गंगा और यमुना का रौद्र रूप शुरू, लोगों की धड़कनें तेज

गंगा और यमुना का रौद्र रूप शुरू, लोगों की धड़कनें तेज
चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहीं, कई गांवों-मुहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी
प्रयागराज। जनपद में रौद्र रूप धारण कर चुकी गंगा और यमुना का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। दोनों नदियां चेतावनी बिंदु के एक मीटर नीचे है। रविवार सुबह आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे में गंगा का पानी 1.06 मीटर बढ़ा है। वहीं यमुना का जलस्तर इस अवधि में 67 सेमी चढ़ा है। सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 82.62 मीटर पर तो यमुना का 82.20 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया।
गंगा और यमुना में लगातार बढ़ता पानी निचले इलाकों में आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया। हालात रविवार की अपेक्षा सोमवार को और अधिक चिंताजनक हो गए। दोनों नदियों का पानी दिनभर तेजी से बढ़ता रहा। सोमवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में 82.72 मीटर पर और यमुना का जलस्तर नैनी में 82.32 मीटर पर पहुंच गया। छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.94 मीटर दर्ज किया गया। नदियों का का चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर पर और खतरे का निशान 84.734 मीटर पर है।
गंगा और यमुना चेतावनी बिंदु से लगभग मीटर नीचे है। रविवार की अपेक्षा सोमवार दोपहर तक निचले इलाकों में भरा पानी और आगे तक बढ़ गया। शाम तक आबादी के एक बड़े हिस्से तक जलभराव की आशंका है।  दारागंज में प्रभावित परिवार जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे। दारागंज से नागवासुकि की ओर जाने वाली रिंग रोड पानी में पूरी तरह डूब गई।
छोटा बघाड़ा और सलोरी क्षेत्र में भी पानी पहुंच गया। लोगों ने घरों से सामान समेटना शुरू कर दिया है। रसूलाबाद घाट तक पानी पहुंचने के कारण अंतिम संस्कार प्रभावित हो गए। अब व्यवस्था और आगे की ओर कर दी गई है। घाट पर आने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
उधर, यमुना नदी भी उफान पर है। गऊघाट, बलुआघाट और बरगदघाट के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने से लोग घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे रहने वालाें को सतर्क करना शुरू कर दिया है। मुनादी कराकर अलर्ट किया जा रहा है।

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