क्लाउड कंप्यूटिंग में एकाधिकार मामले में ईयू नियामक के निशाने पर माइक्रोसॉफ्ट, शर्तें थोपने का आरोप

माइक्रोसॉफ्ट अपनी क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं को लेकर यूरोपियन यूनियन की नियामक संस्था के निशाने पर है। उसकी क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाओं की शर्तों को लेकर व्यापार समूह सीआईएसपीई ने एकाधिकार और मनमानी करने की शिकायत की है। बता दें कि शिकायत करने वाले समूह के सदस्यों में अमेजन भी शामिल है। व्यापार समूह ने बुधवार को यूरोपीय संघ के एंटीट्रस्ट नियामकों को अपनी शिकायत दी।

माइक्रोसॉफ्ट लोगों को मजबूर कर रहा है
संगठन ने आरोप लगाया है कि माइक्रोसॉफ्ट की पुरानी सेवा शर्तों के अलावा एक अक्टूबर को जारी की गई नई संविदात्मक शर्तें यूरोपीय क्लाउड कंप्यूटिंग मार्केट को अपूरणीय क्षति पहुंचा रही हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग क्षेत्र में अमेज़न मार्केट लीडर है, इसके बाद माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट की गूगल हैं। शिकायत करने वाले संगठन के महासचिव फ्रांसिस्को मिंगोरेंस ने एक बयान में कहा कि अपने सॉफ्टवेयर के प्रभाव का लाभ उठाते हुए माइक्रोसॉफ्ट लोगों को कोई दूसरा विकल्प ही नहीं चुनने देता। इससे यूरोपियन ग्राहकों को महंगी क्लाउड सर्विस लेने के लिए बाध्य होना पड़ता है। इस वजह से यूरोप की डिजिटल अर्थव्यवस्था विकृत हो रही है।

कंपनी पर पहले भी लग चुका है जुर्माना
माइक्रोसॉफ्ट पर पिछले दशक में प्रतिस्पर्धा विरोधी हरकतों की वजह से विभिन्न आयोग द्वारा 1.6 बिलियन यूरो या 1.6 बिलियन डॉलर (13 हजार करोड़ रुपए) से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है। जर्मनी, इटली, डेनमार्क और फ्रांस में क्लाउड प्रदाताओं, जिनमें से दो सीआईएसपीई के सदस्य हैं, ने कुछ वर्षों में इसी तरह की शिकायतें की हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने बाद में लाइसेंसिंग सौदों और अन्य सेवा शर्तों में संशोधन किया ताकि क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए एक अक्टूबर से प्रतिस्पर्धा करना आसान हो जाए और यूरोपीय संघ की अविश्वास संबंधी चिंताओं को दूर किया जा सके।

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