अयोध्या।(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ अयोध्या)
शासन द्वारा दलहन तेलहन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बीज गोदाम के माध्यम से वितरण करने के लिये सोहावल के मकसूमगंज बीज वितरण केंद्र पर 192 हेक्टियर सरसों,अलसी लगभग 10 हेक्टेयर और मसूर 20 हेक्टेयर का बीज किसानों में बोवाई कराने के लिए भेजा गया था।आरोप के मुताबिक इस विभाग के कर्मी जो कुछ चहेते किसानों को सत्तारुण क्षेत्रीय नेताओं के इसारे पर देकर मामलें की इतिश्री कर बीज वितरण कर बाकी बचे बीज को निजी दुकानों के माध्यम से बेच कर मोटी रकम कमाई गयी है।बीज वितरण के बारे में मीडिया के लोंगो ने जानकारी चाही तो बीज केंद्र प्रभारी ने जानकारी देने में आनाकानी किया।इसकी पोल खोलने के लिए जन सूचना के माध्यम से वितरण किये गये किसानों का नाम पता व मोबाइल नंबर की माँग किया। जिस पर जिला कृषि अधिकारी ने बीजों के उपलब्धता की सूची भेजकर कर नाम पता मोबाइल दिए जाने के लिए बीज केंद्र प्रभारी को निर्देशित किया है। आरोप है कि वर्ष 2021-22 रवी फसल में दलहन और तेलहन को बढ़ावा देने के लिए निःशुल्क बीज किसानों में वितरण के लिए शासन से मकसूमगंज बीज वितरण केंद्र पर भेजा गया केंद्र प्रभारी ने विभाग से मिली भगत कर वितरण की जो सूची बनाई उसमें सत्तारुण दल से जुड़े कुछ नेताओं के चहेतों के नाम थे। इन्हें मन वांछित कुछ बीज वितरित कर अधिकांश भाग निजी दुकानों के हवाले कर मोटी रकम का बन्दर बाट कर लिया गया।इसकी शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी ने चुप्पी साधा और लीपापोती कर पर्दा डालना चाहा तो अरथर निवासी किसान राम सुरेश सिंह व कोला निवासी लाल मोहम्मद ने जन सूचना डालकर जानकारी लिया।पहले तो सूचना देने में विभाग ने आनाकानी किया। अब जाँच का शिकंजा कसता देख जिला कृषि अधिकारी बी के सिंह ने शासन द्वारा भेजा गया बीज 4.80 कुन्तल सरसों 8 कुन्तल मसूड़ व 24 किलो ग्राम अलसी के बीज की जानकारी किसानों को भेज कर किसानों का नाम पता मोबाइल नम्बर बीज केंद्र प्रभारी को किसानों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। मानक है कि एक किलो प्रति एकड़ सरसों व एक किलो प्रति एकड़ अलसी और16 किलो प्रति एकड़ मसूर की बुवाई होती है।हिसाब से 221 हेक्टेयर में फसल लहलहनी चाहिए जो धरातल पर कही नजर नही आ रही है।इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सांसद विधायक ने कैम्प लगाकर व लिस्ट देकर बीज वितरण कराया है।किन किसानों ने फसल बोई है। किसने नहीं बोई है।इसका सत्यापन कर पाना विभाग के लिए सम्भव नहीं दिखाई दे रहा है।

