर्थिक पहचान दिलाना जरूरी

-राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर कृषि विश्वविद्यालय में वेबिनार, 100 प्रतिभागियों ने किया प्रतिभाग

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की ओर से राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर गुरुवार को ‘कृषि में महिलाओं का योगदान अदृश्य श्रम से आर्थिक पहचान तक’ विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया। वेबिनार में देशभर से करीब 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अधिष्ठाता डॉ. साधना सिंह ने कहा कि महिलाएं बीज चयन, बुवाई, कटाई, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनके श्रम को उचित पहचान और आर्थिक मूल्यांकन नहीं मिल पाता। उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कृषि कार्यों में महिलाओं की चुनौतियों और उनके अनुकूल तकनीकी समाधानों पर प्रकाश डाला। वहीं बांदा कृषि विवि की डॉ. विज्ञा मिश्रा ने खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और लघु उद्यमों के माध्यम से महिला किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं बताईं। वेबिनार का समापन ‘महिला किसान का सम्मानकृसमृद्धि की पहचान’ संदेश के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम सिंह ने स्वागत एवं रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डॉ. बबीता वर्मा और डॉ. प्रीति सिंह ने किया। डॉ. पूनम सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित

किया।

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