विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2026: लखनऊ में जागरूकता और ‘इम्प्लांट डेंटिस्ट्री’ कार्यशाला

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2026: लखनऊ में जागरूकता और ‘इम्प्लांट डेंटिस्ट्री’ कार्यशाला

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। राजधानी में एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ, जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता और उन्नत चिकित्सा शिक्षा का समन्वय देखने को मिला।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई ,अवसर था ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस 2026’ का, जिसे एक अनूठे तरीके से मनाया गया। इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना और दंत चिकित्सकों को ‘इम्प्लांट डेंटिस्ट्री’ के क्षेत्र में कौशल विकास का अवसर प्रदान करना था।
समारोह की शुरुआत तम्बाकू के सेवन के दुष्प्रभावों पर जोर देते हुए की गई। बताया गया कि तम्बाकू न केवल स्वास्थ्य को अंदर से खोखला करता है, बल्कि यह ओरल कैंसर (मुंह के कैंसर) और मसूड़ों की गंभीर बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। एक स्वस्थ और खुशहाल समाज की स्थापना के लिए तम्बाकू और धूम्रपान जैसी जानलेवा आदतों को छोड़ना अनिवार्य है।
इस अवसर पर ‘एकेडमी ऑफ ओरल इम्प्लांटोलॉजी स्टडी क्लब, लखनऊ’ के संस्थापक और सचिव डॉ.एम.शहीक (Dr.M.Shahique) ने आम जनता से नशामुक्त जीवन अपनाने की विशेष अपील की।
डेंटल प्रोफेशनल्स के लिए खास कार्यशाला: “Zero to Expert: Implantology Journey”
जागरूकता अभियान के साथ-साथ, दंत चिकित्सा (Dentistry) के क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय था “Zero to Expert: Implantology Journey” (इम्प्लांटोलॉजी की बुनियादी स्तर से विशेषज्ञता तक की यात्रा)। यह कार्यशाला डेंटल प्रोफेशनल्स को उन्नत तकनीकों से लैस करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
मुख्य वक्ता और उद्देश्य
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में ‘एआईएम एकेडमी स्विट्जरलैंड’ के तहत ‘इम्प्लांटस्विस’ के श्री रोहित जामवाल (North India Head ImplantSwiss India)और जाने-माने स्पीकर डॉ. राघव वर्मा (Dr. Raghav Verma) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने वहां उपस्थित डॉक्टरों और प्रतिभागियों को आधुनिक इम्प्लांट डेंटिस्ट्री की बारीकियों, नवीनतम तकनीकों और अपने समृद्ध क्लिनिकल अनुभवों के माध्यम से मार्गदर्शन किया।
डॉ.एम.शहीक ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य युवा डेंटिस्ट्स और प्रैक्टिस कर रहे डेंटल प्रोफेशनल्स को बेसिक से लेकर एडवांस ज़ाइगोमैटिक लेवल तक की इम्प्लांट तकनीकों में माहिर बनाना है, ताकि वे मरीजों को और बेहतर एवं आधुनिक इलाज प्रदान कर सकें।”
यह पूरा आयोजन एक ओर डेंटल प्रोफेशनल्स को उनकी स्किल्स अपग्रेड करने का मौका देने वाला था, तो दूसरी ओर समाज को तम्बाकू से दूरी बनाकर एक सेहतमंद जीवन शैली अपनाने का कड़ा संदेश भी दे गया। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक नारे “नशा छोड़ें, मुस्कान चुनें” के साथ हुआ।
इस हैंड-ऑन कोर्स के सुचारू एवं सफल संचालन में डॉ. एम.शहीक, डॉ. शहनवाज खान, डॉ. चंद्र प्रकाश तिवारी, डॉ. सुबोध शंकर नातू, डॉ. विजय विश्वकर्मा, डॉ. मनीषा वर्मा, प्रोफेसर.डॉ.के.के.अग्रवाल KGMC , डॉ. करिश्मा यादव एवं डॉ. शहनाज़ ,डॉ.एस.एच.मेहदी ,डॉ. विक्रम आहूजा, डॉ. विवेक सिंह आदि का विशेष योगदान रहा। प्रोफेसर डॉ. इक़बाल अली, जो इस वर्कशॉप के कोर्स अध्यक्ष हैं, एवं डॉ. रितेश कुमार, जो कोर्स सह-अध्यक्ष हैं, के कुशल नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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