नोएडा में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला सामने आया, सरकारी राजस्व पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल

ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा के चोटपुर कॉलोनी और छिजारसी क्षेत्र में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध बिजली कनेक्शनों और बिजली बिल की वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि डूब क्षेत्र में नियमों के विपरीत करीब 13 हजार घरों में बिजली कनेक्शन संचालित किए जा रहे हैं। इन कनेक्शनों के जरिए हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली किए जाने की बात सामने आई है, जिससे सरकारी राजस्व और बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, चोटपुर-छिजारसी क्षेत्र के फीडर नंबर-4 से करीब 3,800 कनेक्शन वैध बताए जा रहे हैं, जबकि इसके मुकाबले लगभग 13 हजार कनेक्शन अवैध होने का दावा किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब वर्ष 2017 से डूब क्षेत्र में नए बिजली कनेक्शन देने पर रोक होने की बात सामने आती रही है, तो इतने बड़े पैमाने पर इन इलाकों में बिजली कनेक्शन कैसे संचालित हो रहे हैं।
सरकारी बिल के नाम पर निजी सिंडिकेट पर आरोप
मामले में एक कथित प्राइवेट सिंडिकेट द्वारा 13 हजार से अधिक घरों से हर महीने बिजली बिल के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली किए जाने का आरोप है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करेगा, बल्कि सरकारी राजस्व के संभावित नुकसान की भी जांच का विषय बनेगा।
बताया जा रहा है कि बिजली विभाग को इस पूरे मामले की जानकारी पहले से थी। इसके बावजूद इतने बड़े पैमाने पर कथित अवैध कनेक्शन लंबे समय तक चलते रहे। इसी वजह से अब विभागीय अधिकारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री के सामने उठा मामला
चोटपुर और छिजारसी में बिजली कनेक्शनों से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह प्रकरण मुख्यमंत्री के समक्ष हुई बैठक तक पहुंच गया। बैठक में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के CEO मनोज कुमार ने मामले को उठाते हुए पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब तलब किया।
बैठक में कथित अवैध कनेक्शनों की संख्या, उनकी अनुमति और बिजली बिल की वसूली की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए। इतने बड़े स्तर पर कनेक्शन होने के बावजूद विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान दबाव बनाने का आरोप
बिजली विभाग की ओर से यह भी बताया गया है कि क्षेत्र में कार्रवाई करने पर संबंधित लोगों की ओर से कभी धरना तो कभी घेराव के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। विभाग का दावा है कि इस मामले में पहले भी कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जा चुकी हैं और अवैध कनेक्शनों तथा बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अब मामला मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंचने के बाद उम्मीद है कि चोटपुर-छिजारसी क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध बिजली कनेक्शनों, बिल वसूली की व्यवस्था और सरकारी राजस्व के नुकसान की विस्तृत जांच होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि वर्ष 2017 से प्रतिबंधित बताए जा रहे डूब क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर बिजली कनेक्शन किसकी अनुमति या निगरानी में संचालित होते रहे।

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