खण्डहर बने मकान में रहने को मजबूर परिवार, नगर पंचायत पर पात्र को आवास न देने का आरोप
मधुबन, मऊ। स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड नंबर 9 (खीरीकोठा) में एक गरीब परिवार जर्जर और खण्डहरनुमा मकान में रहने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पूरी तरह पात्र होने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है। वार्ड निवासी अभिषेक मल्ल उर्फ डम्पी मल्ल ने बताया कि उनका मकान इस कदर जर्जर हो चुका है कि वह कभी भी जमींदोज हो सकता है, जिससे किसी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। पीड़ित के अनुसार उन्होंने नगर पंचायत चेयरमैन के पति को स्वयं मौके पर बुलाकर मकान की दयनीय स्थिति दिखाई थी, लेकिन वहां से सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला। पीड़ित अभिषेक मल्ल का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन उन्हें अविवाहित होने का तर्क देकर आवास की पात्रता से बाहर कर रहा है। जबकि इस मामले में जब जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा गया था, तो खुद नगर पंचायत प्रशासन ने ही अपनी जांच में उन्हें आवास के लिए पात्र माना था।
सभासद ने भी उठाए सवाल-
इस मामले को लेकर वार्ड नंबर 9 के सभासद हरिमोहन सिंह ने भी नगर पंचायत कार्यालय और संबंधित लेखपाल की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सभासद का कहना है कि एक वास्तविक पात्र व्यक्ति को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। वहीं पीड़ित अभिषेक ने लेखपाल पर आवास के नाम पर रिश्वत लेने और मांग करने का भी आरोप लगाया है। स्थानीय संभ्रांत नागरिकों और वार्डवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जर्जर मकान में रह रहे पीड़ित परिवार को अविलंब सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।

