जिलाधिकारी की अध्यक्षता में खाद्य एवं रसद विभाग विभागीय समीक्षा बैठक सम्पन्न
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार देर सायं खाद्य एवं रसद विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। इनमें प्रचलित राशन कार्डों में आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी की प्रगति, पात्रता सूची में शामिल नए लाभार्थियों की स्थिति, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत माह जून-2026 के खाद्यान्न वितरण की प्रगति, विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्य, निलंबित एवं रिक्त उचित दर दुकानों की स्थिति, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रगति, सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था का क्रियान्वयन तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं आयुष्मान कार्ड की प्रगति प्रमुख रूप से शामिल रही।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी राशन कार्डधारकों की अवशेष ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने रिक्त उचित दर दुकानों के आवंटन से संबंधित लंबित प्रस्तावों के निस्तारण हेतु संबंधित खंड विकास अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों की उचित दर दुकानें निलंबित हैं, वहां संबंधित राशन कार्डधारकों को संबद्ध दुकानों के माध्यम से बिना किसी असुविधा के समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक संबंधित उचित दर विक्रेताओं के साथ समन्वय स्थापित करें।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देशित किया गया कि एफसीआई एवं परिवहन ठेकेदारों के साथ समन्वय स्थापित कर खाद्यान्न का उठान निर्धारित समय पर सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था के अंतर्गत परिवहन ठेकेदारों द्वारा उचित दर विक्रेताओं को उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न की प्राप्ति (रिसीविंग) अनिवार्य रूप से कराई जाए।
बैठक में उपस्थित सिंगल स्टेज परिवहन ठेकेदारों एवं उनके प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि खाद्यान्न का वितरण निर्धारित जियोफेंस के अंतर्गत ही किया जाए। वहीं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से जनपद में एलपीजी गैस की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की गई, जिस पर बताया गया कि जनपद में इन सभी आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मॉडल शॉप एवं अन्नपूर्णा भवनों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अपूर्ण भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं फिनिशिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक अन्नपूर्णा भवन निर्माण हेतु भूमि का चयन नहीं हुआ है, वहां परिवहन की दृष्टि से सुगम स्थानों तथा पंचायत भवन या विद्यालय जैसे सरकारी परिसरों के समीप भूमि का चयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने खाद्यान्न वितरण संबंधी जानकारी आमजन तक समय-समय पर पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), नगर मजिस्ट्रेट, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, एफसीआई के प्रबंधक, बीपीसीएल के मैनेजर सेल्स (एलपीजी), क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक, उचित दर विक्रेता संघ के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा सिंगल स्टेज परिवहन ठेकेदार एवं उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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जौनपुर 19 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-02
संचारी दस्तक अभियान,फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन कैंप आयोजन एवं पर्यवेक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी जौनपुर सुनील कुमार यादव द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन कैंप के तहत 18 जुलाई को ब्लॉक मुफ्तीगंज के ग्राम विजयीपुर में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सी एच ओ खुशबू मौर्या, डी ओ पाथ अमरेश कुमार एवं क्षेत्रीय आशाओं के सहयोग से फाइलेरिया हाथीपांव मरीजों के लिए रूग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कैंप आयोजित कर समस्त 10 मरीजों को रूग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण, एक्सरसाइज साफ सफाई, धुलाई आदि की जानकारी देकर रुग्णता प्रबंधन किट प्रदान की गई।
समस्त मरीजों एवं उनके परिजनों को संचारी रोगों के कारण लक्षण बचाव, मच्छरों के रोक थाम, साफ सफाई, झाड़ी की कटाई, हाथ धोने के महत्व आदि की जानकारी दी गई, पोस्टर पैम्फलेट वितरण किया गया। साथ ही अगली कड़ी में विजयीपुर ग्राम में संचारी दस्तक अभियान संबंधित गतिविधियों का पर्यवेक्षण किया गया इस दौरान आशा विजय लक्ष्मी पाठक उपस्थित रहीं। जन समुदाय को संचारी रोगों के बारे में जानकारी दी गई।
इस क्रम में प्राथमिक विद्यालय विजयीपुर स्कूल प्रिंसिपल श्रीमती प्रतीक्षा राय एवं छात्र छात्राओं के बीच भी संचारी रोगों के कारण लक्षण बचाव जांच उपचार, हाथ धोने, साफ सफाई आदि के महत्व पर चर्चा की गई। और बताया गया कि संचारी रोग उन समस्त रोगों को कहते हैं जो एक बीमार व्यक्ति से दूसरे लोगों में मच्छर, मक्खी, दूषित भोजन पानी, खुले में रखी खाद्य सामग्रियों के सेवन, छींकने, खांसने आदि से फैलते हैं जैसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया, टीबी, कुष्ठ, टाइफॉयड, हैजा, डायरिया, चेचक, स्क्रब टायफस आदि प्रमुख संचारी रोग हैं।
जनपद में संचारी दस्तक अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक तथा दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक संचालित हो रहा है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग से आशा, आंगनवाड़ी कार्यकत्री घर घर भ्रमण कर संचारी रोगों से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी तथा टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया आदि लक्षण युक्त मरीजों को चिन्हित कर उनका जांच उपचार कराने हेतु स्वास्थ्य केंद्र संदर्भित करेंगी।
संचारी रोगों से बचाव हेतु अपील – समस्त जनसमुदाय से निवेदन है कि आप अपने घरों के आस पास साफ सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न होने दें, नालियों में कूड़ा कबाड़ न डालें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें, कूलर फ्रिज की ट्रे, गमले आदि में जमा पानी सफ्ताह में एक बार अवश्य बदल दें, टंकियों को ढक कर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहने, खुली बदन न सोएं, सोते समय मच्छरदानी लगाएं, खुले में शौच न करें,खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अवश्य धोएं, बुखार हो तो तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपना निःशुल्क जांच उपचार कराएं, बुखार में देरी पड़ेगी भारी।
जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां।
शूकर, मच्छर, गंदा पानी, संचारी रोगों की रचे कहानी।
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जौनपुर 19 जुलाई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03
भू-जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कार्य करें सभी विभाग : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार देर सायं भू-जल सप्ताह-2026 के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक संचालित किए जा रहे कार्यक्रमों एवं विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन से संबंधित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता गतिविधियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष भू-जल सप्ताह की थीम “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि इस थीम के अनुरूप विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगर निकायों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करते हुए आमजन को जल संरक्षण एवं भू-जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी खण्ड विकास अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन पंचायत सचिवालयों में बैठे एवं विकास खण्ड क्षेत्रों में भ्रमण और बैठक कर जल संरक्षण एवं विकास कार्यों की समीक्षा करें साथ ही सभी विभाग अपनी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें ताकि अधिक से अधिक लोग उनसे लाभान्वित हो सकें।
बैठक में अब तक भू-जल संरक्षण के अंतर्गत किए गए कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विशेष रूप से क्रिटिकल एवं सेमी-क्रिटिकल विकास खण्डों में भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के सुदृढ़ीकरण तथा रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के व्यापक क्रियान्वयन से ही भू-जल स्तर में अपेक्षित सुधार लाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने उद्यान विभाग को भी जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद में जहां-जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं, उनकी तकनीकी जांच कर उन्हें पूर्ण रूप से क्रियाशील एवं व्यवस्थित बनाया जाए ताकि अधिकतम वर्षा जल का संचयन सुनिश्चित हो सके। साथ ही सभी नए एवं निर्माणाधीन सरकारी भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित कराया जाए। तथा जिन भवनों में यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, उन्हें मोटिवेट करते हुए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराया जाए।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र के पार्कों में स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली विकसित करने तथा भू-जल के स्थान पर उपचारित (सेकेंडरी/ट्रीटेड) जल से सिंचाई की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे भू-जल दोहन को कम किया जा सके।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों इकाइयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम प्रभावी रूप से लागू कराए जाने तथा जल के पुनः उपयोग (री-यूज) एवं पुनर्चक्रण (री-साइक्लिंग) को बढ़ावा दिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जागरूकता अभियान एवं अधिकाधिक पौधरोपण भी भू-जल संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने सभी विभागों को व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए, जिससे वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और उसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सभी विभाग जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि जनपद में भू-जल स्तर में स्थायी एवं सकारात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे वर्षा जल संचयन को अपनाएं, जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखें तथा जल की अनावश्यक बर्बादी रोककर भावी पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण में अपना सक्रिय योगदान दें।
बैठक में जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), जिला विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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