गौवंश के संरक्षण में उत्तर प्रदेश सरकार की संवेदनशील पहल उपाध्यक्ष – महेश शुक्ला
(डॉ अजय तिवारी जिला संवाददाता)
अयोध्या।उपाध्यक्ष गोसेवा आयोग महेश शुक्ल व सदस्य गोसेवा आयोग दीपक गोयल की अध्यक्षता में सर्किट हाऊस सभागार जनपद स्तरीय गो संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक हुई।इस मौके पर उपाध्यक्ष ने संबंधित विभागों की बिन्दुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फटकार भी लगाई।निर्देश दिया कि गोवंशों के संरक्षण के लिए जो भी शासन के निर्देश दिए गए है।उनको धरातल पर लागू किया जाए।इस मौके पर उन्होंने डीसी मनरेगा को निर्देश दिया कि चारागाह क्षेत्र का विकास कराया जाए।सिंचाई विभाग को तालाबों में पर्याप्त जल उपलब्ध कराने को निर्देश दिया। सभी उप जिलाधिकारी से गोचर भूमि को चिन्हित कर शीघ्र उसे विकसित कराने के निर्देश दिए।उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी एवं कुशल नेतृत्व में उ०प्र० सरकार गौ सेवा को केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि मानवीय सामाजिक एवं आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए सतत कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा निराश्रित एवं असहाय गौवंश के संरक्षण संवर्धन एवं समुचित देखभाल के लिए व्यापक एवं यह आयामी योजनाएं संचालित की जा रही है, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेशभर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे है। उत्तर प्रदेश दश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ निराश्रित गौवंश के भरण-पोषण के लिए सरकार द्वारा 50 रुपये की दर से भरण-पोषण की धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है।प्रदेश सरकार की महत्त्वाकांक्षी गौ-संरक्षण नीति के अन्तर्गत वर्तमान में राज्य के विभिन्न जनपदों में 7,700 से अधिक गौ-आश्रय स्थल सक्रिय रूप से संचालित हो रहे है। इन आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आवास, नियमित आहार, स्वच्छ पेयजल तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था न केवल गौवंश के संरक्षण को सुनिश्चित कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एंव सामाजिक संतुलन को भी सुदृढ़ कर रही है। गौशालाओं के प्रभावी संचालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा 5.446 गोशालाओं में 7,592 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गये है। अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली 24×7 कार्यरत रहकर गोवंश की सुरक्षा, देखभाल की गुणवत्ता तथा प्रशासनिक जवाबदेही कर रही है। मा० मुख्यमंत्री जी निराश्रित गौवंश सहभागिता योजना के माध्यम से सरकार ने गौ-संरक्षण को जन आंदोलन का रूप प्रदान किया है।इस योजना के अन्तर्गत अब तक 1,67,065 गौवंश इच्छुक एव जिम्मेदार गौपालकों को सुपुर्द किए गये है।सरकार द्वारा प्रत्येक गौवंश के लिए 50 रुपये प्रतिदिन की दर से पोषण भत्ता सीधे गौपालकों के बैंक खातों में डीवीटी के माध्यम से प्रेषित किया जा रहा है। यह पहल न केवल गौवंश के संरक्षण में सहायक है, बल्कि गौपालकों की आय वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।जनपद अयोध्या में जिला प्रशासन द्वारा गौ संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जनपद में 97 गौ-आश्रय स्थल क्रियाशील है, जिनमें 12,433 गौवंश का संरक्षण एंव पालन-पोषण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 1441 प्रगतिशील गौपालकों ने सहभागिता योजना के अन्तर्गत 2571 गौवंश को अपनाकर सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार उ०प्र० गोवध निवारण अधिनियम 1955 के अन्तर्गत गौवंश के सुरक्षा के प्रति पूर्णत प्रतिबद्ध है। जीरो टॉलरेंस नीतिः गौवंश संरक्षण से सम्बन्धित नियमों के उल्लंघन पर त्वरित एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। कुछ असामाजिक एवं निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार का खण्डन करते हुए उपाध्यक्ष गो सेवा आयोग महेश शुक्ल ने बताया कि गौ सेवा के पदाधिकारियों के द्वारा गौ-आश्रय स्थलों का नियमित भ्रमण करते हुए निरन्तर पैनी निगाह रखी जा रही है और कोई भी अनियमितता प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि निराश्रित गौवंश की सेवा एंव संरक्षण के लिए कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।राज्य सरकार गौवंश के प्रति अपनी संवेदनशीलता मानवीय एवं समर्पित दृष्टि के साथ सुशासन के सिद्धांतों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह, अपर निदेशक ग्रेड-2 अयोध्या मंडल डॉ ए के वैस, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ इंद्र देव माहर उपस्थित रहे।

