मेडिकल कॉलेज जौनपुर में आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर निरीक्षण सम्पन्न
संवाद दाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर एवं संबद्ध जिला चिकित्सालय जौनपुर का निरीक्षण प्रो. (डॉ.) एल.डी. मिश्रा, एम.डी., पीएच.डी. (एनेस्थीसियोलॉजी), एफ.आई.सी.ए., एफ.एन.ए.एन.सी., राज्य नोडल अधिकारी एवं अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश ट्रॉमा टास्क फोर्स , चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ द्वारा किया गया।
निरीक्षण का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) एल.डी. मिश्रा द्वारा मेडिकल कॉलेज के ट्रायेज एरिया से किया गया। इसके पश्चात उन्होंने STEMI बेड, रेड जोन, येलो जोन एवं इमरजेंसी विभाग के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के कुशलक्षेम एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान पूर्व भ्रमण की तुलना में व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार पर संतोष व्यक्त किया गया।
प्रो. मिश्रा द्वारा सर्जरी ओटी, ऑर्थो ओटी, आई.सी.यू., ट्रॉमा विभाग, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, रेडियोडायग्नोसिस विभाग सहित अन्य प्रमुख विभागों में प्रतिदिन दर्ज किए जाने वाले रिकॉर्ड एवं अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। उन्होंने इमरजेंसी विभाग में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने इमरजेंसी विभाग में उपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों का त्वरित ट्रायेज कर उनकी स्थिति के अनुसार प्राथमिकता निर्धारित करते हुए समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में उपचार में होने वाला विलंब मरीज के जीवन के लिए गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकता है।
तदुपरांत प्रो. मिश्रा द्वारा संबद्ध जिला चिकित्सालय, जौनपुर के इमरजेंसी विभाग एवं रेडियोडायग्नोसिस विभाग का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही जिला महिला चिकित्सालय के लेबर रूम एवं ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं सेवाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में प्रो. मिश्रा द्वारा चिकित्सा शिक्षकों, नर्सिंग अधिकारियों, छात्र-छात्राओं एवं अन्य कर्मचारियों के समक्ष पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक प्रमुख बिंदुओं एवं कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं में त्वरित निर्णय, प्रभावी ट्रायेज, समयबद्ध उपचार, टीमवर्क, बेहतर समन्वय एवं संसाधनों के समुचित उपयोग पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो0 आर0 बी0 कमल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 ए0ए0 जाफरी, चीफ प्राक्टर प्रो0 रूचिरा सेठी, डीन एकेडमिक प्रो0 तबस्सुम याशमिन, प्रो0 उमेश सरोज, प्रो0 भारती यादव, प्रो0 साधना अजय, डा0 विनोद कुमार, डा0 अनुज सिंह, डा0 मुदित चौहान, डा0 जितेन्द्र कुमार, डा0 अरविन्द पटेल, डा0 आदर्श यादव,डा0 सरिता पाण्डेय, डा0 ममता, डा0 ले0 कर्नल सी0बी0एस0 पटेल, डा0 आनन्द सिंह, डा0 प्रियंका सिंह, डा0 पूजा पाठक, डा0 आशुतोष सिंह, डा0 अचल सिंह, डा0 चन्दभान, डा0 कुलदीप गुप्ता, डा0 संजीव यादव,डा0 दीलिप सरोज, डा0 अनिल कुमार, डा0 अवधेश गुप्ता, डा0 नाजिया, डा0 पंकज कुमार, डा0 स्तुति, डा0 अजय यादव, डा0 अर्चना चौधरी एवं अन्य चिकित्सा शिक्षक उपस्थित रहें।

