ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा : नोएडा में 13 अप्रैल को श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार इंजीनियर आदित्य आनंद को लेकर जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के मुताबिक, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आंदोलन के लिए पहले से तैयारी की गई थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि बिहार के हाजीपुर निवासी आदित्य आनंद ने घटना से पहले कई लोगों से संपर्क किया था। वह दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी, नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति जैसे संगठनों के संपर्क में बताया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन संगठनों से जुड़े कितने लोग इस मामले में सक्रिय थे।
सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार में आदित्य के घर की तलाशी के दौरान पुलिस को कुछ दस्तावेज और नोट्स मिले हैं। इनमें प्रदर्शन से जुड़ी योजनाओं और भूमिकाओं का जिक्र होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस इन दस्तावेजों की विस्तार से जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली के कुछ छात्र प्रदर्शन के दौरान नोएडा पहुंचे थे और श्रमिकों के बीच मौजूद थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि उनकी भूमिका क्या थी।
मामला दर्ज होने के बाद आदित्य आनंद तमिलनाडु चला गया था, जहां से उसे पुलिस और STF ने गिरफ्तार किया। फिलहाल उसे नोएडा लाकर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इसके अलावा, पुलिस आदित्य के संपर्क में रहे लोगों और जिन कंपनियों में वह पहले काम कर चुका है, वहां से भी जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों के मुताबिक, वह ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था।
वहीं, हिंसा के बाद एहतियातन कई जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था। अब स्थिति सामान्य होने पर बाहरी पुलिसकर्मियों की वापसी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले को सभी पहलुओं से जांच रही है और आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आने की संभावना है।

