बेटी को आगे बढ़ाओ
गुड़िया कपकोटी
कपकोट, उत्तराखंड
बेटी बचाओ, बेटी को पढ़ाओ,
बेटी को तुम आगे बढ़ाओ,
बेटी को कमजोर न समझो,
उस पर कोई अत्याचार न करो,
वो माँ है, किसी की बहन है,
किसी की लाडली बेटी है वो,
उस पर कभी दबाव न डालो,
न अत्याचार कर उसे रुलाओ,
उसके मन को कभी न दुखाना,
उसके दुखों को न अनदेखा करना,
समाज के सारे दुख सहती है वो,
फिर भी हँसकर जीती है वो,
हर काम के लिए उसे मत डांटो,
उसके सपनों को कभी मत टालो,
क्यों होता है ये सब लड़की के साथ,
क्यों करता समाज अन्याय उसके साथ?
अगर बेटी को तुम रुलाओगे,
फिर जीवन भर पछताओगे,
बेटी को तुम सम्मान दिलाओ,
उसे दुनिया में आगे बढ़ाओ।।
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