गाजियाबाद में हमले का शिकार बना यूट्यूबर सलीम वास्तविक निकला पुराना दोषी, छब्बीस साल बाद हत्या के मामले में हुआ गिरफ्तार

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय गाजियाबाद : गाजियाबाद में हुए एक सनसनीखेज हमले के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस शख्स सलीम वास्तिक (उर्फ सलीम खान) पर जानलेवा हमला हुआ था, वह खुद एक पुराने हत्या मामले में दोषी निकला। दिल्ली पुलिस ने उसे 26 साल बाद गिरफ्तार किया है।
1995 का अपहरण और हत्या का मामला
पुलिस के अनुसार, 20 जनवरी 1995 को सलीम ने अपने साथी के साथ मिलकर दिल्ली के एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे का अपहरण किया था। फिरौती की मांग पूरी न होने पर बच्चे की हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
1997 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई
साल 2000 में पैरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया था| करीब 26 वर्षों तक वह अलग-अलग शहरों में पहचान बदलकर रहता रहा। फरारी के दौरान सलीम ने गाजियाबाद में नई पहचान बना ली थी। वह मार्शल आर्ट ट्रेनिंग देता था, बाद में यूट्यूब और टीवी डिबेट में सक्रिय हो गया, उसने धर्म से जुड़े मुद्दों पर वीडियो बनाना शुरू किया
इसी बीच, फरवरी में उसके ऑफिस में घुसकर कुछ हमलावरों ने उस पर हमला किया।
उस पर कई बार चाकू से वार किए गये,गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ इलाज के बाद वह बच गया|
पुलिस ने हमले में शामिल दो आरोपियों को बाद में एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया।
हमले की जांच के दौरान ही पुलिस को सलीम के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी मिली।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया।
सलीम 1995 के अपहरण और हत्या केस में दोषी था
1997 में उम्रकैद, 2000 में पैरोल पर फरार
26 साल तक नाम बदलकर अलग-अलग शहरों में रहा
हाल ही में खुद पर हुए हमले के बाद पहचान उजागर हुई
दिल्ली पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार किया, यह मामला दिखाता है कि कैसे एक पुराना अपराधी वर्षों तक पहचान बदलकर सामान्य जीवन जीता रहा, लेकिन एक नई घटना ने उसका पूरा अतीत सामने ला दिया।

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