(चमोली)चमोली टनल हादसा : भारी मलबे और पानी के बीच रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन, 19 निकाले गए- 3 की तलाश जारी
चमोली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। उत्तराखंड के चमोली जिले में मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने की घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से रातभर राहत व बचाव अभियान लगातार जारी रहा। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं घटनास्थल पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके चलते टनल में कार्यरत कुछ लोग अंदर फंस गए।
टनल में कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना थी, जिनमें से रातभर चले राहत व बचाव अभियान में अब तक 19 लोगों को बाहर निकाल लिया गया। वहीं, शेष 3 लोगों की तलाश और रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना के बाद राहत व बचाव कार्यों में सहयोग के लिए टनल के अंदर गए 6 बचावकर्मी भी सुरक्षित हैं। घटना में अभी तक 7 लोगों की मृत्यु की सूचना है।
रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से घायलों के उपचार व स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
गोपेश्वर के जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने कहा, अब तक टीएचडीसी से कुल 19 लोगों को हमारे पास लाया गया था। इनमें से 7 लोगों को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग अभी भर्ती हैं और उनकी हालत काफी हद तक स्थिर है।
राहत व बचाव अभियान में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित अन्य तकनीकी और विशेषज्ञ टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल के भीतर मलबा और पानी की चुनौती के बीच बचाव दल अत्यंत सावधानी व समन्वय के साथ अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।
एनडीआरएफ के टीम कमांडर अमृत लाल मीणा ने कहा, हमारी टीम गौचर से आई। जैसे ही हमें जानकारी मिली, हमने 5 मिनट के अंदर अपनी टीम को रवाना कर दिया। हमें शाम 7.15 बजे जानकारी मिली, हम रात 8.45 बजे यहां पहुंचे और 8.55 बजे ऑपरेशन शुरू किया। हमारी क्विक रिस्पॉन्स टीम में 6 बचावकर्मी शामिल थे। वे सबसे पहले सुरंग के अंदर गए। पानी का स्तर छाती से ऊपर था।
उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान टीम सुरंग से होते हुए घटना वाली जगह तक पहुंची। वहां लोग पानी के अंदर फंसे हुए थे। उन्होंने बताया कि हमारी टीम ने चार लोगों के शवों का रेस्क्यू किया।
वहीं, जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मौके पर अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों से लगातार जानकारी लेते हुए शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधनों और तकनीकी सहायता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्यों के साथ ही घायलों के उपचार व अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी लगातार जुटाई जा रही हैं।
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(अंबाला)अंबाला कैंट में एनएच-44 पर बवाल, पथराव में डीएसपी समेत 7 पुलिसकर्मी घायल; लाठीचार्ज के बाद हालात पर पाया गया काबू
अंबाला ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। हरियाणा के अंबाला कैंट में नेशनल हाईवे-44 पर देर रात स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई, जब सिख समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने करीब 6 घंटे तक हाईवे को जाम रखा। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने अचानक हमला बोल दिया और पथराव शुरू कर दिया। इस हिंसक झड़प में एक डीएसपी समेत करीब 6 से 7 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस को बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने और हाईवे को खाली कराने के लिए आंसू गैस के गोलों और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल तुरंत अंबाला पहुंचे और घायल जवानों का हाल जाना।
क्यों मचा बवाल?
जानकारी के मुताबिक, सिख समुदाय के लोग अंतरराष्ट्रीय एंटी-खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने एनएच-44 पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। 6 घंटे तक चले इस जाम के बाद जब पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश की, तो भीड़ में मौजूद कुछ शरारती तत्वों और हथियारबंद उपद्रवियों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया।
ष्ठस्क्क के अंगूठे पर गंभीर चोट, कई जवान अस्पताल में
उपद्रवियों के इस अचानक हमले में पुलिस को भारी नुकसान उठाना पड़ा। हमले में डीएसपी वीरेंद्र शर्मा के अंगूठे पर गंभीर चोट आई है। उनके अलावा, सिपाही रक्षित, सिपाही नवीन कुमार, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, सहायक उप निरीक्षक सतीश और पंकज भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत अंबाला कैंट के मिलिट्री अस्पताल और नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
ष्ठत्रक्क अजय सिंघल ने लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल देर रात ही अंबाला कैंट के अस्पतालों में पहुंचे और घायल जवानों से मुलाकात की। उनके साथ आईजी पंकज नैन, उपायुक्त सचिन गुप्ता और एसडीएम कनिका गोयल भी मौजूद रहे। डीजीपी ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और जवानों का हौसला बढ़ाया। डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि हरियाणा पुलिस अपने जवानों के साथ मजबूती से खड़ी है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपनी मांगें शांतिपूर्ण तरीके से रखें और कानून को अपने हाथ में न लें।
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(नई दिल्ली)ये सरकार बात सुनना नहीं चाहती, हम इनको पागल कर देंगे : राहुल गांधी
नई दिल्ली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार सियासी प्रहार किया है। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल ने पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उत्तराखंड की बलात्कार पीड़िता का जिक्र करते हुए सरकार पर जनता की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। राहुल ने सख्त लहजे में कहा कि यह सरकार लोगों की बात सुनना ही नहीं चाहती, लेकिन हम इन्हें पागल कर देंगे।
‘डरने की क्या बात है? ये जोकरों का समूह हैÓ
अपने आक्रामक भाषण में राहुल गांधी ने पीएम मोदी की कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री रात को नहीं सोते हैं और इसके पीछे कई कारण छिपे हुए हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। राहुल ने कहा कि खुद को चाणक्य और सरदार पटेल कहने वाले अमित शाह संसद में घुसने से डर गए और भाग गए, क्योंकि वह पहली बार भारत का असली एक्सप्रेशन (अभिव्यक्ति) सुन रहे हैं। कांग्रेस नेता ने लोगों से कहा, देश में कई लोग इस कायर फोर्स के आगे कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं। जब आप जोकरों के एक समूह से लड़ रहे हैं, तो फिर डरने की बात ही क्या है?
आरएसएस ने ही छोटे कारोबारियों को दिया धोखाÓ
अपने भाषण के दौरान राहुल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है। आरएसएस कभी छोटे कारोबारियों की ताकत हुआ करता था, लेकिन उसी संघ ने नोटबंदी करके और गलत जीएसटी लागू करके उन्हें धोखा दिया। राहुल ने दावा किया कि आरएसएस का कॉरपोरेटाइजेशन जो प्रमोद महाजन ने शुरू किया था, उसे नरेंद्र मोदी ने पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा, असली आरएसएस अब खत्म हो चुका है, वह अब सिर्फ बड़ी पूंजी का एक जरिया मात्र बनकर रह गया है। हालांकि, राहुल ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में आरएसएस को दबाने की कोशिश होगी, तो कांग्रेस उसकी रक्षा करने के लिए भी तैयार है।
‘पीएम की हवा निकल गई, प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?Ó
प्रधानमंत्री मोदी पर तीखे सवाल दागते हुए राहुल गांधी ने पूछा कि पीएम आखिर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते? राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि पहले उन्हें लगता था कि यह कोई मार्केटिंग स्ट्रेटजी है, लेकिन जब वह पीएम के साथ पांच मिनट एक कमरे में बैठे, तो समझ गए कि वह ज्यादा देर तक बोल ही नहीं सकते। राहुल ने चीन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और दावा किया कि उन्हें पीएमओ (क्करूह्र) से सूचना मिलती है। उन्होंने कहा कि चीन ने अरुणाचल में हमारी ही जमीन पर हमें पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और पीएम मोदी, सबकी हवा निकल गई है।
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(नई दिल्ली)ड्रग किंगपिन वीरेंद्र बसोया को यूएई से घसीट लाई एनसीबी, अमित शाह बोले- देश छोड़कर भी कानून से बच नहीं पाएंगे तस्कर
नई दिल्ली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। भारत में नशे का जाल बिछाकर विदेशों में ऐश करने वाले तस्करों के दिन अब लद गए हैं। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारतीय एजेंसियों को लंबे समय से चकमा दे रहे कुख्यात ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को एनसीबी ने संयुक्त अरब अमीरात से धर दबोचा है और उसे वापस भारत ले आई है। बसोया विदेशी धरती से भारत में नशे का बहुत बड़ा सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था। इस बड़ी गिरफ्तारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग्स नेटवर्क की कमर तोड़ने और भगोड़े अपराधियों को देश लाने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
‘कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बचेगाÓ
नशे के इस बड़े सौदागर के पकड़े जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सख्त रुख अख्तियार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्सÓ पर एनसीबी और अन्य जांच एजेंसियों की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विदेशों में बैठे तस्करों को खोज निकालने और उनके नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का काम कर रही है। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंसÓ नीति अब अपना पूरा असर दिखा रही है। उन्होंने तस्करों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिप जाएं, भारतीय कानून की गिरफ्त से बच नहीं सकते।
दिल्ली में पकड़ी गई कोकीन से जुड़े हैं तार
वीरेंद्र सिंह बसोया कोई आम तस्कर नहीं, बल्कि ड्रग्स की दुनिया का एक खूंखार मास्टरमाइंड है। जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, बसोया का नाम देश की कई बड़ी ड्रग जांचों और हजारों करोड़ रुपये की ड्रग्स की जब्ती में सामने आ चुका है। साल 2024 में राजधानी दिल्ली में जब भारी मात्रा में कोकीन बरामद हुई थी, तब भी इसी का नाम सामने आया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था, जिससे बचने के लिए यह यूएई भाग गया था।
बाप के साथ बेटा भी है वांटेड
इस कुख्यात ड्रग किंगपिन का नेटवर्क काफी गहराई तक फैला हुआ है। जांच में यह भी साफ हुआ है कि इस काले कारोबार में उसका बेटा ऋषभ बसोया भी एक अहम कड़ी है। ऋषभ के कारनामों को देखते हुए जांच एजेंसियों के अनुरोध पर उसके खिलाफ भी इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया जा चुका है। अब वीरेंद्र सिंह बसोया के भारत आने और जांच एजेंसियों की पूछताछ के बाद अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, उनके मददगारों और स्लीपर सेल से जुड़े कई चौंकाने वाले राज बेनकाब होने की उम्मीद है।
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(नई दिल्ली)छात्रों के समर्थन में उतरे सीजेआई सूर्यकांत, बीसीआई को लगा दी फटकार; बोले- जल्द लें लाइसेंस और आएं एससी
नई दिल्ली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। बार काउंसिल ऑफ इंडिया को अपने एक सख्त फैसले पर उस वक्त मुंह की खानी पड़ी, जब विवाद गहराने के बाद उसे अपना ही आदेश वापस लेना पड़ा। दरअसल, बीसीआई ने हैदराबाद की प्रतिष्ठित नालसर यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर रजिस्ट्रेशन रोकने का फरमान जारी किया था। लेकिन, राजनीतिक दबाव और फिर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की कड़ी फटकार के बाद अब पूरी बाजी पलट गई है। सीजेआई ने न सिर्फ छात्रों का खुलकर समर्थन किया है, बल्कि क्चष्टढ्ढ को सख्त हिदायत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अदालत और छात्रों के बीच के मामले में काउंसिल का कोई लेना-देना नहीं है।
‘जल्द लें लाइसेंस, सुप्रीम कोर्ट बार का बनें हिस्साÓ
जानकारी के मुताबिक, बीसीआई ने शुरुआत में नालसर के छात्रों का पंजीकरण न करने का आदेश दिया था। हालांकि, जब कॉकरोच जनता पार्टी ने बीसीआई के चेयरमैन मनन मिश्रा को सीधे निशाने पर लिया, तो काउंसिल बैकफुट पर आ गई और तुरंत अपना आदेश रद्द कर दिया। इस पूरे विवाद पर सीजेआई सूर्यकांत ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए आह्वान किया कि वे बिना किसी देरी के अपना लाइसेंस प्राप्त करें और सुप्रीम कोर्ट बार का हिस्सा बनें। सीजेआई ने कहा कि छात्रों का सुप्रीम कोर्ट बार में शामिल होना उन लोगों के लिए एक करारा जवाब होगा, जो इन युवा वकीलों के करियर में बेवजह रोड़े अटकाना चाहते थे।
‘छात्रों और हमारे बीच बीसीआई का कोई काम नहींÓ
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सख्त लहजे में कहा कि अगर छात्र किसी कारणवश अदालत या व्यवस्था का विरोध करते हैं, तो इसमें बीसीआई को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में कभी-कभी ऐसी बातें कह दी जाती हैं जो शायद हमें गलत लगें, लेकिन उसे उसी रूप में छोड़ देना चाहिए। छात्रों को पूरी तरह आश्वस्त करते हुए सीजेआई ने कहा, हम आपके साथ हैं। छात्रों ने हमें पत्र लिखा है और यह पूरी बात हमारे और छात्रों के बीच की है। बीसीआई ने जो भी कदम उठाया, उसकी कोई जरूरत ही नहीं थी।
शांतिपूर्ण विरोध पर एक्शन गलत : सीजेआई
छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और उनके अधिकारों का बचाव करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने अपने छात्र जीवन के दिनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि एक छात्र के रूप में वह खुद भी छात्र राजनीति और गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे हैं। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि ये छात्र भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में बीसीआई या किसी भी राज्य की बार काउंसिल को इन छात्रों के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
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(नई दिल्ली)वह दौर बेहद डरावना थाÓ, विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पीएम मोदी का भावुक संदेश, बंटवारे के दर्द को किया याद
नई दिल्ली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। आजादी के जश्न में डूबे देश के बीच एक ऐसा दिन भी आता है, जो इतिहास के पन्नों में गहरे जख्मों के साथ दर्ज है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के उल्लास से ठीक एक दिन पहले, 14 अगस्त का दिन उन अनगिनत आंखों की नमी को बयां करता है जिन्होंने बंटवारे का वो खौफनाक मंजर अपनी आंखों से देखा था। इसी ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवसÓ के मौके पर शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए उन सभी परिवारों के दर्द और संघर्ष को याद किया है, जिन्हें रातों-रात अपना सब कुछ छोड़कर एक अनजान सफर पर निकलने को मजबूर होना पड़ा था।
हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ने वाला वो दर्दनाक इतिहास
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्सÓ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि इतिहास का वह पन्ना बेहद डरावना और दर्दनाक था। बंटवारे की उस भयानक त्रासदी ने न जाने कितने ही हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए बिखेर कर रख दिया। लोगों को अपनी जन्मभूमि, अपनी जड़ें और अपने करीबियों को छोड़कर दर-बदर भटकना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि उस दौरान लोगों ने जिस अकल्पनीय पीड़ा और यातनाओं का सामना किया, आज उसकी केवल कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है।
शून्य से शुरुआत कर गढ़ी सफलता की नई कहानी
इस भीषण त्रासदी और बेइंतहा दर्द के बावजूद देशवासियों के अटूट हौसले की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उन लोगों ने कभी हार नहीं मानी। अपना सब कुछ गंवा देने के बाद भी उन्होंने शून्य से अपने जीवन की नई शुरुआत की। अपने खून-पसीने और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाया, बल्कि हर मुसीबत और असफलता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया। प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि इन लोगों ने राष्ट्र के निर्माण और देश की तरक्की में जो अहम योगदान दिया है, वह अदम्य इंसानी जज्बे की असली ताकत की एक जीती-जागती मिसाल है।
आपसी भाईचारे से ही साकार होगा सशक्त भारत का सपना
अपने इस मार्मिक संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी नागरिकों से एक बेहद खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि विभाजन का यह दिन हमें इस बात का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम अपने समाज में आपसी भाईचारा, मेल-मिलाप और सौहार्द को किसी भी कीमत पर आंच न आने दें। पीएम मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया कि हमें अतीत के उन जख्मों से सबक लेते हुए हमेशा एकजुट रहना है, ताकि हम सभी कदम से कदम मिलाकर एक मजबूत, सुरक्षित और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सकें।
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(चमोली)चमोली हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत,सीएम धामी ने किया टीएचडीसी टनल हादसा स्थल का निरीक्षण, रेस्क्यू अभियान का लिया जायजा
चमोली ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों एवं बचाव दलों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने टनल के अंदर जाकर बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान में जुटी टीमों से मौके पर आवश्यक जानकारी ली। टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के टीआरटी टनल की लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा एवं पानी आने की स्थिति उत्पन्न हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस सहित सभी टीमों के साथ समन्वय बनाए रखने तथा टनल में फंसे शेष 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को घटनाक्रम, अब तक किए गए रेस्क्यू तथा मौके पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि टनल में फंसे 22 लोगों में से अब तक 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि शेष 3 लोगों की तलाश एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। घटना में अभी तक 7 लोगों की दुखद मृत्यु की सूचना है। रेस्क्यू किए गए घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है, जहां स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सकों की टीम द्वारा उनका उपचार एवं स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू अभियान के साथ-साथ घायलों के उपचार, परिजनों की सहायता एवं घटनास्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न हो। उन्होंने बचाव दलों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए अभियान को पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री एवं प्रभारी मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आरती नवानी, सभासद राजा जोशी, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडेय, चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।
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(मुंबई)महाराष्ट्र में टैक्सी चालकों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य, न मानने पर लाइसेंस होगा निलंबित
मुंबई ,14 अगस्त ,(आरएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाले टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स (थर्ड अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 जारी करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब इलेक्ट्रॉनिक मीटर से चलने वाली टैक्सियों के अधिकृत चालकों और परमिट धारकों दोनों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना जरूरी होगा। सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल्स नियम, 1989 में संशोधन किया है। नियम 4 में पूर्ववृत्त शब्द के बाद और मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान जोड़ा गया है। नियम 22 का हाशिया बदलकर इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगी मोटर कैब के चालकों के लिए अतिरिक्त नियम कर दिया गया है।
सबसे अहम बदलाव नियम 24 में किया गया है। इसके तहत अब हर अधिकृत टैक्सी चालक को मराठी का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य है।
अगर किसी चालक के पास मराठी का ज्ञान नहीं है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी एक महीने का नोटिस देगी। इस एक महीने में चालक को मराठी सीखनी होगी। अगर तय समय में चालक नियम का पालन नहीं करता है तो लाइसेंसिंग अथॉरिटी लिखित कारण दर्ज कर कार्रवाई कर सकती है।
इसके तहत पहले ड्राइविंग लाइसेंस पर अधिकृतता तीन महीने तक निलंबित की जा सकती है। इसके बाद भी अनुपालन न होने पर उचित सुनवाई के बाद चालक का अधिकृत परमिट रद्द भी किया जा सकता है।
सरकार ने नियम 78 और नियम 85 में भी बदलाव किए हैं। नए प्रावधान के अनुसार अब टैक्सी परमिट के नवीनीकरण के लिए भी मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान अनिवार्य होगा। प्राधिकरण के संतुष्ट होने पर ही इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली टैक्सी का परमिट रिन्यू किया जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच संवाद को आसान बनाना है। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में लोग मराठी बोलते हैं। ऐसे में टैक्सी चालकों का स्थानीय भाषा जानना जरूरी है ताकि यात्रि
यों को बेहतर सेवा मिल सके और उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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