इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर निकाला सड़ा हुआ पित्ताशय सफल सर्जरी कि हो रही सराहना

इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी कर निकाला सड़ा हुआ पित्ताशय
सफल सर्जरी कि हो रही सराहना

सुल्तानपुर। राजकीय स्वशासी मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर के डॉक्टरों की टीम ने त्वरित और सफल इमरजेंसी लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन विधि) करके मरीज को नई जिंदगी दी है। पूरे पेट और आंतों की गहराई से जांच के बाद लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी विधि से दूरबीन द्वारा सड़ चुके गॉलब्लाडर को सुरक्षित बाहर निकाला गया और पेट की पूरी सफाई की गई। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार है और उन्हें विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। समय पर सही फैसले और दूरबीन विधि से की गई इस सफल सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ सर्जिकल टीम की सराहना की जा रही है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मरीज को अत्यंत गंभीर हालत में इमरजेंसी विभाग में लाया गया था। जांच के बाद सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल इमरजेंसी लेप्रोस्कोपिक एक्सप्लोरेशन (दूरबीन द्वारा पेट की आंतरिक जांच व सर्जरी) करने का निर्णय लिया। मरीज को गंभीर हालत में इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए मरीज का तुरंत क्लिनिकल मूल्यांकन किया और सीटी स्कैन कराया। जांच में पेट के भीतर पित्त फैलने (बिलियस पेरिटोनिटिस) की पुष्टि हुई, जो कि एक जानलेवा स्थिति होती है। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का पित्ताशय पूरी तरह से सड़ चुका था (गैंग्रीनस जीबी) और पेट के चारों हिस्सों (क्वाड्रेंट्स) में पित्त फैल चुका था। डॉक्टरों ने पूरी आंत का बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षित रूप से सड़े हुए पित्ताशय को दूरबीन विधि द्वारा बाहर निकाला (लैप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी)। यह जटिल और जीवनरक्षक ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टरों के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में पूरा हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुप्रीत वर्मा, डॉ. आकाश श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर, डॉ. आदित्य गंगवार सीनियर रेजिडेंट, डॉ अमित वर्मा जूनियर रेजिडेंट ’एनेस्थेटिस्ट डॉ. राजेश,  ओटी असिस्टेंट प्रशांत, हेड नर्स शीलम सिस्टर एवं समस्त नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है।
डीएम इंद्रजीत सिंह के यूपीनेडा अनुभव से जुड़ा हाइड्रोजन संवाद
सुल्तानपुर। जापान के यामानाशी प्रिफेक्चर के गवर्नर कोतारो नागासाकी के नेतृत्व में आया हाईप्रोफाइल जापानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जापानी मेहमानों का स्वागत किया गया।
जापान से आए इस प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश दौरा निवेश, तकनीकी सहयोग, पर्यटन, कौशल विकास और भारत-जापान के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रहा है। यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी के नेतृत्व में आया यह प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख स्थलों का दौरा कर रहा है। हाल में प्रतिनिधिमंडल ने आगरा में ताजमहल का भ्रमण भी किया था।
डीएम इंद्रजीत सिंह का पुराना अनुभव बना खास कड़ी
सुल्तानपुर में जापानी प्रतिनिधिमंडल के आगमन के दौरान जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की पूर्व जिम्मेदारियां भी चर्चा में रहीं। इंद्रजीत सिंह सुल्तानपुर का जिलाधिकारी बनने से पहले ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव तथा यूपीनेडा के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्य कर चुके हैं। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा और नई ऊर्जा तकनीक से जुड़े विषयों पर जापानी प्रतिनिधियों के साथ संवाद के लिए उनका पूर्व अनुभव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जापान के यामानाशी प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा में भी ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी, तकनीकी सहयोग और निवेश प्रमुख विषयों में शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में डीएम इंद्रजीत सिंह और जापानी प्रतिनिधियों के बीच ग्रीन हाइड्रोजन एवं स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े संभावित सहयोग और अवसरों को लेकर बातचीत हुई। हालांकि यह मुलाकात पुर्णतया निजी थी और किसी विशेष परियोजना या निवेश की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। जापानी प्रतिनिधिमंडल के सुल्तानपुर पहुंचने को स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच हाल के वर्षों में उद्योग, पर्यटन, व्यावसायिक सहयोग, कौशल विकास और ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच उद्योग, पर्यटन और व्यावसायिक शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता भी हुआ था। फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यामानाशी यात्रा के दौरान भी ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी और तकनीकी आदान-प्रदान को लेकर सहयोग आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था। मुख्यमंत्री ने उस समय यामानाशी के गवर्नर कोतारो नागासाकी के प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश में जापानी उद्योगपतियों के बड़े प्रतिनिधिमंडल के आने का स्वागत किया था। सुल्तानपुर में जापानी प्रतिनिधिमंडल का आगमन पूर्व निर्धारित नही था, वाराणसी के रास्ते में बड़ा शहर और यहा तैनात डीएम से पुरानी जान-पहचान ने कुछ समय के लिए यहां ठहरना सबके मन में जिज्ञासा भर दी। जिले में प्रशासनिक स्तर पर हुई बातचीत में यदि स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन अथवा तकनीकी निवेश की संभावनाएं आगे बढ़ती हैं तो यह सुल्तानपुर के लिए रोजगार, निवेश और नई तकनीक के लिहाज से अहम उपलब्धि साबित हो सकती है। फिलहाल जापानी मेहमानों के आगमन ने जिले में उत्सुकता बढ़ा दी है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुआ यह दौरा सुल्तानपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एंटी करप्शन टीम पर दबाव बनाने को लेखपालों का धरना, सुलतानपुर में ज्ञापन

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