नोएडा हिंसा के बाद प्रशासन हुआ अलर्ट, श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच के लिए बनेगा विस्तृत रोडमैप

ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा में हालिया हिंसक घटनाओं के बाद जिला प्रशासन अब श्रमिकों के स्वास्थ्य को लेकर सक्रिय हो गया है। मेधा रूपम आज सेक्टर-27 स्थित कैंप कार्यालय में स्वास्थ्य विभाग और निजी अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ एक अहम बैठक करेंगी, जिसमें व्यापक स्वास्थ्य जांच अभियान का रोडमैप तैयार किया जाएगा।
बैठक में चाइल्ड पीजीआई, जिला अस्पताल, ईएसआई अस्पताल सहित अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल वैन, मिनी ओपीडी और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की व्यवस्था पर चर्चा होगी।
दरअसल, नोएडा के औद्योगिक सेक्टर—फेज-1, फेज-2 और फेज-3—में संचालित करीब 11 हजार इकाइयों के हजारों श्रमिक पिछले कई दिनों से वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। 13 अप्रैल को फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया, जिसके बाद हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। देर शाम हालात काबू में आए और कई उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद शासन ने श्रमिकों की मांगों पर विचार के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया।
प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने यह भी शिकायत की कि इलाज के लिए अस्पताल जाने पर उनके वेतन में कटौती की जाती है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।
आज होने वाली बैठक में इसी दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि श्रमिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *