जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन एवं जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में संपन्न हुई।

    जिलाधिकारी श्री सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन एवं जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की कलेक्ट्रेट स्थित मीटिंग हॉल में संपन्न हुई।

बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में निपुण भारत मिशन की प्रगति, डीबीटी के माध्यम से बच्चों की सुविधाओं हेतु रू 1,200 की धनराशि के प्रेषण की ब्लॉकवार स्थिति, एमडीएम के वितरण एवं गुणवत्ता, विद्यालय कायाकल्प एवं 19 पैरामीटर से संतृप्तिकरण, दिव्यांग बच्चों से संबंधित सुविधाओं के सत्यापन तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से संबंधित निर्माण एवं शैक्षिक सुधार और पैरेंट्स मीटिंग की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया कि एमडीएम की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में किए जा रहे नवीन शैक्षिक नवाचारों एवं अभिभावक-शिक्षक बैठकों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के पोस्टरों एवं रचनात्मक कार्यों को कलेक्ट्रेट सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में प्रदर्शित कराया जाए, जिससे बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिल सके।

बैठक के दौरान मुफ्तीगंज ब्लॉक के एक छात्र द्वारा तैयार किए गए फाइटर जेट के मॉडल का प्रदर्शन एवं उड़ान कराई गई। छात्र की वैज्ञानिक एवं रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की और सम्मानित किया।

मड़ियाहूं ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा ब्लॉक में किए जा रहे विभिन्न शैक्षिक नवाचारों की जानकारी चित्रों एवं बिंदुवार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई। इनमें कर्सिव राइटिंग, अभिभावक गोष्ठी, साइकिल वितरण, बच्चों की पेंटिंग एवं बागवानी सहित अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियां शामिल रहीं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालयों में कक्षा शिक्षण के दौरान सभी शिक्षकों के मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक के पास जमा कराए जाएं, ताकि मोबाइल का अनावश्यक उपयोग न हो और शिक्षक अपना पूरा ध्यान कक्षा शिक्षण एवं विद्यार्थियों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित कर सकें।

उन्होंने विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ-साथ भौतिक, व्यवहारिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक विकास, खेलकूद एवं गतिविधियों, नवीन खोज तथा वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने वाली पाठ-सहगामी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को विकसित करने के निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गंगाराम गौतम, बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जनपदीय टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त जिला समन्वयक एवं एसआरजी उपस्थित रहे।

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