प्रेम ही समाज में सौहार्द और एकता का आधार है: मुख्तार शाह
जैदपुर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की धूम, जुलूस-ए-मोहम्मदी में उमड़ा जनसैलाब
जैदपुर (बाराबंकी)। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा के यौमे विलादत के अवसर पर कस्बा जैदपुर में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी बड़े ही जोश, अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। 12 रबी-उल-अव्वल के मुबारक मौके पर निकाले गए भव्य जुलूस-ए-मोहम्मदी में हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र को नूरानी माहौल में सराबोर कर दिया। रंग-बिरंगे झंडों, नातिया कलामों और दरूद-ओ-सलाम की सदाओं के बीच निकला जुलूस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया तथा शर्बत और जलपान की व्यवस्था कर मोहब्बत व भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मुख्तार अहमद शाह ने भी शामिल होकर लोगों को ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। उन्होंने विभिन्न अंजुमनों, युवाओं और जुलूस में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लोगों का सम्मान करते हुए उन्हें इनाम प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्तार शाह ने कहा कि “ईद मिलादुन्नबी समाज में प्रेम, सौहार्द, भाईचारे और एकता को मजबूत करने का संदेश देती है। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की तालीमात इंसानियत, करुणा और आपसी सम्मान पर आधारित हैं। हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर समाज में अमन और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने और आपसी विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता है तथा ईद मिलादुन्नबी का पर्व इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाता है। उन्होंने सभी लोगों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने का आह्वान किया। जुलूस के दौरान पूरे कस्बे में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और शर्बत व तबर्रुक का वितरण किया। बड़ी संख्या में शामिल अकीदतमंदों ने नातिया कलाम पेश कर पैगंबर-ए-इस्लाम के प्रति अपनी अकीदत का इजहार किया। शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ यह आयोजन क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का प्रतीक बन गया।

