मनोज कुमार पांडेय के आरोप निराधार, बैंक की सभी ऋण प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप : शाखा प्रबंधक*

*मनोज कुमार पांडेय के आरोप निराधार, बैंक की सभी ऋण प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप : शाखा प्रबंधक*

 

– *बैंक ने आरोपों का किया खंडन, कर्मचारियों से भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करने की अपील*

लखनऊ। हाल ही में एक गैर-मान्यता प्राप्त रेलवे यूनियन के महामंत्री मनोज कुमार पांडेय द्वारा नॉर्दर्न रेलवे मल्टी स्टेट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक की कार्यप्रणाली और ऋण प्रक्रिया को लेकर विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। बैंक प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए उनका खंडन किया है।

 

श्री मनोज कुमार पांडेय एक सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी हैं, जो वर्तमान में एक गैर-मान्यता प्राप्त रेलवे यूनियन के महामंत्री हैं। जबकि यूनियन के गठन के समय यह कहा गया था कि किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को पद नहीं दिया जाएगा। उन पर पूर्व में पुत्र‌के साथ मिलकर रेलवे सहित अन्य विभागों में भर्ती के नाम पर लाखों की ठगी के आरोप लग चुके हैं, जिनसे संबंधित समाचार विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जाता रहा है, उनकी प्रतियां संलग्न हैं। वर्तमान में भी उन पर श्री शिवेन्द्र प्रताप सिंह एवं श्री दीपक कुमार के साथ मिलकर रेलवे को-ऑपरेटिव बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर कथित रूप से लाखों रुपये की अवैध वसूली करने के आरोप हैं। इसके अतिरिक्त, यह भी आरोप है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे प्रयागराज स्थित 549-एच, घनश्याम नगर रेलवे कॉलोनी के रेलवे आवास का पर क़ब्ज़ा किए हुए हैं।

 

नॉर्दर्न रेलवे मल्टी स्टेट प्राइमरी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, प्रयागराज शाखा के शाखा प्रबंधक छोटे लाल वर्मा ने जारी बयान में कहा कि बैंक द्वारा रेलवे कर्मचारियों को ऋण प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और प्रचलित प्रावधानों के अनुसार संचालित की जाती है। कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर नियमों से समझौता नहीं किया जाता।

 

उन्होंने बताया कि बैंक द्वारा रेलवे कर्मचारियों को ऋण स्वीकृत करते समय डिमांड राशि का 2 प्रतिशत ईएसएफ (ESF) खाते में जमा किया जाता है। यदि किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उसी ईएसएफ खाते में उपलब्ध राशि से उसके ऋण की बकाया धनराशि का भुगतान किया जाता है, ताकि उसके परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

 

शाखा प्रबंधक छोटे लाल वर्मा ने कहा, “बैंक की सभी ऋण प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती हैं। कर्मचारियों के हितों की रक्षा हमारी प्राथमिकता है। बैंक के संबंध में लगाए गए भ्रामक आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। हम सभी कर्मचारियों और आमजन से अपील करते हैं कि वे अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें।”

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