लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर दो स्मृति द्वारों का लोकार्पण, विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया उद्घाटन

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर दो स्मृति द्वारों का लोकार्पण, विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया उद्घाटन

जौनपुर,01 जून । यूपी के जौनपुर में लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को बदलापुर क्षेत्र के मरगूपुर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-731 के किनारे विधायक निधि से निर्मित “लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर स्मृति द्वार” एवं “लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति द्वार” का भव्य लोकार्पण विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की महानतम शासकों में से एक थीं। उन्होंने अपने शासनकाल में जनकल्याण, न्याय, धर्म और संस्कृति के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जीवन सेवा, त्याग और सुशासन का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी समाज और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं थीं, बल्कि नारी शक्ति, करुणा और धर्मपरायणता की सशक्त प्रतीक भी थीं। उन्होंने देशभर में मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और तीर्थस्थलों के निर्माण एवं पुनर्निर्माण का ऐतिहासिक कार्य कराया। काशी विश्वनाथ धाम, सोमनाथ मंदिर सहित अनेक धार्मिक स्थलों के विकास में उनका योगदान आज भी श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा और लोकहित के कार्यों के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। स्मृति द्वारों का निर्माण उनके महान व्यक्तित्व और कृतित्व को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, अपना दल (एस) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंचायत मंच गोकरण पटेल, डॉ. विकास पाल, उमाशंकर पाल, पवन पाल, राजनारायण पटेल, उदयभान पटेल, जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता, अजय सिंह, राजकेशर पाल, आमोद सिंह, अंशु मौर्य, राखी सिंह, पुष्पा निषाद, रागिनी सिंह, प्रदीप पटेल, सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

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